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Ring of Fire के पास बसे देशों वेनेजुएला, चिली, जापान और PNG में ही क्यों आते हैं बड़े और विनाशकारी भूकंप

वेनेजुएला में एक के बाद एक दो विनाशकारी भूकंप आए, जिससे राजधानी काराकस में भारी नुकसान हुआ है। फिर जापान, कैलिफोर्नियां और PNG में भी अलग-अलग समय पर भूकंप आए। आखिर रिंग ऑफ फायर में इतने भूकंप क्यों आते हैं।

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रिंग ऑफ फायर पर मौजूद कई देशों में आज भूकंप के झटके आए
Authored by: Digpal Singh
Updated Jun 25, 2026, 17:12 IST

Venezuela Earthquake: भारतीय समय के अनुसार आज यानी गुरुवार सुबह (वेनेजुएला में बुधवार शाम) एक के बाद एक दो भीषण भूकंप से वेनेजुएला की धरती कांप गई। पहला भूकंप 7.2 तीव्रता का था, जबकि लगभग 39 सेकेंड बाद आया दूसरा भूकंप 7.5 तीव्रता का। एक के बाद एक आए इन दोनों भूकंपों ने वेनेजुएला की राजधानी काराकस और अन्य इलाकों में भारी तबाही मचा दी। करीब 20 मिनट बाद वेनेजुएला के ही Caucagüito मे 4.5 तीव्रता का एक और भूकंप महसूस किया गया। अभी वेनेजुएला से नुकसान की खबरें आनी शुरू ही हुई थीं कि जापान के कुजी में 6.9 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए। इसके बाद अलग-अलग समय पर कैलिफोर्नियां, अलास्का, जापान के कुजी में दूसरा झटका, चिली के कलामा, अलास्का के निनिलचिक, जापान के शिकाबे, फिलिपीन्स से सारांगनी, कैलिफोर्नियां के पैट्रोलिया, वेनेजुएला के Guatire और पापुआ न्यू गिनी (PNG) के Kokopo में भी 2.4 से 5.4 तीव्रता तक के भूपंक के झटके महसूस किए गए।

जिन देशों में आज भूकंप आए, जिनका हमने ऊपर जिक्र किया है... अब जरा उनकी लोकेशन पर गौर करें। चिली, वेनेजुएला से लेकर कैलिफोर्नियां, अलास्का, जापान, फिलिपीन्स और पापुआ न्यू गिनी तक सभी देश और इलाके प्रशांत महासागर से जुड़े हैं या उसके बेहद करीब हैं। आप जानते ही होंगे कि प्रशांत महासागर से जुड़े लगभग सभी देश रिंग ऑफ फायर (Ring of Fire) के तहत आते हैं।

Venezuala Earthquake special.

Venezuala Earthquake special.

क्या है रिंग ऑफ फायर?

एक ही दिन में प्रशांत महासागर से लगे इतने देशों में भूकंप के झटके आखिर क्यों महसूस हुए। ये रिंग ऑफ फायर है क्या? इन्हीं प्रश्नों के उत्तर अगर आप खोज रहे हैं तो उनका उत्तर भी हम यहा दे रहे हैं। दरअसल रिंग ऑफ फायर, ज्वालामुखी, भूगर्भीय हलचल और भूकंपों की एक पूरी लड़ी है, जो प्रशांत महासागर से जुड़े देशों से गुजरती है। आपको जानकर हैरानी होगी कि दुनियाभर में आने वाले भूकंपों में से 90 फीसद इसी रिंग ऑफ फायर में आते हैं। शायद ही कोई दिन होता होगा, जब रिंग ऑफ फायर के अतर्गत आने वाले किसी न किसी देश में कोई छोटा-मोटा भूकंप न आता हो। एक और चौंकाने वाली जानकारी ये है कि धरती पर मौजूद 75 फीसद एक्टिव ज्वालामुखी भी इसी रिंग ऑफ फायर में मौजूद हैं।

कैसी दिखती है रिंग ऑफ फायर

रिंग ऑफ फायर सुन और पढ़कर कहीं आप ये अंदाजा तो नहीं लगा रहे कि यह किसी रिंग यानी अंगूठी के आकार का होगा। जी नहीं, दक्षिण अमेरिका के दक्षिणी तट से शुरू होकर फिजी तक रिंग ऑफ फायर, किसी घोड़े की नाल के आकार की दिखती है। यह कुल 40 हजार किलोमीटर लंबी है।

रिंग ऑफ फायर पर आज आए भूकंप (फोटो - USGS Grab)

रिंग ऑफ फायर पर आज आए भूकंप (फोटो - USGS Grab)

रिंग ऑफ फायर में क्यों आते हैं विनाशकारी भूकंप?

रिंग ऑफ फायर भूकंप के लिहाज से बहुत ही संवेदनशील है और यह प्लेट टेक्टोनिक्स के कारण है। प्लेट टेक्टोनिक्स कुछ और नहीं बल्कि भूपर्पटी (Earth's Crust) के बड़े-बड़े हिस्से हैं। जो एक दूसरे से किसी पजल के हिस्सों की तरह आपस में जुड़े हैं। टेक्टोनिक प्लेट्स स्थिर नहीं है, बल्कि यह मेंटल (Mantle) नाम की ठोस और पिघली हुई चट्टानों की परत के ऊपर लगातार घूमती रहती हैं। ये प्लेटें आपस में टकराती हैं, एक-दूसरे से दूर हटती हैं और एक-दूसरे के बगल से रगड़ खाते हुए गुजरती हैं। रिंग ऑफ फायर में ऐसी भूगर्भीय गतिविधियां होती रहती हैं, जिसके कारण यहां अक्सर भूकंप आते रहते हैं।

रिंग ऑफ फायर में कितने ज्वालामुखी हैं?

रिंग ऑफ फायर में कुल 452 ज्वालामुखी हैं। यह ज्वालामुखी दक्षिण अमेरिका के दक्षिणी हिस्से से शुरू होकर उत्तरी अमेरिका के प्रशांत तट, बेरिंग स्ट्रेट, जापान और न्यूजीलैंड तक फैले हुए हैं। हालांकि, अंटार्कटिका में मौजूद कई सुप्त और एक्टिव ज्वालामुखी इस रिंग को नीचे की तरफ से भी बंद कर देते हैं।

रिंग ऑफ फायर पर दुनिया के 75 फीसद एक्टिव ज्वालामुखी

रिंग ऑफ फायर पर दुनिया के 75 फीसद एक्टिव ज्वालामुखी

रिंग पर फायर पर मौजूद एक्टिव ज्वालामुखी

रिंग ऑफ फायर में न्यूजीलैंड का माउंट रुआपेहू, इंडोनेशिया का क्राकाटोआ, जापान का माउंट फूजी और अमेरिका का माउंट सेंट हेलेंस जैसे कई सक्रिय ज्वालामुखी मौजूद हैं। मेक्सिको का पोपोकेटेपेटल ज्वालामुखी भी दुनिया के सबसे खतरनाक ज्वालामुखियों में से एक है, क्योंकि इसके आसपास करोड़ों लोग रहते हैं।

ज्लावामुखी कैसे एक्टिव होते हैं?

जब दो टेक्टोनिक प्लेटें आपस में टकराती हैं, तो इसे 'कन्वर्जेंट बाउंड्री' कहा जाता है। इस टकराव के दौरान भारी प्लेट, हल्की प्लेट के नीचे धंस जाती है, जिससे मैग्मा बनता है और ज्वालामुखी सक्रिय होते हैं। दक्षिण अमेरिका के एंडीज पर्वत और अलास्का के एल्युटियन द्वीप इसी प्रक्रिया से बने हैं। जबकि 'डाइवर्जेंट बाउंड्री' पर प्लेटें एक-दूसरे से दूर खिसकती हैं, जिससे समुद्र तल पर नई क्रस्ट का निर्माण होता है। ईस्ट पैसिफिक राइज डाइवर्जेंट बाउंड्री का प्रमुख केंद्र माना जाता है। इसके अलावा 'ट्रांसफॉर्म बाउंड्री' पर प्लेटें एक-दूसरे के समानांतर खिसकती हैं। इससे वहां पर भारी तनाव पैदा होता है और इसी के कारण अचानक भूकंप आते हैं। उत्तरी अमेरिका का प्रसिद्ध सैन एंड्रियास फॉल्ट इसी प्रकार की सीमा पर है।

पृथ्वी के अंदर झांकने की दरार है रिंग ऑफ फायर

भूवैज्ञानिकों का मानना है कि रिंग ऑफ फायर पृथ्वी की आंतरिक गतिविधियों को समझने की कुंजी है। यही क्षेत्र भविष्य में भी बड़े भूगर्भीय बदलावों का केंद्र बना रहेगा।

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