Bhopal Fraud Case: नटवरलाल ने ऐसे ठगा रिटायर्ड अधिकारी को, सजगता से बचे 10 लाख, जानिए ठगी की पूरी कहानी

Bhopal Fraud Case: एमपीइबी का अफसर बता एक रिटायर्ड अधिकारी के बैंक अकाउंट से  ठगी कर 13 लाख रुपए अपने बैंक अकाउंट में  में ट्रांसफर कर लिए। इसमें गनीमत ये रही कि, अधिकारी की सजगता से 10 लाख रूपए बच गए।

Bhopal Fraud Case
भोपाल में बिजली बिल ठीक करने को लेकर ठगी, 3 लाख पार  |  तस्वीर साभार: Representative Image
मुख्य बातें
  • ठग ने खुद को एमपीइबी का अधिकारी बताया
  • रिटार्यड अधिकारी पर दबाव बना एनी डेस्क एप डाउनलोड करवाई
  • पीड़ित के बैंक अकाउंट से 13 लाख पार कर लिए

Bhopal Fraud Case: राजधानी भोपाल में ठगी का एक अनोखा मामला सामने आया है। जिसमें नटवरलाल ने ठगी करने के लिए अपने आपको एमपीइबी का अफसर बता फोरेस्ट महकमे के एक रिटायर्ड अधिकारी के बैंक अकाउंट से  ठगी कर 13 लाख रुपए अपने बैंक अकाउंट में  में ट्रांसफर कर लिए। इसमें गनीमत ये रही कि, वन विभाग के अधिकारी की सजगता से 10 लाख रूपए बच गए। दरअसल हुआ यूं कि, ठगी के शिकार हुए अधिकारी के अकाउंट से रूपए ट्रांसफर होने का मोबाइल पर मैसेज आया।

इसके बाद उन्होंने तुरंत बैंक में कॉल कर इसकी जानकारी दी। इसके बाद बैंक के अधिकारियों ने रूपए ट्रांसफर होने के प्रोसेस पर रोक लगा दी, तो खाते से पैसे निकालने का मैसेज आते ही रिटायर्ड अफसर ने तुरंत ही बैंक को फोन किया। हालांकि इससे 10 लाख की मोटी रकम तो बच गई मगर, साइबर अपराधी 3 लाख रूपए ठगने में कामयाब रहा। पीड़ित अधिकारी ने ठगी को लेकर साइबर पुलिस में अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। साइबर पुलिस मामले को लेकर जांच में जुटी है। साइबर पुलिस आरोपी तक पहुंचने के लिए मोबाइल कॉल व अन्य तथ्य खंगाल रही है। 

एनीडेस्क एप डाउनलोड करवा की ठगी

साइबर पुलिस के अनुसार  बवाड़िया कलां के रहने वाले केशव सिंह फोरेस्ट महकमे से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। गत 30 जुलाई को उनके पास अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को एमपीइबी अधिकारी बताते हुए कहा कि आपके बिजली का बिल जमा नहीं हुआ है। इसके बाद ठग ने धमकी देते हुए कहा कि, अगर रात्रि में 9 बजे तक बिल जमा नहीं हुआ तो आपके घर का विद्युत कनेक्शन काट दिया जाएगा। इसके बाद रिटायर्ड अधिकारी ने कहा कि, उनका बिल जमा है। उन्होंने सबूत के तौर पर ठग को बिजली के जमा बिल की रसीद भी उसके व्हट्सएप पर भेजी। इसके कुछ देर बाद ठग ने फिर से कॉल कर रिटायर्ड अधिकारी को कहा कि हमारे वरिष्ठ अधिकारी आपसे बात करना चाहते हैं। इसके बाद दूसरे ठग ने कहा कि आपका बिल तो जमा है, मगर हमारे सॉफटवेयर में अपडेट नहीं है। इसलिए आपको सिस्टम में बिल अपडेट करने के लिए एनी डेस्क एप डाउनलोड करनी पड़ेगी। जिससे हम आपका बिल अपडेट करेंगे। हालांकि रिटायर्ड वन विभाग अधिकारी ने एप डाउनलोड करने से मना कर दिया। मगर दोनों ठगों ने दबाव बनाया तो उन्होंने एप डाउनलोड कर ली।

सजगता से बचे 10 लाख

साइबर पुलिस के मुताबिक एप के डाउनलोड होने के बाद आए पिनकोड को ठगों ने केशव सिंह से पूछ लिया। इसके बाद पीड़ित से अपने अकाउंट में एक रूपया ट्रांसफर करवाया। बाद में बदमाशों ने दो मिनट में उनके बैंक खाते से 13 लाख रूपए उड़ा लिए। केशव सिंह को ठगी का भान होते ही तुरंत बैंक में कॉल किया। जिस पर बैंक अधिकारियों ने त्वरित कार्यवाही कर 10 लाख का ट्रांजेक्शन तो रोक दिया। मगर ठग 3 लाख का ट्रांजेक्शन करने में कामयाब हो गए। 


 

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