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Five Day Work Week: बैंकों में फिर उठी 5 डे वर्किंग की मांग, कर्मचारी यूनियन की दलील- ईंधन भी बचेगा, खर्च भी घटेगा

Five Day Work Week: अखिल भारतीय बैंक अधिकारी परिसंघ (AIBOC) ने सरकार से बैंकों में 5 दिन का कार्य सप्ताह लागू करने की मांग की है। इससे ईंधन बचत, खर्च में कमी, पर्यावरण संरक्षण और कर्मचारियों को राहत मिलेगी।

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अब सिर्फ 5 दिन खुलेंगे बैंक? एआईबीओसी ने पीएम मोदी को लिखा पत्र (तस्वीर-istock)

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Five Day Work Week : देश के बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के संगठन अखिल भारतीय बैंक अधिकारी परिसंघ (AIBOC) ने बैंकों में पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू करने की मांग को फिर से जोरदार तरीके से उठाया है। संगठन ने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा है कि अब बैंकिंग क्षेत्र में भी सप्ताह में केवल पांच दिन काम करने की व्यवस्था लागू की जानी चाहिए। AIBOC का कहना है कि यह फैसला केवल कर्मचारियों की सुविधा के लिए नहीं होगा, बल्कि इससे देश को आर्थिक और पर्यावरणीय स्तर पर भी फायदा मिलेगा।

खर्च कम करने और ऊर्जा बचाने का दावा

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक संगठन ने अपने पत्र में कहा कि पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू होने से ईंधन की बचत होगी और बिजली की खपत भी कम होगी। इसके साथ ही यातायात का दबाव घटेगा और पर्यावरण संरक्षण को भी मदद मिलेगी। AIBOC के अनुसार, यह कदम सरकार के ऊर्जा बचत और संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग के अभियान को मजबूत करेगा। संगठन का कहना है कि अगर सप्ताह में एक दिन बैंक बंद रहेंगे तो लाखों बैंक कर्मचारी और ग्राहक कम यात्रा करेंगे। इससे पेट्रोल और डीजल की खपत घटेगी। शहरों और कस्बों में ट्रैफिक जाम कम होगा और प्रदूषण में भी कमी आएगी। इसके अलावा बैंक शाखाओं में बिजली और अन्य संसाधनों का इस्तेमाल भी कम होगा, जिससे परिचालन खर्च घटाने में मदद मिलेगी।

बैंकिंग में वर्क फ्रॉम होम आसान नहीं

AIBOC ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र की कार्यप्रणाली अन्य कई उद्योगों से अलग है। यहां पूरी तरह ‘वर्क फ्रॉम होम’ व्यवस्था लागू करना संभव नहीं है। बैंक कर्मचारियों को शाखाओं में मौजूद रहकर नकदी प्रबंधन, ग्राहक सेवा, सरकारी योजनाओं का काम, लोन वसूली, दस्तावेजी प्रक्रिया और वित्तीय समावेशन जैसे कई जरूरी कार्य करने पड़ते हैं। संगठन ने बताया कि बैंक शाखाओं का संचालन सीधे लोगों से जुड़ा होता है। इसलिए कर्मचारियों की शारीरिक उपस्थिति जरूरी रहती है। ऐसे में यदि घर से काम करना पूरी तरह संभव नहीं है, तो पांच दिन का कार्य सप्ताह सबसे व्यवहारिक विकल्प बन जाता है।

कर्मचारियों को मिलेगा बेहतर संतुलन

AIBOC का मानना है कि पांच दिन काम और दो दिन अवकाश की व्यवस्था से कर्मचारियों को मानसिक और शारीरिक राहत मिलेगी। इससे उनके काम और निजी जीवन के बीच बेहतर संतुलन बनेगा। संगठन का कहना है कि लगातार काम के दबाव के कारण बैंक कर्मचारियों पर तनाव बढ़ रहा है। अतिरिक्त अवकाश मिलने से उनकी कार्यक्षमता और उत्पादकता भी बेहतर हो सकती है। संगठन ने यह भी कहा कि दुनिया के कई देशों और भारत के कई सरकारी व निजी क्षेत्रों में पहले से पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू है। ऐसे में बैंकिंग क्षेत्र में भी इस व्यवस्था को अपनाना समय की जरूरत है।

ग्राहकों पर असर को लेकर क्या कहा

AIBOC ने कहा कि डिजिटल बैंकिंग सेवाओं के तेजी से बढ़ने के कारण ग्राहकों की शाखाओं पर निर्भरता पहले की तुलना में कम हुई है। आज ज्यादातर बैंकिंग सेवाएं मोबाइल ऐप, इंटरनेट बैंकिंग और एटीएम के जरिए उपलब्ध हैं। ऐसे में सप्ताह में दो दिन बैंक बंद रहने से ग्राहकों को ज्यादा परेशानी नहीं होगी। संगठन के मुताबिक, जरूरी सेवाओं के लिए पहले की तरह एटीएम, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और डिजिटल प्लेटफॉर्म काम करते रहेंगे। इसलिए पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू होने के बाद भी बैंकिंग सेवाओं की उपलब्धता बनी रहेगी।

सरकार से जल्द फैसला लेने की अपील

AIBOC ने केंद्र सरकार से इस मांग पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है। संगठन का कहना है कि यह केवल कर्मचारियों की सुविधा का मामला नहीं, बल्कि राष्ट्रीय हित से जुड़ा मुद्दा है। इससे संसाधनों की बचत, पर्यावरण सुरक्षा और परिचालन खर्च में कमी जैसे कई बड़े फायदे होंगे। संगठन ने उम्मीद जताई है कि सरकार बैंक कर्मचारियों की मांग को गंभीरता से लेते हुए जल्द इस दिशा में कदम उठाएगी।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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