DGCA ने स्पाइसजेट के पायलट-इन-कमांड पर लिया कड़ा एक्शन, 6 महीने के लिए सस्पेंड किया लाइसेंस

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 20, 2022, 09:34 AM IST

DGCA on SpiceJet Pilot: नागर विमानन महानिदेशालय ने स्पाइस जेट के उस पायलट- इन-कमांड का लाइसेंस 6 महीने के लिए सस्पेंड कर दिया है, जिसकी लैंडिंग के दौरान यात्री चोटिल हो गए थे।

DGCA ने स्पाइसजेट के पायलट-इन-कमांड पर लिया कड़ा एक्शन, 6 महीने के लिए सस्पेंड किया लाइसेंस
Photo Credit: ANI

DGCA on SpiceJet Pilot: सह-पायलट के इनपुट को नजरअंदाज करने के बाद नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने स्पाइसजेट की उड़ान के पायलट-इन-कमांड (PIC)पर कड़ा एक्शन लिया है। डीजीसीए ने पायलट- इन-कमांड के लाइसेंस को 6 महीने के लिए सस्पेंड कर दिया गया। दरअसल 1 मई को मुंबई से दुर्गापुर जा रहे बोइंग बी737 विमान को लैंडिंग करते समय बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ा था जिसके परिणामस्वरूप कुछ यात्रियों को चोटें आईं थीं।

क्या था मामला

मुंबई से दुर्गापुर के बीच उड़ान भरने वाले स्पाइसजेट के एक विमान बोइंग बी737 को इसी साल एक मई को लैंडिंग करने के दौरा गंभीर वायुमंडलीय विक्षोभ का सामना करना पड़ा था। विमान में झटके से केबिन में रखे सामान यात्रियों के ऊपर गिरने लगा। इस दौरान कई यात्री चोटिल हो गए जिन्हें अस्पताल में तक भर्ती करवाना पड़ा था। तब स्पाइसजेट ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताते हुए इस पर खेद व्यक्त किया था और घायलों को हर संभव चिकित्सा सहायता प्रदान की थी। इसके बाद डीजीसीए ने इसकी जांच के आदेश दे दिए थे।

क्या होता पायलट-इन-कमांड

एक विमान का पायलट इन कमांड (PIC) विमान में सवार वह व्यक्ति होता है जो पूरी उड़ान के दौरान इसके संचालन और सुरक्षा के लिए जिम्मेदार होता है। यदि किसी विमान में केवल एक प्रमाणित और योग्य पायलट है तो यह उस विशेष परिस्थिति में दो- या तीन-पायलट एयरक्रू का भी कैप्टन होता है। विशिष्ट उड़ान और उड़ान स्थितियों के लिए विमान को संचालित करने के लिए पायलट इन कमांड को कानूनी रूप से प्रमाणित होना चाहिए। किसी भी उड़ान नियम के उल्लंघन के लिए इसे ही सबसे पहले उत्तरदायी माना जाता है।

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