Tata Motors Hikes Prices Of Passenger Vehicles: भारतीय ऑटो इंडस्ट्री में बीते 5-6 साल से एक ट्रेंड सेट हो गया है जिसमें वाहन निर्माता ना सिर्फ कैलेंडर ईयर बदलते ही अपने वाहनों की कीमत बढ़ाते हैं, बल्कि नए वित्त वर्ष की शुरुआत में भी गाड़ियों की कीमत में इजाफा करते हैं। अप्रैल की शुरुआत में ही मारुति सुजुकी, महिंद्रा, ह्यून्दे और हीरो मोटोकॉर्प जैसी कंपनियां कीमत में बढ़ोतरी का ऐलान कर चुकी हैं। अब टाटा मोटर्स भी इस लिस्ट में शामिल हो गई है और वजह वही है जो सबने बताई, लागत मूल्य में इजाफा और बढ़ती महंगाई। बता दें कि टाटा ने इसी साल में दूसरी बार अपने वाहनों की कीमत बढ़ाई है।
कितनी बढ़ी कारों की कीमत
टाटा मोटर्स ने नई टाटा कार की खरीद को औसत 0.6 फीसदी महंगा कर दिया है, ये सब कार के मॉडल और वेरिएंट पर निर्भर करता है। हालांकि जो ग्राहक अप्रैल 2023 में कार बुक करते हैं उन्हें बढ़ी कीमत का असर नहीं होने वाला, क्योंकि बढ़े हुए दाम 1 मई 2023 से लागू किए जाएंगे। इससे पहले जनवरी में ही कंपनी ने अपनी गाड़ियों के दाम में 1.2 प्रतिशत इजाफा किया था। इसके अलावा हाल में नए बीएस6 फेज-2 और आरडीई ईंधन नियम अनिवार्य हुए हैं, इसके हिसाब से कंपनी ने अपना पूरा वाहन लाइनअप अपडेट किया है।
वाहन निर्माताओं के लिए ये काम अनिवार्य
भारत सरकार ने 1 अप्रैल 2023 से आरडीई यानी रियल टाइम एमिशन और बीएस6 फेज 2 ईंधन नियम अनिवार्य कर दिए हैं। इससे देशभर की सभी वाहन निर्माता कंपनियों को अनिवार्य रूप से अपनी गाड़ियों में एक डिवाइस लगानी पड़ रही है। ये डिवाइस ईंधन की खपत को मॉनिटर करती है और इसी वजह से कारों की उत्पादन लागत बढ़ी है। अब इस बढ़ी हुई कीमत का छोटा सा हिस्सा वाहन निर्माता महंगाई बढ़ने और लागत में इजाफे का हवाला देकर ग्राहकों से भी वसूल रहे हैं। कंपनी की नैक्सॉन और टाटा पंच इस समय डिमांड में है।
