ED Sieses Pawan Munjal Property: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि हीरो मोटोकॉर्प के कार्यकारी अध्यक्ष पवन कांत मुंजाल ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नियमों का ‘‘उल्लंघन’’ करते हुए विदेश में अपने निजी खर्च के लिए दूसरों के नाम पर जारी विदेशी मुद्रा का इस्तेमाल किया। ईडी ने एक बयान में बताया कि उसने मुंजाल के खिलाफ धन शोधन मामले की जांच के तहत उनकी 24.95 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क कर ली है।
निजी खर्च के लिए इस्तेमाल
केंद्रीय एजेंसी ने एक बयान में कहा कि दिल्ली स्थित मुंजाल की तीन अचल संपत्तियों (भूमि) को धनशोधन रोधी अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत अस्थायी रूप से कुर्क किया गया है। मुंजाल (69) हीरो मोटोकॉर्प लिमिटेड के सीएमडी (चेयरपर्सन एवं प्रबंध निदेशक) तथा संपत्ति की कीमत करीब 24.95 करोड़ रुपये की है। ईडी ने कहा कि उसकी जांच से पता चला है कि ‘‘पवन कांत मुंजाल ने अन्य व्यक्तियों के नाम पर विदेशी मुद्रा जारी करवाई और उसका इस्तेमाल विदेश में निजी खर्च के लिए किया।’’
गुप्त रूप से ले जाता था
जांच एजेंसी ने दावा किया कि एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी ने अधिकृत डीलरों से अपने विभिन्न कर्मचारियों के नाम पर विदेशी मुद्रा निकलवाई और मुंजाल के रिलेशनशिप मैनेजर को ‘‘सौंप दी।’’ ईडी ने कहा, ‘‘पवन कांत मुंजाल की निजी/व्यावसायिक यात्राओं के दौरान उनका रिलेशनशिप मैनेजर उनके व्यक्तिगत खर्च के लिए इस विदेशी मुद्रा को गुप्त रूप से नकद/कार्ड में ले जाता था।’’
कितनी करंसी को अनुमति
जांच एजेंसी ने आरोप लगाया, ‘‘उदारीकृत प्रेषण योजना (एलआरएस) के तहत प्रति व्यक्ति पर लागू 2.5 लाख अमेरिकी डॉलर की सालाना सीमा से बचने के लिए यह तरीका अपनाया गया था।’’ आरबीआई के अनुसार, एलआरएस के तहत नाबालिगों सहित सभी निवासी व्यक्तियों को किसी भी अनुमेय चालू या पूंजी खाता लेनदेन या दोनों के संयोजन के लिए प्रति वित्तीय वर्ष (अप्रैल-मार्च) 2,50,000 अमेरिकी डॉलर तक स्वतंत्र रूप से भेजने की अनुमति है।
क्या लगाया गया आरोप
ईडी ने अगस्त में पीएमएलए के तहत एक आपराधिक मामला दर्ज करने के बाद मुंजाल और उनकी कंपनियों के खिलाफ छापेमारी की थी। यह मामला कंपनी अधिनियम 1962 के तहत दायर राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) के आरोपपत्र का संज्ञान लेने के बाद दर्ज किया गया था, जिसमें उन पर भारत से अवैध रूप से विदेशी मुद्रा ले जाने का आरोप लगाया गया था।
कार्यवाही पर लगी थी रोक
ईडी ने कहा, ‘‘अभियोजन पक्ष की ओर से दायर शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 54 करोड़ रुपये के बराबर की विदेशी मुद्रा को भारत से अवैध रूप से बाहर ले जाया गया।’’ दिल्ली उच्च न्यायालय ने तीन नवंबर को हीरो मोटोकॉर्प के चेयरमैन पवन कांत मुंजाल के खिलाफ विदेशी मुद्रा से संबंधित मामले में राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की कार्यवाही पर रोक लगा दी।
पहले 25 करोड़ की जब्ती
उच्च न्यायालय ने तीन नवंबर के एक अंतरिम आदेश में कहा कि मुंजाल को इन्हीं तथ्यों के आधार पर सीमा शुल्क, उत्पाद शुल्क और सेवा कर अपीलीय न्यायाधिकरण (सीईएसटीएटी) ने बरी कर दिया गया है। पीठ ने कहा कि इसकी जानकारी निचली अदालत और याचिकाकर्ता को नहीं दी गई थी, ऐसे में अंतरिम सुरक्षा पाने का मामला बनता है। अगस्त की छापेमारी के बाद ईडी ने विभिन्न आरोपियों से 25 करोड़ रुपये की कीमती चीजें जब्त की थीं।
40 देशों में मौजूदगी
हीरो मोटोकॉर्प एक कैलेंडर वर्ष में सबसे ज्यादा संख्या में वाहन बेचने के मामले में 2001 में दुनिया का सबसे बड़ा दोपहिया वाहन निर्माता बन गया और पिछले 20 वर्षों से इस खिताब को बरकरार रखा है। कंपनी की एशिया, अफ्रीका और दक्षिण और मध्य अमेरिका के 40 देशों में मौजूदगी है। आयकर विभाग ने कर चोरी की जांच के तहत पिछले साल मार्च में ऑटोमोबाइल कंपनी और मुंजाल पर भी छापा मारा था।
