तीसरी बार भी राष्ट्रपति बनेंगे ट्रंप? अमेरिका में संविधान संशोधन की तैयारी, प्रस्ताव पेश
- Authored by: शिशुपाल कुमार
- Updated Jan 25, 2025, 07:20 AM IST
अमेरिकी संविधान में 22वां संशोधन किसी भी शख्स को दो से अधिक राष्ट्रपति कार्यकाल के लिए चुने जाने से रोकता है। अब इसी को बदले की बात कही जा रही है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति कार्यकाल का दूसरा टर्म अभी शुरू ही हुआ है, कि तीसरे टर्म की आवाज गूंजने लगी है। जबकि अमेरिकी संविधान के तहत सिर्फ दो बार राष्ट्रपति बनने का प्रवाधान है, मतलब ये ट्रंप का अंतिम कार्यकाल है। अब ट्रंप के तीसरे कार्यकाल के लिए संविधान संशोधन की बात कही जा रही है।
संविधान संशोधन का प्रस्ताव
दूसरी बार अमेरिका के राष्ट्रपति बने डोनाल्ड ट्रंप क्या तीसरा कार्यकाल भी चाहते हैं। यह सवाल तब खड़ा हुआ जब रिपब्लिकन हाउस के एक सदस्य ने अमेरिकी संविधान में संशोधन करने का एक प्रस्ताव पेश किया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस सदस्य एंडी ओगल्स ने अमेरिका के संविधान में संशोधन के लिए सदन में संयुक्त प्रस्ताव पेश किया, ताकि राष्ट्रपति को अधिकतम तीन कार्यकाल के लिए चुना जा सके। प्रस्ताव पेश करने वाले टेनेसी के सांसद ओगल्स ने एक बयान में कहा, "यह जरूरी है कि हम राष्ट्रपति ट्रंप को बाइडेन प्रशासन के विनाशकारी प्रभावों को सुधारने के लिए आवश्यक हर संसाधन प्रदान करें।"
प्रस्ताव में क्या-क्या
ओगल्स ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि ट्रंप ने 'आधुनिक इतिहास में खुद को एकमात्र ऐसे व्यक्ति के रूप में साबित किया है जो हमारे देश के पतन को रोकने और अमेरिका को महानता को दोबारा स्थापित करने के काबिल है, और उन्हें इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए आवश्यक समय दिया जाना चाहिए।" रिपब्लिकन हाउस के सदस्य ने कहा, "इस उद्देश्य से, मैं राष्ट्रपति पद के लिए 22वें संशोधन के जरिए लगाई गई सीमाओं को संशोधित करने के लिए संविधान में संशोधन का प्रस्ताव कर रहा हूं। यह संशोधन राष्ट्रपति ट्रंप को तीन कार्यकाल तक सेवा करने की अनुमति देगा, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि हमारे राष्ट्र को जिस साहसिक नेतृत्व की सख्त जरूरत है, उसे बनाए रख सकें।"
लगातार कार्यकाल वाले राष्ट्रपति को तीसरा कार्यकाल नहीं
प्रस्तावित संशोधन में सुझाव दिया गया कि एक व्यक्ति को राष्ट्रपति के रूप में अधिकतम तीन कार्यकाल की अनुमति दी जानी चाहिए। हालांकि इसमें यह भी कहा गया कि एक राष्ट्रपति जिसने लगातार दो कार्यकाल पूरे कर लिए हैं, उसे एक बार फिर से पद पर बने रहने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। इसमें यह भी कहा गया कि एक अंतरिम या कार्यवाहक राष्ट्रपति जिसने दो साल से अधिक समय तक पद संभाला हो, वह दो कार्यकाल से अधिक राष्ट्रपति नहीं रह सकता है।