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गुल्लक में 6 साल तक जमा की चिल्लर, बोरे में भर ड्रीम बाइक लेने पहुंचा शख्स

  • Authored by: अंशुमन साकल्ले
  • Updated Mar 22, 2023, 05:09 PM IST

असम में गुवाहाटी का एक शख्स तब खबरों में आ गया, जब वो 90,000 रुपये की चिल्लर लेकर बाइक खरीदने डीलरशिप पहुंचा. छोटी सी दुकान चलाने वाले सैदुल हक बीते करीब 5-6 साल से गुल्लक में चिल्लर इकट्ठी कर रहे थे.

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सैदुल बाइक खरीदने के लिए बोरे में चिल्लर भरके डीलरशिप पहुंच गए.

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • चिल्लर इकट्ठी कर खरीदी ड्रीम बाइक
  • असम के रहने वाले हैं मुहम्मद सैदुल हक
  • बीते 5-6 साल से जमा कर रहे चिल्लर

Man Brings Home New Bike Which He Purchased With Coins: देशभर में हजारों लोग रोजाना बाइक खरीदते होंगे, लेकिन इनमें से ना के बराबर लोग खबरों में अपनी जगह बना पाते हैं. लेकिन असम के एक शख्स के बाइक खरीदने की खबर आप हम आपको पढ़ा रहे हैं. एएनआई की रिपोर्ट में सामने आया है कि असम में डारंग जिले के रहने वाले मोहम्मद सैदुल हक गुवाहाटी में एक दुकान चलाते हैं. वो कई साल से बाइक खरीदने का प्लान बना रहे हैं और इसके लिए करीब 6 साल से चिल्लर जमा कर रहे थे. गुल्लक में जमा करते-करते ये रकम काफी हो गई जिसके बाद सैदुल बाइक खरीदने के लिए बोरे में चिल्लर भरके डीलरशिप पहुंच गए.

चिल्लर से जुटा लिए 90,000 रुपये

चाह लिया जाएगा तो जरूरत कैसी भी हो, इंसान किसी भी तरह उसे पूरा कर ही लेता है. ऐसा की कुछ सैदुल ने किया जो बीते 5-6 साल से सिर्फ बाइक खरीदने का सपना लेकर चिल्लर जमा कर रहे थे. उन्होंने इस बारे में कहा कि आखिरकार चिल्लर जमा कर-कर के मैंने बाइक खरीद ही ली, अब में वाकई बहुत खुश हूं और मैंने अपना सपना पूरा कर लिया है.

मैंने पहले टीवी पर ऐसी खबरें देखी हैं

सैदुल ने बताया कि जितना मुश्किल काम ये सभी सिक्के जमा करना था, इससे भी मुश्किल ये था कि इतनी चिल्लर के साथ बाइक बेचेगा कौन. वैसे तो डीलरशिप ऐसा पेमेंट लेने से मना नहीं कर सकती, फिर भी कुछ डीलर्स चिल्लर में गाड़ियां नहीं बेचते. हालांकि जब अमुक डीलर को सैदुल की जानकारी मिली तो वो बहुत खुश हुए. शोरूम मालिक ने कहा कि जब वो शख्स 90 हजार रुपये की चिल्लर लाया तो मुझे बहुत खुशी हुई. मैंने पहले टीवी पर ऐसी कई खबरें भी देखी हैं.

अंशुमन साकल्ले
अंशुमन साकल्लेauthor

अंशुमन साकल्ले जून 2022 से टाइम्स नाउ नवभारत (www.timesnowhindi.com/) में बतौर सीनियर स्पेशल करेस्पॉन्डेंट कार्यरत हैं। ये ईएमएमसी, दैनिक भास्कर, एनडीटीवी और जी न्यूज डिजिटल में काम करने के बाद संस्थान से जुड़े। इन्हें सभी मुख्य बीट्स पर काम करने का अनुभव है और ये 12 वर्ष से भी ज्यादा इसी पेशे में गुजार चुके हैं। एक्सपर्टीज की बात करें तो ऑटो और टेक से जुड़ी तमाम खबरों का जिम्मा यही संभाल रहे हैं। ऑन ग्राउंड रिपोर्ट हो या वीडियो या फिर गाड़ियों का रिव्यू, ये हमेशा अलग-अलग एंगल से खबरों को रोचक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। भोपाल के रहने वाले अंशुमन बड़े घुमक्कड़ हैं और ये देश की लगभग सभी प्रचलित जगहों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कर चुके हैं। एनडीटीवी से लेकर अब तक इन्होंने सिर्फ ऑटोमोबाइल जगत से जुड़ी खबरों पर ही काम किया है, हालांकि कोर बीट से इतर चुनाव, बजट या किसी भी बडे इवेंट पर इन्हें बड़ी और महत्वपूर्ण खबरों की जिम्मेदारी भी दी जाती है। इन सबके अलावा राजनीति में भी इन्हें खासी दिलचस्पी है, यही वजह है कि मध्यप्रदेश की पॉलिटिक्स को ये बहुत गहराई से जानते हैं।

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