Indian Economy Growth Outlook: रेटिंग एजेंसी मूडीज (global Rating Agency Moody's) ने अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आये उबाल को देखते हुये चालू वित्त वर्ष के लिये भारत के विकास दर के अनुमान को 9.5 प्रतिशत से घटाकर 9.1 प्रतिशत कर दिया है। मूडीज ने गुरुवार को अपने अनुमान में संशोधन किया। पहले एजेंसी ने विकास दर के 9.5 प्रतिशत रहने का अनुमान किया था लेकिन उसने अब इसमें 0.4 प्रतिशत की कटौती कर दी है।
अगले वित्त वर्ष 5.4 प्रतिशत रह सकती है विकास दर
भारत में भारी मात्रा में कच्चे तेल का आयात होता है और कच्चे तेल के ऊंचे भाव के कारण भारत का आयात बिल काफी अधिक बढ़ जायेगा। इसी के मद्देनजर मूडीज ने विकास दर अनुमान में कमी की है। इसी के साथ रेटिंग एजेंसी ने अगले वित्त वर्ष भारत का विकास दर 5.4 प्रतिशत रहने का अनुमान किया है।
सरकार पर बढ़ेगा वित्तीय बोझ
मूडीज ने कहा है कि भारत को अनाजों और अन्य फसलों के दाम बढ़ने का लाभ होगा क्योंकि भारत के पास पर्याप्त अनाज भंडार है और वह इसका बड़ा निर्यातक भी है। रेटिंग एजेंसी का कहना है कि ईंधन की बढ़ी कीमत और उर्वरक की लागत अधिक होने से सरकार पर वित्तीय बोझ बढ़ेगा जिसके कारण भारत सरकार को अपने नियोजित पूंजीगत व्यय को सीमित करना पड़ सकता है।

