Times Drive Auto Summit 2025: नई दिल्ली में आयोजित एचपीसीएल द्वारा प्रस्तुत टाइम्स ड्राइव ऑटो समिट एंड अवार्ड्स 2025 में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के क्षेत्र में हो रही प्रगति और चुनौतियों पर विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि भारत में आगामी इलेक्ट्रिक चार-पहिया वाहनों की रेंज 400 किलोमीटर तक होगी, जबकि इलेक्ट्रिक स्कूटरों की रेंज 120 किलोमीटर तक पहुंचने की उम्मीद है। लंबी दूरी की यात्रा के दौरान ईवी चार्जिंग की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, गडकरी ने घोषणा की कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) 670 सड़क किनारे सुविधाओं का विकास कर रहा है, जहां चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध होंगे। यह पहल हाईवे पर ईवी उपयोगकर्ताओं के लिए चार्जिंग की सुविधा बढ़ाएगी और लंबी दूरी की यात्रा को सुगम बनाएगी।
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चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में मानकीकरण की दिशा में प्रयास
गडकरी ने विभिन्न निर्माताओं द्वारा अपने-अपने चार्जर विकसित करने के कारण उत्पन्न हो रहे विखंडन पर चिंता व्यक्त की और आश्वासन दिया कि जल्द ही चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में मानकीकरण लाया जाएगा। इससे उपभोक्ताओं को किसी भी चार्जिंग स्टेशन पर अपने वाहनों को चार्ज करने में आसानी होगी, भले ही वाहन किसी भी निर्माता का हो।
फ्लैश चार्जिंग प्रणाली की सफलता और इलेक्ट्रिक बसों का प्रोडक्शन
उन्होंने बसों के लिए लागू की गई फ्लैश चार्जिंग प्रणाली की सफलता पर प्रकाश डाला, जिससे बसों को कम समय में चार्ज किया जा सकता है। गडकरी ने बताया कि भारत में 50,000 इलेक्ट्रिक बसों के निर्माण की क्षमता है, हालांकि वर्तमान में मांग एक लाख से अधिक है।
गडकरी ने इलेक्ट्रिक वाहनों की तेजी से बढ़ती मांग पर जोर देते हुए कहा कि ईवी कारों का बाजार पेट्रोल और डीजल वाहनों की तुलना में तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने अनुमान लगाया कि आगामी छह से सात महीनों में इलेक्ट्रिक कारों की कीमतें पारंपरिक ईंधन वाली कारों के बराबर हो सकती हैं, जिससे उपभोक्ताओं के लिए ईवी अपनाना और भी आकर्षक होगा।
बड़ी कंपनियों द्वारा बैटरी निर्माण की अनुमति
उन्होंने यह भी बताया कि अदानी, टाटा, मारुति, एलजी और सैमसंग जैसी प्रमुख कंपनियों को एक विशेष योजना के तहत बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी के निर्माण की अनुमति दी गई है। यह कदम भारत में इलेक्ट्रिक वाहन पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इन घोषणाओं के माध्यम से, नितिन गडकरी ने भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के भविष्य और सतत परिवहन प्रणाली की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को स्पष्ट किया।
