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E-Filing: केंद्र सरकार का एक और बड़ा कदम, ट्रेड रेमेडी जांच में ई-फाइलिंग के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च करेगी

E-Filing: केंद्र सरकार ने शनिवार को कहा कि वह ट्रेड रेमेडी जांच में इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से दस्तावेज जमा करने के लिए एक ई-फाइलिंग प्लेटफॉर्म विकसित कर रही है। यह प्लेटफॉर्म जल्द लाइव हो जाएगा, जिससे सभी पक्षकारों के लिए पारदर्शिता, दक्षता और पहुंच में आसानी होगी।

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केंद्र सरकार का एक और बड़ा कदम

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KEY HIGHLIGHTS
  • केंद्र सरकार का एक और बड़ा कदम
  • डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च करेगी
  • ट्रेड रेमेडी जांच में ई-फाइलिंग के लिए होगा

E-Filing: केंद्र सरकार ने शनिवार को कहा कि वह ट्रेड रेमेडी जांच में इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से दस्तावेज जमा करने के लिए एक ई-फाइलिंग प्लेटफॉर्म विकसित कर रही है। यह प्लेटफॉर्म जल्द लाइव हो जाएगा, जिससे सभी पक्षकारों के लिए पारदर्शिता, दक्षता और पहुंच में आसानी होगी। ट्रेड रेमेडी उस प्रोसेस को कहा जाता है, जहां सरकार घरेलू उद्योग को बचाने के लिए अनुचित ट्रेड प्रेक्टिस (विदेशी कंपनियों द्वारा डंपिंग) आदि पर एक्शन लेती है। 1995 से भारत की ओर से 1,200 से अधिक ट्रेड रेमेडी जांच की जा चुकी हैं।

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क्या होती है भूमिका

डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ ट्रेड रेमेडीज (डीजीटीआर) ने प्रभावित उद्योगों को समय पर राहत सुनिश्चित करने के लिए शीघ्रता से जांच करके, जो आमतौर पर एक वर्ष के भीतर पूरी हो जाती है, इस प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाई है।

हाल में कई गई जांच ने सोलर एनर्जी, एडवांस मटेरियल जैसे सोलर सेल और कॉपर वायर रोड जैसे घरेलू उद्योग को अनुचित व्यापार प्रथाओं से बचाने में बड़ी भूमिका अदा की है।

आठवां स्थापना दिवस

डीजीटीआर की ओर से राष्ट्रीय राजधानी में आठवां स्थापना दिवस मनाया गया, जिसमें भारतीय उद्योग को अनुचित व्यापार प्रथाओं और आयात में अचानक वृद्धि से बचाने में सात वर्षों की समर्पित सेवा को याद किया गया।

इस अवसर पर डीजीटीआर के महानिदेशक ने भारत के ट्रेड रेमेडी इकोसिस्टम की अखंडता को बनाए रखने में संगठन के अधिकारियों और कर्मचारियों की प्रतिबद्धता और अथक प्रयासों की सराहना की।

हेल्पडेक्स 2019 में हुई लॉन्च

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने कहा, "ड्यूटी और क्वांटिटेटिव प्रतिबंधों के माध्यम से डीजीटीआर ने पाम ऑयल और मेटलर्जिकल कोक जैसे उत्पादों के अचानक आयात में वृद्धि को रोका, जिससे बाजारों को स्थिर करने और औद्योगिक प्रतिस्पर्धा को बनाए रखने में मदद मिली है। अस्थिर ग्लोबल ट्रेड डायनेमिक्स के प्रति संवेदनशील मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए इसका सक्रिय होना काफी महत्वपूर्ण है।"

समान पहुंच बनाए रखने के उद्देश्य से डीजीटीआर ने 2019 में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) पर केंद्रित एक हेल्पडेक्स 2019 में लॉन्च की थी। (इनपुट - आईएएनएस)

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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