Shehbaz Sharif : आतंकवाद को अपनी धरती पर पालने-पोसने वाला पाकिस्तान यदि यह कहता है कि कि वह इसके खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है, तो यह हास्यास्पद बात लगती है। दुनिया जानती है कि वह आतंकवाद को अपनी विदेश नीति की एक नीति की तरह आगे बढ़ाता आया है। पाकिस्तान के मंत्री आतंकियों को संरक्षण देने और उनकी मदद करने की बात कबूल कर चुके हैं लेकिन सीमा पार से होने वाले आतंकवाद पर भारत की समाचार एजेंसी ANI ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से जब सवाल किया तो उन्होंने वही 'घिसा-पिटा' जवाब दिया।
'हम सीमा पार के आतंकवाद को हरा रहे हैं'
यूएन की इमारत में दाखिल होते समय एएनआई की रिपोर्टर ने शहबाज से सवाल किया कि आप सीमा पार से आतंकवाद कब रोक रहे हैं? इस सवाल पर शहबाज ने कहा कि 'हम सीमा पार के आतंकवाद को हरा रहे हैं और हम उन्हें हरा रहे हैं।' इस जवाब पर एएनआई की रिपोर्टर ने कहा कि 'सर, भारत आपको हरा रहा है।'
आतंकवाद पर भारतीय राजनयिक ने पाक को लताड़ा
इससे पहले आतंकवाद और कश्मीर के मुद्दे पर भारत की ओर से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को करारा जवाब दिया गया। शरीफ के भाषण पर जवाब देने के अपने अधिकार का उपयोग करते हुए, भारतीय राजनयिक पटेल गहलोत ने कहा, 'माननीय अध्यक्ष, इस सभा ने आज सुबह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की ओर से बेतुकी नौटंकी देखी, जिन्होंने एक बार फिर आतंकवाद का महिमामंडन किया, जो उनकी विदेश नीति का केन्द्रीय हिस्सा है। हालांकि, न तो किसी स्तर का नाटक और न ही झूठ का कोई भी स्तर तथ्यों को छुपा सकता है। यही वह पाकिस्तान है जिसने 25 अप्रैल 2025 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में 'रेजिस्टेंस फ्रंट'—एक पाकिस्तानी प्रायोजित आतंकी संगठन—को भारत के केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों के नरसंहार की जिम्मेदारी से बचाया।
हास्यास्पद दलीलें पेश करता है पाकिस्तान
पटले ने आगे कहा, 'माननीय अध्यक्ष, एक ऐसा देश जो लंबे समय से आतंकवाद फैलाने और निर्यात करने की परंपरा में डूबा हुआ है, उसमें इतनी भी शर्म नहीं कि वह इसके लिए सबसे हास्यास्पद दलीलें पेश करता है। याद कीजिए, यही पाकिस्तान था जिसने ओसामा बिन लादेन को एक दशक तक अपने यहां छिपाए रखा जबकि दुनिया को यह दिखाता रहा कि वह आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में साझेदार है। इसके मंत्रियों ने हाल ही में स्वीकार किया है कि वे दशकों से आतंकी शिविर चला रहे हैं। इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि यह दोहरा रवैया एक बार फिर सामने आया है।'
ये लोग आतंकियों को श्रद्धांजलि देते हैं-पटेल
भारतीय राजनयिक ने कहा, 'एक तस्वीर हजार शब्दों के बराबर होती है और हमने कई तस्वीरें देखीं—बहावलपुर और मुरिदके के आतंकी परिसरों में भारतीय बलों द्वारा ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मारे गए आतंकवादियों की। जब वरिष्ठ पाकिस्तानी सैन्य और असैन्य अधिकारी सार्वजनिक रूप से ऐसे कुख्यात आतंकवादियों का गुणगान करते हैं और उन्हें श्रद्धांजलि देते हैं, तो क्या इस शासन की प्रवृत्ति पर कोई संदेह रह जाता है? पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने हालिया भारत-पाक संघर्ष पर भी एक अजीबोगरीब कहानी गढ़ी। लेकिन इस विषय पर रिकॉर्ड स्पष्ट है। 9 मई तक पाकिस्तान भारत पर और हमले की धमकी दे रहा था, लेकिन 10 मई को उनकी सेना ने स्वयं हमसे लड़ाई रोकने की गुहार लगाई।'
उन्होंने कहा कि 'माननीय अध्यक्ष, भारत और पाकिस्तान लंबे समय से सहमत हैं कि उनके बीच कोई भी लंबित मुद्दा द्विपक्षीय रूप से ही सुलझाया जाएगा। इसमें किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं है। यह हमारा पुराना और दृढ़ राष्ट्रीय दृष्टिकोण है।'
