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बांग्लादेश ने अपने 'राष्ट्रपिता' शेख मुजीबुर रहमान की तस्वीर नोटों पर से हटाई, ये तस्वीरें लगाकर जारी किए नए नोट

Bangladesh new notes without Sheikh Mujibur Rahman picture: बांग्लादेश ने नए बैंक नोट जारी किए गए, जिन पर अब देश के संस्थापक राष्ट्रपति और पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के पिता शेख मुजीबुर रहमान की तस्वीर नहीं होगी। 1971 में बांग्लादेश को पाकिस्तान से आजादी दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले मुजीबुर रहमान की 1975 में एक सैन्य तख्तापलट में हत्या कर दी गई थी। नई नोट सीरीज में किसी भी व्यक्ति की तस्वीर नहीं है। तो जानिए क्या है।

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बांग्लादेश के नए नोटो पर शेख मुजीबुर रहमान की तस्वीर हटाई गईं (तस्वीर-X)

Bangladesh new notes without Sheikh Mujibur Rahman picture : बांग्लादेश ने रविवार (1 जून 2025)को नई सीरीज के बैंकनोट जारी किए, जिनमें अब तक शामिल राष्ट्रपिता शेख मुजीबुर रहमान की तस्वीर को हटाकर पारंपरिक धरोहरों और प्राकृतिक दृश्यों की तस्वीरें शामिल की गई हैं। बांग्लादेश बैंक के प्रवक्ता आरिफ हुसैन खान ने एएफपी को बताया कि नई सीरीज में कोई मानवीय चित्र नहीं होगा, बल्कि देश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाया जाएगा।

तीन मूल्य वर्ग के नोट हुए जारी, बाकी आगे जारी होंगे

नई नोट सीरीज के तहत 9 विभिन्न मूल्यवर्गों में से तीन के नोट रविवार को जारी किए गए। ये नोट सबसे पहले ढाका स्थित केंद्रीय बैंक मुख्यालय से जारी किए जाएंगे और फिर देशभर के अन्य कार्यालयों से।

नए नोटों में क्या-क्या होगा खास?

नई डिजाइन में हिंदू और बौद्ध मंदिर, ऐतिहासिक महल, और बांग्ला कलाकार जैनुल आबेदिन की ब्रिटिश शासनकाल के बंगाल अकाल पर आधारित कलाकृति शामिल है। एक अन्य नोट में राष्ट्रीय स्मारक (नेशनल मार्टायर्स मेमोरियल) को दर्शाया जाएगा, जो पाकिस्तान से स्वतंत्रता की लड़ाई में शहीद हुए लोगों को समर्पित है।

राजनीतिक बदलाव का असर नोटों की डिजाइन पर

यह पहली बार नहीं है जब बांग्लादेश में नोटों की डिजाइन में बड़ा बदलाव हुआ है। 1972 में पूर्वी पाकिस्तान से नाम बदलकर बांग्लादेश बनने के बाद जारी पहले नोटों में देश का नक्शा था। बाद में नोटों में शेख मुजीबुर रहमान की तस्वीरें शामिल की गईं, जो बांग्लादेश के पहले राष्ट्रपति और शेख हसीना के पिता थे।

छात्र आंदोलन से सत्ता से बेदखल हुई थीं शेख हसीना

अगस्त 2024 में शेख हसीना को सरकारी नौकरी में विवादित कोटा प्रणाली के खिलाफ बड़े छात्र आंदोलन के चलते सत्ता से हटना पड़ा था। इसके बाद वह भारत आ गईं, क्योंकि देश में हिंसा और विरोध प्रदर्शन उग्र हो गए थे।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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