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'हमने यूरोप को कभी खतरे में नहीं डाला लेकिन आपने पाकिस्तान को...', कुलतारंता वार्ता में जयशंकर ने सुना दी खरी-खरी

विदेश मंत्री एस जयशंकर कुलतारंता वार्ता में हिस्सा लेने के लिए इस समय फिनलैंड में हैं। उन्होंने यह बात 'इमर्जिंग पावर्स एंड द न्यू जियोपॉलिटकल कम्पटीशन' चर्चा सत्र में यूएई की सहायक विदेश मंत्री लाना नुसेबेह और फिनलैंड की विदेश मंत्री एलीना वाल्टोनेन के साथ बातचीत के दौरान कही।

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कुलतारंता वार्ता में विदेश मंत्री एस जयशंकर।

Photo : ANI

S Jaishankar : विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान को हथियार बेचने को लेकर यूरोपीय देशों को खरी-खरी सुनाई है। जयशंकर ने गुरुवार को कहा कि यूरोप के देश पाकिस्तान को हथियार बेचते थे और पाकिस्तान (Pakistan) इन हथियारों का इस्तेमाल भारत पर हमले करने के लिए करता था। हालांकि, अभी ऐसा नहीं हो रहा है लेकिन वर्षों तक ऐसा होता रहा। विदेश मंत्री ने कहा कि बावजूद इसके भारत ने कभी यूरोप को खतरे में डालने वाली कोई चीज नहीं की। ऐसे में भारत की ओर से यहां मांग करना कि यूरोप के देश पाकिस्तान को हथियार न बेचें, तर्कसंगत बात है।

जयशंकर कुलतारंता वार्ता में हिस्सा लेने के लिए इस समय फिनलैंड में हैं। उन्होंने यह बात 'इमर्जिंग पावर्स एंड द न्यू जियोपॉलिटकल कम्पटीशन' चर्चा सत्र में यूएई की सहायक विदेश मंत्री लाना नुसेबेह और फिनलैंड की विदेश मंत्री एलीना वाल्टोनेन के साथ बातचीत के दौरान कही।

रणनीतिक साझेदारी पर बातचीत हुई

इससे पहले विदेश मंत्री ने गुरुवार को अपनी फिनलैंड की समकक्ष एलिना वाल्टोनेन के साथ भारत-फिनलैंड के बीच रणनीतिक साझेदारी पर बातचीत की और उभरते प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की। जयशंकर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, 'व्यापार और निवेश को गहरा करने के साथ-साथ अपने राजनीतिक जुड़ाव की गति को बनाए रखने पर सहमति बनी।’ पोस्ट के अनुसार, दोनों मंत्रियों ने स्टार्टअप, कृत्रिम बुद्धिमत्ता(एआई), सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिज, क्वांटम प्रौद्योगिकी, 6जी, स्वच्छ ऊर्जा और अंतरिक्ष के क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा की।

फिनलैंड और भारत के बीच उत्कृष्ट द्विपक्षीय संबंध

जयशंकर से मुलाकात के बाद वाल्टोनेन ने सोशल मीडिया पोस्ट में दोहराया, 'फिनलैंड और भारत के बीच उत्कृष्ट द्विपक्षीय संबंध हैं। हम अपने व्यापारिक संबंधों को और गहरा करना जारी रखेंगे और डिजिटलीकरण और स्थिरता में अपार संभावनाएं देखते हैं।’यह बैठक फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब की इस वर्ष की शुरुआत में भारत यात्रा के दौरान भारत और फिनलैंड द्वारा द्विपक्षीय संबंधों को डिजिटलीकरण और स्थिरता के क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने के कुछ महीनों बाद हुई है।

'स्वर्ण युग’में प्रवेश कर रहे भारत-यूरोप के संबंध

उस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और स्टब ने साझेदारी की घोषणा की थी, जिसमें मोदी ने कहा था कि भारत और यूरोप के बीच संबंध एक 'स्वर्ण युग’ में प्रवेश कर रहे हैं, एक ऐसी भावना जिसे जनवरी में भारत-यूरोपी संघ मुक्त व्यापार समझौते के संपन्न होने से और बल मिला। लगभग दो दशकों की बातचीत के बाद संपन्न इस समझौते में दो अरब लोगों का बाजार और वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लगभग एक चौथाई हिस्सा शामिल है।

फिनलैंड में 14वीं कुलतारंता वार्ता

द्विपक्षीय बैठक के बाद जयशंकर 'परिवर्तनशील दुनिया: वैश्विक, क्षेत्रीय और स्थानीय परिप्रेक्ष्य’विषय पर आधारित 14वें कुलतारंता वार्ता में भाग लेंगे और फिनलैंड के नेतृत्व और अन्य प्रतिभागियों के साथ बातचीत करेंगे। फिनलैंड के राष्ट्रपति द्वारा आयोजित इस वार्षिक संवाद में वरिष्ठ नेता और नीति निर्माता वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा करने के लिए एकत्रित होते हैं।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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