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2 साल के भीतर 9 फीसदी तक कम करेंगे लॉजिस्टिक कॉस्ट, जानें और क्या बोले गडकरी

Nitin Gadkari On Logistics Cost: नीति आयोग द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में गडकरी ने कहा कि मंत्रालय कई राजमार्गों तथा एक्सप्रेसवे का निर्माण कर रहा है, जिससे भारत की लॉजिस्टिक लागत को कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, ‘‘ दो वर्षों के भीतर हम अपनी लॉजिस्टिक लागत को नौ प्रतिशत तक कम करने जा रहे हैं।’’

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भारत की ‘लॉजिस्टिक’ लागत अगले दो साल में घटकर एकल अंक में आ जाएगी।

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • 2 साल में कम होगी लॉजिस्टिक कॉस्ट
  • 9 प्रतिशत तक कम होने की उम्मीद
  • केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ये कहा

Nitin Gadkari On Logistics Cost: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत की ‘लॉजिस्टिक’ लागत अगले दो साल में घटकर एकल अंक में आ जाएगी। नीति आयोग द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में गडकरी ने कहा कि मंत्रालय कई राजमार्गों तथा एक्सप्रेसवे का निर्माण कर रहा है, जिससे भारत की लॉजिस्टिक लागत को कम करने में मदद मिलेगी।

लॉजिस्टिक लागत 9 फीसदी गिरेगी

उन्होंने कहा, ‘‘ दो वर्षों के भीतर हम अपनी लॉजिस्टिक लागत को नौ प्रतिशत तक कम करने जा रहे हैं।’’ आर्थिक शोध संस्थान ‘नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च’ (एनसीएईआर) के अनुमानों के अनुसार, वित्त वर्ष 2021-22 के लिए भारत में लॉजिस्टिक लागत सकल घरेलू उत्पाद के 7.8 प्रतिशत से 8.9 प्रतिशत के बीच थी।

वैकल्पिक ईंधन और जैव ईंधन

गडकरी ने कहा कि भारत के लिए वैकल्पिक ईंधन और जैव ईंधन के निर्यात की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने निम्न गुणवत्ता वाले कोयला के मेथनॉल बनाने के लिए उपयोगी होने की बात को भी रेखांकित किया। मंत्री ने साथ ही कहा कि उनका लक्ष्य भारतीय मोटर वाहन उद्योग को विश्व में पहले स्थान पर लाना है।

2024 में 18 लाख करोड़ रुपये

उन्होंने कहा कि भारत पिछले वर्ष जापान को पीछे छोड़कर दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मोटर वाहन बाजार बन गया था और केवल अमेरिका तथा चीन से पीछे था। गडकरी ने कहा कि भारत के मोटर वाहन उद्योग का आकार 2014 में 7.5 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2024 में 18 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा। यह उद्योग अधिकतम संख्या में रोजगार सृजन कर रहा है।

Anshuman. Sakalley
अंशुमन साकल्लेauthor

अंशुमन साकल्ले जून 2022 से टाइम्स नाउ नवभारत (www.timesnowhindi.com/) में बतौर सीनियर स्पेशल करेस्पॉन्डेंट कार्यरत हैं। ये ईएमएमसी, दैनिक भास्कर, एनडीटीवी और जी न्यूज डिजिटल में काम करने के बाद संस्थान से जुड़े। इन्हें सभी मुख्य बीट्स पर काम करने का अनुभव है और ये 12 वर्ष से भी ज्यादा इसी पेशे में गुजार चुके हैं। एक्सपर्टीज की बात करें तो ऑटो और टेक से जुड़ी तमाम खबरों का जिम्मा यही संभाल रहे हैं। ऑन ग्राउंड रिपोर्ट हो या वीडियो या फिर गाड़ियों का रिव्यू, ये हमेशा अलग-अलग एंगल से खबरों को रोचक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। भोपाल के रहने वाले अंशुमन बड़े घुमक्कड़ हैं और ये देश की लगभग सभी प्रचलित जगहों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कर चुके हैं। एनडीटीवी से लेकर अब तक इन्होंने सिर्फ ऑटोमोबाइल जगत से जुड़ी खबरों पर ही काम किया है, हालांकि कोर बीट से इतर चुनाव, बजट या किसी भी बडे इवेंट पर इन्हें बड़ी और महत्वपूर्ण खबरों की जिम्मेदारी भी दी जाती है। इन सबके अलावा राजनीति में भी इन्हें खासी दिलचस्पी है, यही वजह है कि मध्यप्रदेश की पॉलिटिक्स को ये बहुत गहराई से जानते हैं।

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