'पापा, मैं आपके बिना भी मजबूत लड़की बनूंगी', कोरोना से माता-पिता को खो चुकीं वनिशा बनीं CBSE टॉपर

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 4, 2021, 04:42 PM IST

Bhopal News : वनिशा ने एक कविता भी लिखी है, 'डैडी, आपके बिना मैं एक मजबूत लड़की बनूंगी।' वनिशा के दोस्त जब परीक्षा की तैयारी कर रहे थे उस समय वह माता-पिता के खोमे के सदमें और पीड़ा से गुजर रही थीं।

भोपाल : कोरोना महामारी की दूसरी लहर में एक सप्ताह के भीतर अपने माता-पिता दोनों को खो देने वाली भोपाल की वनिशा पाठक सीबीएसई बोर्ड की 10वीं की परीक्षा में 99.8 प्रतिशत अंक हासिल किया है। वनिशा दो अन्य लड़कियों के साथ शहर की टॉपर बनी हैं। माता-पिता दोनों के खोने के गम और मानसिक चुनौतियों के बीच शानदार सफलता पाने के लिए लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं। देश आज वनिशा पर गर्व कर रहा है। वनिशा ने अपने माता-पिता से किया हुआ वादा पूरा कर दिया है लेकिन खुशी के इस पल को साझा करने के लिए वे आज उनके साथ नहीं हैं। 

16 साल की उम्र में माता-पिता दोनों को खोया
16 साल की उम्र में सिर से माता-पिता दोनों का साया उठ जाना किसी भी बच्चे के लिए आगे का जीवन आसान नहीं रह जाएगा। बावजूद इतने बड़े भावनात्मक आघात के वनिशा ने घबड़ाई नहीं। उन्होंने माता-पिता के सपनों को पूरा करके दिखाया है। 'टाइम्स नाउ नवभारत' के साथ खास बातचीत में वनिशा में ने कहा कि 10वीं की रिजल्ट आने क बाद उनके मन में यही ख्याल आया कि आज उनके मम्मी-पापा का सपना पूरा हो गया। भेल के कॉर्मल कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ाई करने वाली वनिशा का कहना है कि, 'मैंने पापा और मां दोनों को एक सप्ताह के भीतर खो दिया है। मेरे सामने अंधेरा था। मुझे लगा कि मैंने अपने जीवन में सब कुछ खो दिया है। मैंने अपने छोटे भाई की तरफ देखा। मुझे लगा कि मैं अपने भाई की अब माता-पिता बन गई हूं। मैंने खुद को टूटने नहीं दिया। मुझे मजबूत बनना था और मम्मी-पापा के सपने को पूरा करना था।' 

पिता का सपना पूरा करेंगी वनिशा
वनिशा ने कहा, 'मेरे पिता मुझे आईआईटी में देखना चाहते थे अथवा वह चाहते थे कि मैं सिविल परीक्षा में सफल होऊं। अब उनका सपना मेरा सपना है।' वनिशा ने एक कविता भी लिखी है, 'डैडी, आपके बिना मैं एक मजबूत लड़की बनूंगी।' वनिशा के दोस्त जब परीक्षा की तैयारी कर रहे थे उस समय वह माता-पिता के खोमे के सदमें और पीड़ा से गुजर रही थीं। वनिशा ने अंग्रेजी, संस्कृत, विज्ञान एवं सोशल साइंस में 100 प्रतिशत अंक और गणित में 97 प्रतिशत अंक हासिल किया है। वनिशा के पिता जीतेंद्र कुमार पाठक वित्तीय सलाहकार और माता डॉक्टर सीमा पाठक सरकारी स्कूल में अध्यापक थीं। अस्पताल में वनिशा की मां का निधन 4 मई और पिता की मौत 15 मई को हुई।  

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