राजस्थान के अजमेर जिले के अरांई क्षेत्र से एक बेहद दिल दहला देने वाली और दुखद खबर सामने आई है। बोराड़ा के पूर्व सरपंच और वर्तमान जिला परिषद सदस्य सुरज्ञान रामसिंह चौधरी के परिवार के साथ एक भीषण सड़क हादसा हो गया है। इस दर्दनाक हादसे में कार में अचानक आग लग जाने के कारण पूर्व सरपंच और उनकी मां सहित परिवार के कुल चार लोगों की जिंदा जलने से मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार, बोराड़ा के पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी और उनका परिवार कार से कहीं जा रहा था। इसी दौरान अरांई क्षेत्र में उनकी कार में अचानक किन्हीं कारणों से भयानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कार सवार लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका और कार देखते ही देखते आग का गोला बन गई।
इस भयावह हादसे में कार के भीतर फंसे चार लोगों की झुलसने से दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर है। यह दर्दनाक हादसा हम सभी के लिए एक बड़ा अलर्ट है कि गर्मी के मौसम में कार चलाते समय सुरक्षा को लेकर जरा सी भी लापरवाही कितनी जानलेवा साबित हो सकती है। ऐसे में आइए आज आपको बताते हैं कि गर्मी में आपकी कार आग का गोला न बने इसके लिए आपको कौन कौन से सेफ्टी टिप्स पर ध्यान देना चाहिए।
क्यों बढ़ जाते हैं कार में आग लगने के मामले?
अक्सर देखा जाता है कि भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के दिनों में गाड़ियों में आग लगने की घटनाएं तेजी से बढ़ जाती हैं। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि गर्मियों में कार के इंजन का तापमान सामान्य से कहीं ज्यादा बढ़ जाता है। ऐसे में गाड़ी में की गई कोई भी अनधिकृत या गलत मॉडिफिकेशन (जैसे बाहर से सस्ती लाइटें या हॉर्न लगवाना) शॉर्ट सर्किट की वजह बन सकती है। कार निर्माता कंपनियां गाड़ियों को एक सुरक्षित और तय मापदंड के अनुसार बनाती हैं, लेकिन जब हम बाहर से लोकल मैकेनिक से तारों की कटिंग करवाकर एक्सेसरीज लगवाते हैं, तो वह ओवरहीट होकर आग पकड़ लेती हैं। इसके अलावा, कार में नकली या घटिया क्वालिटी की सीएनजी (CNG) किट लगवाना भी एक बड़ा टाइम बम साबित हो सकता है, क्योंकि गर्मी के दिनों में गैस लीकेज का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है।
मेंटेनेंस में जरूर चेक कराएं ये चीजें
गर्मी के मौसम में गाड़ी को सुरक्षित रखने के लिए कुछ बेहद जरूरी बातों का ध्यान रखना हर कार मालिक की जिम्मेदारी है। सबसे पहले, अपनी गाड़ी की समय पर अधिकृत सर्विस सेंटर से पीरियोडिक मेंटेनेंस और सर्विसिंग जरूर करवाएं। सर्विसिंग के दौरान मैकेनिक से इंजन ऑयल, कूलेंट का स्तर और बिजली के तारों की अच्छे से जांच करने को कहें। गाड़ी में कूलेंट की कमी होने से इंजन बहुत जल्दी ओवरहीट हो जाता है, जो आग लगने की मुख्य वजहों में से एक है। इसके अलावा, चिलचिलाती धूप में कभी भी गाड़ी के अंदर लाइटर, पावर बैंक, डिओडोरेंट स्प्रे, सैनिटाइजर या कोई भी गैस वाली बोतल भूलकर भी न छोड़ें। बंद कार के अंदर का तापमान धूप में 60 से 70 डिग्री तक पहुंच जाता है, जिससे इन चीजों में ब्लास्ट हो सकता है।
फायर एक्सटिंग्विशर होना जरुरी
कार में सफर करते समय सुरक्षा के कुछ पुख्ता इंतजाम हमेशा आपके साथ होने चाहिए। हर गाड़ी में एक छोटा फायर एक्सटिंग्विशर (आग बुझाने वाला सिलेंडर) होना बेहद जरूरी है, ताकि अगर इंजन से शुरुआती धुआं निकलता दिखे, तो आग को तुरंत काबू किया जा सके। इसके साथ ही, ड्राइवर की सीट के पास एक 'कार सेफ्टी हैमर' (हथौड़ा) या सीटबेल्ट कटर जरूर रखें। दरअसल, जब कार के इलेक्ट्रिकल सिस्टम में शॉर्ट सर्किट होता है, तो गाड़ी का सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम पूरी तरह जाम हो जाता है और पावर विंडो (शीशे) भी काम करना बंद कर देते हैं। ऐसी स्थिति में कार के दरवाजे अंदर से नहीं खुलते। यदि आपके पास सेफ्टी हैमर होगा, तो आप तुरंत कार का शीशा तोड़कर बाहर निकल सकते हैं।
अगर आग लग जाए तो क्या करें?
अगर दुर्भाग्य से कभी चलती गाड़ी में अचानक आग लग जाए या धुआं निकलता दिखाई दे, तो बिल्कुल भी पैनिक (घबराएं) न हों। सबसे पहले समझदारी दिखाते हुए गाड़ी को सड़क के किनारे सुरक्षित जगह पर रोकें और तुरंत इंजन को बंद (इग्निशन ऑफ) कर दें। इंजन बंद करने से फ्यूल और बिजली की सप्लाई रुक जाती है, जिससे आग फैलने की रफ्तार धीमी हो सकती है। इसके बाद बिना एक सेकंड गंवाए कार में सवार सभी लोगों को तुरंत बाहर निकालें। यदि दरवाजे लॉक हो चुके हैं, तो कोहनी, पैर या हैमर की मदद से खिड़की का कांच तोड़ें और बाहर आएं। कार से बाहर निकलने के बाद गाड़ी से कम से कम 50 फीट की सुरक्षित दूरी पर खड़े हों और तुरंत फायर ब्रिगेड तथा एम्बुलेंस को कॉल करें। याद रखें, सावधानी और सही जानकारी ही ऐसे हादसों में आपकी और आपके परिवार की जान बचा सकती है।
