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NASA की सबसे अनुभवी एस्ट्रोनॉट्स में सुनीता विलियम्स क्यों शामिल? उन्होंने स्पेस में बिताए थे इतने दिन

Sunita Williams NASA astronaut: भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री विलियम्स को 1998 में नासा ने चुना था और उन्होंने अपनी तीन उड़ानों में अंतरिक्ष में 608 दिन बिताए हैं। यह नासा के किसी अंतरिक्ष यात्री द्वारा अंतरिक्ष में बिताए गए कुल समय की सूची में दूसरे स्थान पर है। वह किसी अमेरिकी द्वारा सबसे लंबी सिंगल स्पेसफ्लाइट की लिस्ट में छठे नंबर पर हैं और नासा के एस्ट्रोनॉट बुच विल्मोर के साथ बराबरी पर हैं। दोनों ने नासा के बोइंग स्टारलाइनर और स्पेसएक्स क्रू-9 मिशन के दौरान 286 दिन पूरे किए।

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NASA की सबसे अनुभवी एस्ट्रोनॉट्स में सुनीता विलियम्स क्यों शामिल?

Sunita Williams: NASA की एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स...इनको आप ऐसे समझें कि इनका पिछला जो सिर्फ 10 दिनों का स्पेस मिशन था, वह इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर साढ़े नौ महीने तक चला। वह तमाम कारणों से समय पर वापसी सुनिश्चित नहीं कर पाईं थीं और पूरी दुनिया को उनका इंतजार था, जहां फिर वह धरती पर लौटीं। लेकिन अब उनको लेकर एक और बड़ी खबर सामने आई है कि वह 27 साल काम करने के बाद रिटायर हो गई हैं। NASA ने मंगलवार को इसकी घोषणा की और यह रिटायरमेंट पिछले क्रिसमस के ठीक बाद, 27 दिसंबर, 2025 से था।

NASA एडमिनिस्ट्रेटर जेरेड आइजकमैन ने कहा, 'सुनीता विलियम्स इंसानी स्पेसफ्लाइट में एक पायनियर रही हैं। उन्होंने स्पेस स्टेशन पर अपनी लीडरशिप से एक्सप्लोरेशन के भविष्य को आकार दिया और लो अर्थ ऑर्बिट में कमर्शियल मिशन के लिए रास्ता बनाया।' 'साइंस और टेक्नोलॉजी को आगे बढ़ाने में उनके काम ने चांद पर आर्टेमिस मिशन और मंगल की ओर बढ़ने की नींव रखी है और उनकी असाधारण उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों को बड़े सपने देखने और जो संभव है उसकी सीमाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करती रहेंगी। आपकी अच्छी तरह से हकदार रिटायरमेंट पर बधाई और NASA और हमारे देश के लिए आपकी सेवा के लिए धन्यवाद।'

अंतरिक्ष में कुल 608 दिन रहीं

भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री विलियम्स को 1998 में नासा ने चुना था और उन्होंने अपनी तीन उड़ानों में अंतरिक्ष में 608 दिन बिताए हैं। यह नासा के किसी अंतरिक्ष यात्री द्वारा अंतरिक्ष में बिताए गए कुल समय की सूची में दूसरे स्थान पर है।

वह किसी अमेरिकी द्वारा सबसे लंबी सिंगल स्पेसफ्लाइट की लिस्ट में छठे नंबर पर हैं और नासा के एस्ट्रोनॉट बुच विल्मोर के साथ बराबरी पर हैं। दोनों ने नासा के बोइंग स्टारलाइनर और स्पेसएक्स क्रू-9 मिशन के दौरान 286 दिन पूरे किए।

विलियम्स ने नौ स्पेस वॉक पूरे किए हैं, जिनका कुल समय 62 घंटे और 6 मिनट है, जो किसी भी महिला एस्ट्रोनॉट में सबसे ज्यादा है और नासा की ऑल-टाइम लिस्ट में चौथे नंबर पर है। वह अंतरिक्ष में मैराथन दौड़ने वाली पहली इंसान भी थीं।

27 सालों में 3 स्पेस मिशन

60 साल की नासा की एस्ट्रोनॉट ने 9 दिसंबर, 2006 को स्पेस शटल डिस्कवरी में STS-116 के क्रू के साथ अंतरिक्ष में अपनी पहली उड़ान भरी थी। एक्सपेडिशन 14/15 की सदस्य के तौर पर विलियम्स ने फ्लाइट इंजीनियर के तौर पर काम किया और चार स्पेस वॉक करके उस समय का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया, जो कुल 29 घंटे और 17 मिनट का था।

दूसरा मिशन छह साल बाद, 14 जुलाई 2012 को हुआ, जब विलियम्स ने कजाकिस्तान के बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से एक्सपेडिशन 32/33 के सदस्य के तौर पर 127 दिन के मिशन के लिए उड़ान भरी। विलियम्स ने स्टेशन के रेडिएटर पर अमोनिया लीक को ठीक करने और स्टेशन के सोलर पैनल से सिस्टम को पावर देने वाले एक कंपोनेंट को बदलने के लिए तीन स्पेस वॉक किए।

और तीसरा मिशन, जो सबसे लंबा साबित हुआ, उसमें विलियम्स और विलमोर ने जून 2024 में नासा के बोइंग क्रू फ्लाइट टेस्ट मिशन के हिस्से के तौर पर स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट में उड़ान भरी। वह और विलमोर एक्सपेडिशन 71/72 में शामिल हुए। दोनों अंतरिक्ष यात्री मार्च 2025 में धरती पर लौटे।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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