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SIP शुरू या बंद करने से पहले जान लें ये 5 जरूरी बातें, हमेशा फायदे में रहेंगे

SIP निवेशकों के दिन अच्छे नहीं चल रहे हैं। इसकी शेयर बाजार में जारी उठा-पटक है। हालांकि, ऐसा नहीं कि यह पहली बार हो रहा है। बाजार का इतिहास ही ऐसा रहा है। ऐसे में अगर आप सिप निवेशक हैं तो आपको कुछ बातों की जानकारी होनी चाहिए। आइए हम आपको कुछ सही सलाह दे रहे हैं।

SIP

सिप

इन दिनों SIP निवेशक परेशान हैं। वजह, शेयर बाजार में जारी उथल-पुथल है। इसके चलते निवेशकों को पिछले 1 साल से बिल्कुल रिटर्न नहीं मिला है। वहीं, बहुर सारे निवेशकों को निगेटिव रिटर्न भी मिला है। ऐसे में अगर आप सिप के जरिये म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं या पहले से चल रहे सिप को बंद करना चाहते हैं तो आपको कम से कम 5 बातों की जानकारी जरूरी होनी चाहिए। इससे आपको परेशानी नहीं होगी और अपने निवेश पर बेहतर रिटर्न भी ले पाएंगे।

लंबे समय के लिए ही निवेश करें

SIP सबसे अच्छा तब काम करते हैं जब समय दिया जाता है। असली पावर कंपाउंडिंग से आती है, जहां आपका रिटर्न खुद ही रिटर्न कमाना शुरू कर देता है। कई निवेशक उम्मीद करते हैं कि SIP कम समय में भी बंपर रिटर्न दे देगा। असल में, कम समय में SIP के नतीजे बहुत अलग हो सकते हैं और नेगेटिव भी हो सकते हैं। 10 से 15 सालों में, SIP ने लगभग हमेशा पॉजिटिव रिटर्न दिया है, जिसमें डबल-डिजिट रिटर्न मिलने की बहुत ज्यादा संभावना होती है। इसलिए SIP लंबे समय में पैसा बनाने के लिए हैं, न कि कम समय के लिए।

SIP रिस्क-फ्री नहीं

अगर कोई कहता है कि SIP बिल्कुल रिस्क फ्री है तो ऐसा नहीं है। मार्केट से लिंक होने के कारण यह रिस्क फ्री हो ही नहीं सकता है। यह जान लेना जरूरी है कि SIP सिर्फ रेगुलर इन्वेस्ट करने का एक तरीका है, यह म्यूचुअल फंड के नेचर को नहीं बदलता। क्योंकि म्यूचुअल फंड इक्विटी और डेट मार्केट में इन्वेस्ट करते हैं, इसलिए SIP इन्वेस्टमेंट भी मार्केट के उतार-चढ़ाव के संपर्क में आते हैं।

SIP के साथ कोई गारंटीड रिटर्न नहीं होता है। SIP उतार-चढ़ाव को मैनेज करने में मदद कर सकते हैं लेकिन मार्केट रिस्क को खत्म नहीं कर सकते।

SIP को रोकना सही फैसला नहीं

SIP जल्दी रिटर्न के लिए डिजाइन नहीं किए गए हैं। सिप हमेशा लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न देता है। इसलिए बाजार में उतार-चढ़ाव आने पर सिप रोकना सही फैसला नहीं होता है। शॉर्ट टर्म में किस्तें मिस करना बहुत ज्यादा नुकसानदायक नहीं लग सकता है, लेकिन लंबे समय में इसका असर बहुत ज्यादा हो सकता है। अगर आप 20 साल के लिए एक इक्विटी फंड में हर महीने 20,000 रुपये की SIP शुरू करते हैं जो सालाना 12 प्रतिशत कमाता है। पूरी तरह से इन्वेस्टेड रहने से संभावित रूप से 2 करोड़ रुपये के करीब कॉर्पस बन सकता है। हालांकि, अगर आपने इस 20 साल की अवधि में हर साल सिर्फ़ 1 SIP स्किप किया होता, तो इसका मतलब है कि आपने इन 20 सालों में लगभग 2 लाख रुपये कम इन्वेस्ट किए, लेकिन, आपका कुल कॉर्पस लगभग 40 लाख रुपये कम हो जाता।

कमाई के साथ सिप बढ़ाना जरूरी

रेगुलर SIP पावरफुल होती है, लेकिन स्टेप-अप SIP, जिसमें आप धीरे-धीरे अपना इन्वेस्टमेंट बढ़ाते हैं, और भी बड़ा फर्क ला सकती है। उदाहरण के लिए, किसी म्यूचुअल फंड में हर महीने 5,000 रुपये की SIP, जिस पर सालाना 12 प्रतिशत रिटर्न मिलता है, 20 सालों में लगभग 50 लाख रुपये का फंड बन सकता है। वहीं, अगर आप हर साल 10 प्रतिशत बढ़ाते हैं, तो 20 सालों में लगभग 1 करोड़ रुपये का फंड बन बन सकता है। इसलिए कमाई बढ़ने के साथ सिप बढ़ाते रखना चाहिए।

हमेशा छोटी रकम से सिप करें

सिप आपको न्यूनतम रकम से निवेश करने की सुविधा देता है। इसलिए हमेशा छोटी रकम से शुरुआत करें। इससे आप पर वित्तीय बोझ भी नहीं बढ़ेगा और बाजार में उतार-चढ़ाव आने पर आप परेशान भी नहीं होंग।

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आलोक कुमार
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभ... और देखें

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