Budget 2022 Income Tax Slabs and Rates Live Updates: मिडिल क्लास को हाथ लगी निराशा, आयकर में छूट का कोई ऐलान नहीं
Budget 2022 Income Tax Slabs and Rates, New & Old Income Tax Slabs and Rates for AY 2022-23 LIVE Updates: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2022 पेश किया। देश के तमाम नौकरीपेशा लोगों की नजर उनके बजट भाषण पर टिकी हुई हैं जो कोविड के कारण बदली परिस्थितियों के बाद टैक्स स्लैब में राहत की उम्मीद कर रहे थे लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी।
Budget 2022 Income Tax Slabs and Rates for AY 2022-23 LIVE Updates: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश किया। नौकरीपेशा लोगों को इनकम टैक्स स्लैब में भी बदलाव की उम्मीद थी लेकिन ऐसा नहीं हो सका। पहले कहा जा रहा था वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वर्ष 2022 के आम बजट (Union Budget 2022) में टैक्स फ्री इनकम (Tax Free Income) की सीमा बढ़ाने का ऐलान कर सकती हैं लेकिन ऐसा हो नहीं सका। कोविड के दौरान बदली परस्थितियां और बढ़ती हुई मंहगाई को लेकर मध्यम वर्ग पहले से ही आयकर में छूट की मांग कर रहा था। यहां हम आपको बजट में आयकर को लेकर होने वाली घोषणा के बारे में हर ताजा अपडेट दे रहे हैंः
मध्यम वर्ग को फिर हाथ लगी निराशा, नहीं मिली राहत
Budget 2022 Income Tax Slabs and Rates: इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं हुआ है। आइए जानते हैं आम आदमी के पास कौन से दो विकल्प मैजूद हैं। पढ़ें पूरी खबर
सहकारी समीतियों के वैकल्पिक कर में कमी
सहकारी समितियों के लिए वैकल्पिक न्यूनतम कर को 18.5% से घटाकर 15% किया गया। NPS के तहत टैक्स डिडक्शन 10% से बढ़ाकर 14% किया गया। कोऑपरेटिव टैक्स अब 12% की जगह महज 7% लिया जाएगा, सरचार्ज भी घटाया गया। वित्त मंत्री ने कहा, 'मने कर प्रणाली को और सरल बनाया है। पेश है नया अपडेटेड रिटर्न जहां लोग आईटी रिटर्न दाखिल करने के 2 साल के भीतर अपडेटेड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं'
Income Tax Slabs and Rates Live: वित्त मंत्री ने कही कर सुधारों को लेकर ये बात
महाभारत की लाइन का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री ने कहा, 'राजा को राजधर्म के अनुसार लोगों के लिए कार्य करना चाहिए। राजा को किसी भी सरकार की ढिलाई ना करते हुए और धर्म के अनुरूप करों का संग्रहण करने के साथ-साथ, राजधर्म के अनुसार शासन करके लोगों के कल्याण के लिए अवश्य व्यवस्थाएँ करनी चाहिए'
Income Tax Slabs and Rates Live: प्रीमियम पर मिलने वाली टैक्स छूट में होगी बढ़ोत्तरी
सेक्शन 80D के तहत हेल्थ इंश्योरेंस के लिए चुकाए गए प्रीमियम पर मिलने वाले टैक्स छूट में बढ़ोत्तरी कर सकती है। इसके तहत मिलने वाली छूट को दोगुना करने की पहले से ही मांग उठ रही है। अभी 80D के तहत पति-पत्नी और बच्चों के हेल्थ इंश्योरेंस के लिए चुकाए गए सालाना 25 हजार रुपए तक के प्रीमियम पर टैक्स छूट मिलती जिसमें बढ़ोत्तरी कर इसे 50 हजार किया जा सकता है।
Income Tax Slabs and Rates Live: अभी ऐसा है टैक्स सिस्टम
अगर किसी की सालाना टैक्सेबल इनकम 5 लाख रुपए तक है, तो उसे कोई इनकम टैक्स नहीं देना होता है। लेकिन अगर आपकी कमाई 5 लाख 10 हजार रुपए हुए तो आपको 10 हजार रुपए पर टैक्स देने के बजाय 5.10 लाख - 2.5 लाख = 2.60 लाख पर टैक्स देना होता है।
Income Tax Slabs and Rates Live: टैक्स में मिलेगी राहत?
कुछ विशेषज्ञों का मानना कि वित्त मंत्री टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत दे सकती हैं। बेसिक टैक्स इग्जेम्शन लिमिट को 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 3 लाख रुपये किया जा सकता है। वहीं, वरिष्ठ नागरिकों के लिए कर में छूट की लिमिट को 3 लाख से बढ़ाकर 3.5 लाख रुपये किया जा सकता है।
Income Tax Slabs and Rates Live: मिलती है 80सी के तहत ये राहत
सेक्शन 80C के तहत लाइफ इंश्योरेंस, टैक्स सेविंग म्यूचुअल फंड्स, प्रॉविडेंट फंड, पब्लिक प्रॉविडेंट फंड, हाउसिंग लोन के प्रिंसिपल रीपेमेंट, नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट, और बच्चों की ट्यूशन फीस पर टैक्स डिडक्शन मिलता है। प्रत्येक वित्त वर्ष में इसकी लिमिट 1.5 लाख रुपये है।
Income Tax Slabs and Rates Live: ऐसा है टैक्स सिस्टम
मौजूदा टैक्स सिस्टम में 7 स्लैब हैं जिसमें 2.5 लाख से 5 लाख तक की आय वालों पर 5 फीसदी टैक्स देना होता है। वहीं 5 लाख से 7.5 लाख तक की आय वालों पर 10 फीसदी टैक्स जबकि 7.5 लाख से 10 लाख रुपए तक की सालाना इनकम वालों पर 15 फीसदी टैक्स देना पड़ता है। 10 लाख रुपए से 12.5 लाख रुपए की सालाना कमाई पर 20 फीसदी टैक्स देना होता है। अगर किसी व्यक्ति की आय 12.5 लाख से 15 लाख रुपए तक की है तो उन पर 25 फीसदी टैक्स देना होता है।
Income Tax Slabs and Rates Live: अभी तक हैं ये तीन श्रेणियां
मौजूदा नियम के मुताबिक अलग अलग टैक्स स्लैब (Tax Slab) पर करों की विभिन्न दरें तय की गई हैं। पर्सनल टैक्सपेयर्स की तीन कैटेगरी तय की गई हैं जिसमें पहली है- 60 साल से कम के लोगों के लिए, दूसरी है- वरिष्ठ नागरिक यानि 60 साल से 80 साल की उम्र वाले लोगों के लिए और तीसरी है 80 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए।
Income Tax Slabs and Rates Live: स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा को 30 से 35 फीसदी तक बढ़ सकती है
बढ़ती महंगाई से परेशान लोगों के लिए आम बजट में स्टैंडर्ड डिडक्शन की लिमिट में बढ़ोतरी का भी ऐलान हो सकता है। सरकार वेतनभोगी करदाताओं और पेंशनभोगियों के लिए उपलब्ध 50,000 रुपये की स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा को 30 से 35 फीसदी तक बढ़ा सकती है।
एफडी के लॉक इन पीरियड को कम करने की मांग
इस साल बजट (Budget 2022) से सभी को काफी उम्मीदें हैं। भारतीय बैंक एसोसिएशन (IBA) ने सरकार से मांग की है कि टैक्स फ्री एफडी के लॉक-इन पीरियड को कम किया जाए। मौजूदा समय में 5 साल की एफडी पर टैक्स छूट मिलती है। इसे घटाकर 3 साल किए किए जाने की मांग हो रही है।
लोग कर रहे हैं आयकर की दरों में बदलाव की उम्मीद
कोरोना के कारण लोगों को बजट से काफी उम्मीदें हैं, क्योंकि कोरोना ने लोगों को तोड़ दिया है और कई लोग बेरोजगार भी हुए हैं। इस बार लोगों को उम्मीद है कि इनकम टैक्स के स्लैब को ढाई लाख से बढ़ाकर 5 लाख तक होगा जिससे उन्हें जीवन को जीने में आसानी होगी। शीर्ष आय स्लैब को भी मौजूदा 15 लाख रुपये से संशोधित किए जाने की संभावना है। हाल ही में केपीएमजी द्वारा किए गए एक बजट पूर्व सर्वे के अनुसार, 64 फीसदी लोगों को 2.5 लाख रुपये की बेसिक इनकम टैक्स छूट सीमा में वृद्धि की उम्मीद है।
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सभी को है कुछ ना कुछ आस
संसद में पेश होने वाले बजट 2022-23 पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं। नौकरीपेशा लोग ही नहीं बल्कि, दुकानदार व अन्य लोग इस बार उम्मीद कर रहे हैं कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण राजकोषीय मजबूती की कसौटी और लोकलुभावन उपायों के बीच एक संतुलन स्थापित कर उन्हें राहत दे।
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निर्मला सीतारमण के नाम है ये दिलचस्प रिकॉर्ड
अब तक के बजट पेश करने के इतिहास में सबसे लंबा भाषण देने का रिकॉर्ड भी वर्तमान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नाम ही दर्ज है । उन्होंने 2020 में लोक सभा में बजट पेश करते समय 2 घंटे 41 मिनट का भाषण देकर नया रिकॉर्ड बना दिया था। इससे पहले यह रिकॉर्ड एनडीए सरकार के ही एक अन्य वित्त मंत्री जसवंत सिंह के नाम दर्ज था। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के वित्त मंत्री के तौर पर बजट पेश करते समय 2003 में जसवंत सिंह ने 2 घंटे 13 मिनट तक भाषण दिया था।
जेटली ने बढ़ाई थी लिमिट
अरुण जेटली ने वर्ष 2014 के आम बजट में टैक्स फ्री इनकम की लिमिट 2 लाख रुपये प्रति वर्ष से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये कर दी थी. वरिष्ठ नागरिकों की टैक्स फ्री इनकम 2.5 लाख रुपये थी, जिसे बढ़ाकर अरुण जेटली ने 3 लाख रुपये करने का अपने बजट भाषण में ऐलान किया था। तब से लेकर अभी तक 8 साल हो चुके हैं लेकिन आयकर में छूट की सीमा पर कोई बदलाव नहीं हुआ।
मध्यम वर्ग को है इनकम टैक्स स्लैब में छूट का इंतजार
मिडिल क्लास को मिल सकती है टैक्स में छूट
टाइम्स नाउ नवभारत के सूत्रों के मुताबिक, स्टैंडर्ड डिडक्शन की लिमिट को बढ़ाया जा सकता है और इसे 50 हजार से बढ़ाकर 75 हजार रुपये तक किया जा सकता है। अगर वित्त मंत्री ऐसा करती हैं तो यह मध्यम वर्ग के लिए एक बड़ी राहत हो सकती है। इसके अलावा वर्क फ्रॉम होम करने वलों के लिए स्पेशल भत्ता मिल सकता है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बजट भाषण यहां देखें लाइव
ये है इनकम टैक्स के दो स्लैब
ये है इनकम टैक्स के दो स्लैब
| कमाई (रुपये में) | पहला विकल्प (फीसदी में) | दूसरा विकल्प (फीसदी में) |
| 2.5 लाख तक | 0 | 0 |
| 2.5 से 5 लाख तक | 5 | 5 |
| 5 से 7.5 लाख तक | 20 | 10 |
| 7.5 से 10 लाख तक | 20 | 15 |
| 10 से 12.5 लाख तक | 30 | 20 |
| 12.5 से 15 लाख तक | 30 | 25 |
| 15 लाख से अधिक लाख तक | 30 | 30 |
आयकर के दो विकल्प हैं मौजूद
फिलहाल इनकम टैक्स रिटर्न भरने के लिए सरकार ने 2 विकल्प दिए हैं। 1 अप्रैल 2020 से केंद्र सरकार ने नया ऑप्शन दिया था। नए टैक्स स्लैब में 5 लाख रुपसे से ज्यादा की आय पर टैक्स की दरें तो कम रखी गईं, लेकिन इसके तहत करदाताओं को डिडक्शन का लाभ नहीं मिलता है। वहीं पुराने टैक्स स्लैब के तहत करदाताओं को टैक्स डिडक्शन का लाभ मिलता है।
आर्थिक वृद्धि को समर्थन देने के लिए बजट में खर्च बढ़ा सकती हैं सीतारमण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जब मंगलवार को अपना चौथा आम बजट पेश करेंगी तो अनुमान है कि वह राजकोषीय सूझबूझ और वृद्धि को समर्थन के बीच संतुलन बैठाने का प्रयास करेंगी। माना जा रहा है कि अगले वित्त वर्ष का आम बजट निवेश और रोजगार सृजन के लिए खर्च बढ़ाने पर केंद्रित होगा।


