नई दिल्ली : सरकार ने रविवार को एलआईसी आईपीओ के लिए बाजार नियामक सेबी के पास मसौदा दस्तावेज दाखिल किया। आईपीओ के मार्च में पूंजी बाजार में आने की उम्मीद है। सेबी के पास दाखिल मसौदा रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) के अनुसार सरकार एलआईसी के 31 करोड़ से अधिक इक्विटी शेयर बेचेगी।
निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव तुहिन कांता पांडेय ने ट्वीट किया, 'एलआईसी के आईपीओ के लिए डीआरएचपी आज सेबी के पास दाखिल कर दी गई है।' सरकार का लक्ष्य मार्च तक जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को शेयर बाजारों में सूचीबद्ध करना है।
बेहद अहम है LIC का IPO
आईपीओ का एक हिस्सा एंकर निवेशकों के लिए आरक्षित होगा। साथ ही, एलआईसी के आईपीओ निर्गम का 10 प्रतिशत तक पॉलिसीधारकों के लिए आरक्षित होगा। चालू वित्त वर्ष के लिए सरकार के विनिवेश लक्ष्य में 78,000 करोड़ रुपये की कमी रहने के अनुमान के बीच सरकार के लिए एलआईसी का आईपीओ महत्वपूर्ण है।
सरकार अब तक एयर इंडिया के निजीकरण और अन्य सरकारी उपक्रमों में अपनी हिस्सेदारी बिक्री से करीब 12,000 करोड़ रुपये जुटा चुकी है। एलआईसी की 2020 में घरेलू बाजार में हिस्सेदारी 64.1 फीसदी से अधिक थी। क्रिसिल की रिपोर्ट के मुताबिक एलआईसी जीवन बीमा प्रीमियम के मामले में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी है।
रिपोर्ट के मुताबिक 2000 से पहले के दौर में एलआईसी की बाजार हिस्सेदारी 100 फीसदी थी जो धीरे-धीरे घटकर 2016 में 71.8 फीसदी पर आ गई। 2020 में एलआईसी की बाजार में हिस्सेदारी और कम होकर 64.1 फीसदी रह गई।

