कोविड 19 लिए कोई दवा कारगर नहीं, हनुमान चालीसा पढ़ने से छू भी नहीं पाएगा कोरोना- कांग्रेस नेता

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 12, 2020, 04:54 PM IST

मध्य प्रदेश के एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश सक्सेना ने कहा है कि हनुमान चालीसा का पाठ करने से लोगों को कोरोना वायरस बीमारी (कोविड -19) से बचाया जा सकेगा।

कोविड 19 लिए कोई दवा कारगर नहीं, हनुमान चालीसा पढ़ने से छू भी नहीं पाएगा कोरोना- कांग्रेस नेता

सीहोर, मध्य प्रदेश: देश में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और यह संख्या अब तीन लाख के करीब पहुंचने वाली है। दुनियाभर के वैज्ञानिक इस जानलेवा वायरस की वैक्सीन के लिए प्रयोग करने में जुटे हैं लेकिन अभी तक इसमें सफलता नहीं मिल पाई है। इन सबके बीच कांग्रेस के एक नेता ने कोरोना बीमारी भगाने के लिए हनुमान चालीसा पढ़ने का सुझाव दिया है। 

ईश्वर की कृपा से बचाव संभव

मध्य प्रदेश के सीहोर से कांग्रेस के पूर्व विधायक रमेश सक्सेना का कहना है कि कोरोना के लिए मेडिकल साइंस में भी कोई कारगर वैक्सीन नहीं बन पाई है ऐसे में सर्वशक्तिमान और सबके पालनहार ईश्वर की कृपा ही मानव को संकट से बचा सकती है। मीडिया से बात करते हुए सक्सेना ने कहा, 'मैं यह दावे के साथ कह सकता हूं कि अगर किसी भी परिवार के सदस्य 11 बार हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं तो उन्हें कोरोना छू नहीं सकता है।'

नहीं छू पाएगा कोरोना

पूर्व विधायक ने कहा, 'इस समय सारा विज्ञान फेल हो चुका है। पूरा देश वैक्सीन बनाने की तैयारी कर रहे हैं लेकिन बन नहीं पा रही है। हर तरह के इलाज लोग करना चाह रहे हैं परंतु संभव नहीं हो पा रहा है। एख तरह से सब लोगों ने हार मान ली है कोरोना से। अब सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क लगाना, अपने आप को सुरक्षित रखना ही एकमात्र उपाय है। अब यदि लोग विश्वास करें तो कलयुग में हनुमान दादा साक्षात विद्यमान है..... तो हनुमान चालीसा का यदि पूरे परिवार वाले 11 दिन बैठकर पाठ करें, मुश्किल से आधा घंटा लगेगा। मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि उस परिवार को कोरोना छू तक नहीं पाएगा। हम विश्वास करें और इसका फल मिलेगा।'

पहले भी दे चुके हैं बयान

उन्होंने कहा कि हनुमान चालीसा में एक लाइन है, 'नासै रोग हरै सब पीरा, जपत निरंतर हनुमत वीरा' मतलब हनुमान जी की विधि विधान से पूजा अर्चना करने और हनुमान चालीसा का प्रतिदिन पाठ करने से सभी दुख रोग दूर हो जाते हैं। सक्सेना ने ऐसा बयान पहली बार नहीं दिया है वह पहले भी इस तरह के बयान देते रहे हैं। कुछ समय पहले उन्होंने जब राज्य में किसानों की फसल ओलावृष्टि की वजह से खत्म हुई थी तब भी उन्होंने इसी तरह का सुझाव दिया था और लोगों को हनुमान चालीसा पढ़ने की सलाह दी थी।

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