अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका देते हुए जन्म के आधार पर नागरिकता (Birthright Citizenship) को बरकरार रखा है। US सुप्रीम कोर्ट ने आज मंगलवार, 30 जून को ट्रंप के उस एग्जीक्यूटिव ऑर्डर को खारिज कर दिया, जिसमें उन बच्चों को नागरिकता देने से इनकार करने की बात कही गई थी जो अमेरिका में ऐसे माता-पिता से पैदा हुए हैं जो देश में गैर-कानूनी तरीके से या अस्थायी तौर पर रह रहे हैं।
कोर्ट ने कार्यकाल के आखिरी दिन 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाया कि अमेरिकी धरती पर पैदा होने वाले लगभग सभी लोगों को अमेरिकी नागरिकता का अधिकार मिलना चाहिए। इस फैसले का मतलब है कि अमेरिका में पैदा हुए बच्चों को उनके माता-पिता की आव्रजन स्थिति की परवाह किए बिना स्वचालित रूप से अमेरिकी नागरिकता मिलती रहेगी, जैसा कि 150 से अधिक वर्षों से होता आ रहा है।
ट्रंप ने क्या आदेश किया था पारित?
यह मामला ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में जारी किए गए एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर से जुड़ा था। इस आदेश में अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे या अस्थायी रूप से मौजूद प्रवासियों के बच्चों को स्वतः नागरिकता देने की व्यवस्था बदलने की कोशिश की गई थी। हालांकि निचली अदालतों ने इस आदेश पर रोक लगा दी थी और अब सुप्रीम कोर्ट ने भी लंबे समय से लागू व्यवस्था को बरकरार रखा।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन (14th Amendment) और 1898 के ऐतिहासिक United States v. Wong Kim Ark फैसले का हवाला दिया। अदालत ने माना कि अमेरिकी धरती पर जन्म लेने वाले लगभग सभी लोग नागरिकता के हकदार होते हैं, कुछ सीमित अपवादों को छोड़कर। यह फैसला ट्रंप की इमिग्रेशन नीति के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है और माना जा रहा है कि इसका असर हर साल अमेरिका में जन्म लेने वाले बड़ी संख्या में बच्चों और प्रवासी परिवारों पर पड़ेगा।
