Janjatiya Gaurav Divas: जनजातीय महासम्मेलन में PM मोदी बोले-आदिवासी समाज के लोग देश के नायक

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 15, 2021, 02:54 PM IST

Narendra Modi rally in Bhopal : रैली में पीएम ने कहा कि आज चाहे गरीबों के घर हों, शौचालय हों, मुफ्त बिजली और गैस कनेक्शन हों, स्कूल हो, सड़क हो, मुफ्त इलाज हो, ये सबकुछ जिस गति से देश के बाकी हिस्से में हो रहा है, उसी गति से आदिवासी क्षेत्रों में भी हो रहा है।

Janjatiya Gaurav Divas: जनजातीय महासम्मेलन में PM मोदी बोले-आदिवासी समाज के लोग देश के नायक
Photo Credit: ANI

भोपाल : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि पहले की सरकारों ने जनजातीय समाज को मौके नहीं दिए लेकिन मौजूदा सरकार ने इस समाज को विकास की मुख्य धारा से जोड़ा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज के लोग देश के नायक हैं। जनजातीय समाज का भारत की संस्कृति को मजबूत करने में बहुत बड़ा योगदान रहा है। भोपाल में जनजातीय गौरव दिवस महासम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत, अपना पहला जनजातीय गौरव दिवस मना रहा है। आज़ादी के बाद देश में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर, पूरे देश के जनजातीय समाज की कला-संस्कृति, स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रनिर्माण में उनके योगदान को गौरव के साथ याद किया जा रहा है, उन्हें सम्मान दिया जा रहा है। 

आदिवासी क्षेत्रों में तेजी से हो रहा विकास

रैली में पीएम ने कहा कि आज चाहे गरीबों के घर हों, शौचालय हों, मुफ्त बिजली और गैस कनेक्शन हों, स्कूल हो, सड़क हो, मुफ्त इलाज हो, ये सबकुछ जिस गति से देश के बाकी हिस्से में हो रहा है, उसी गति से आदिवासी क्षेत्रों में भी हो रहा है। आज जब हम राष्ट्रीय मंचों से, राष्ट्र निर्माण में जनजातीय समाज के योगदान की चर्चा करते हैं, तो कुछ लोगों को हैरानी होती है। ऐसे लोगों को विश्वास ही नहीं होता कि जनजातीय समाज का भारत की संस्कृति को मजबूत करने में कितना बड़ा योगदान रहा है। 

बाबासाहेब पुरंदरे जी को याद किया

उन्होंने कहा, 'इसकी वजह ये है कि जनजातीय समाज के योगदान के बारे में या तो देश को बताया ही नहीं गया और अगर बताया भी गया तो बहुत ही सीमित दायरे में जानकारी दी गई। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि आज़ादी के बाद दशकों तक जिन्होंने देश में सरकार चलाई, उन्होंने अपनी स्वार्थ भरी राजनीति को ही प्राथमिकता दी। ‘पद्म विभूषण’बाबासाहेब पुरंदरे जी ने छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन को, उनके इतिहास को सामान्य जन तक पहुंचाने में जो योगदान दिया है, वो अमूल्य है। यहां की सरकार ने उन्हें कालिदास पुरस्कार भी दिया था।  

जनजातीय समाज के नायकों को याद किया

प्रधानमंत्री ने कहा, 'छत्रपति शिवाजी महाराज के जिन आदर्शों को बाबासाहेब पुरंदरे जी ने देश के सामने रखा, वो आदर्श हमें निरंतर प्रेरणा देते रहेंगे। मैं बाबासाहेब पुरंदरे जी को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि देता हूं। आजादी की लड़ाई में जनजातीय नायक-नायिकाओं की वीर गाथाओं को देश के सामने लाना, उसे नई पीढ़ी से परिचित कराना, हमारा कर्तव्य है। गुलामी के कालखंड में विदेशी शासन के खिलाफ खासी-गारो आंदोलन, मिजो आंदोलन, कोल आंदोलन समेत कई संग्राम हुए। गोंड महारानी वीर दुर्गावती का शौर्य हो या फिर रानी कमलापति का बलिदान, देश इन्हें भूल नहीं सकता। वीर महाराणा प्रताप के संघर्ष की कल्पना उन बहादुर भीलों के बिना नहीं की जा सकती जिन्होंने कंधे से कंधा मिलाकर लड़ाई लड़ी और बलिदान दिया। 
 

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