दुनिया

उत्तर गाजा के 2 अस्पतालों को इजरायली बलों ने घेरा, ताजा हमलों में 82 लोगों की मौत

इजरायली सेना ने कहा कि उसके सैनिक अस्पताल के आसपास कार्रवाई कर रहे हैं और हमास के ठिकानों को निशाना बना रहे हैं, लेकिन सैनिकों ने अस्पताल में प्रवेश नहीं किया है और एम्बुलेंसों को जाने की अनुमति दी गई है। सहायता समूह एमईआरसी-इंडोनेशिया और अस्पताल के एक कर्मचारी के अनुसार, इजरायली बुलडोजरों ने अस्पताल की परिधि की दीवार को ध्वस्त कर दिया।

Image

उत्तरी गाजा में खाद्य-सामग्री पर संकट खड़ा हो गया है।

Gaza Hospital : इजरायल के सुरक्षा बलों ने उत्तर गाजा में दो अस्पतालों की घेराबंदी कर ली है। वे इन दोनों अस्पतालों से न किसी को बाहर आने दे रहे हैं और न ही किसी को अंदर जाने दे रहे हैं। उत्तर गाजा में सिर्फ यही दो अस्पताल बचे हैं जो रोगियों के लिए सहारा हैं। इजरायल ने यह कार्रवाई तबाह फलस्तीनी क्षेत्र पर नए सिरे से अपने हमले करने के बीच की है। इंडोनेशियाई अस्पताल और अल-अवदा अस्पताल इस क्षेत्र के कार्यरत चिकित्सा केन्द्रों में से हैं।

उत्तरी गाजा के बड़े हिस्से को खाली करने को कहा था

चरमपंथी समूह हमास पर और बंधकों को रिहा करने के लिए दबाव बनाने की मंशा से किए गए हमलों से पहले इजरायली अधिकारियों ने शुक्रवार को उत्तरी गाजा के बड़े हिस्से को खाली करने का आदेश दिया था। इसके बाद मंगलवार को नए निकासी आदेश जारी किए गए। दोनों अस्पताल तथा एक अन्य और तीन प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल केन्द्र निकासी क्षेत्र के भीतर हैं। हालांकि इजरायल ने इन चिकित्सा केंद्रों को खाली करने का आदेश नहीं दिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस ने कहा कि अन्य दो अस्पताल और चार प्राथमिक देखभाल केंद्र इस क्षेत्र के 1,000 मीटर के दायरे में हैं।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर बहुत ज्यादा दबाव

उन्होंने कहा कि इजरायली सैन्य अभियान और निकासी आदेश के कारण स्वास्थ्य व्यवस्था पर बहुत ज्यादा दबाव पड़ रहा है। अल-अवदा अस्पताल के बोर्ड सदस्य रमी शुराफी ने कहा कि इजरायल ‘इस क्षेत्र से लोगों का जबरन विस्थापन सुनिश्चित करना चाहता है।’अल-अवदा अस्पताल परिसर और उसकी एम्बुलेंस पर सोमवार से हमले शुरू हो गए। इंडोनेशियाई अस्पताल को इजरायली सैनिकों ने घेर लिया है, जो अस्पताल से लगभग 500 मीटर की दूरी पर तैनात हैं। अस्पताल की मदद करने वाले एक सहायता समूह ने बताया कि रविवार से ड्रोन ऊपर मंडरा रहे हैं और हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं।

अस्पताल के आसपास कार्रवाई कर रहे सैनिक-इजरायल

इजरायली सेना ने कहा कि उसके सैनिक अस्पताल के आसपास कार्रवाई कर रहे हैं और हमास के ठिकानों को निशाना बना रहे हैं, लेकिन सैनिकों ने अस्पताल में प्रवेश नहीं किया है और एम्बुलेंसों को जाने की अनुमति दी गई है। सहायता समूह एमईआरसी-इंडोनेशिया और अस्पताल के एक कर्मचारी के अनुसार, इजरायली बुलडोजरों ने अस्पताल की परिधि की दीवार को ध्वस्त कर दिया। मंगलवार को हवाई हमलों में अस्पताल के जनरेटर को निशाना बनाया गया, जिससे आग लग गई और इसकी मुख्य बिजली आपूर्ति को नुकसान पहुंचा। एमईआरसी-इंडोनेशिया द्वारा पोस्ट किए गए एक वीडियो के अनुसार, हमलों से अस्पताल की पानी की आपूर्ति को भी नुकसान पहुंचा है।

अस्पताल के लोगों को पानी-भोजन की तत्काल आवश्यकता

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, हमलों में कम से कम एक कर्मचारी की मौत हो गई। इसने कहा कि अस्पताल में बचे हुए लोगों को पानी और भोजन की तत्काल आवश्यकता है। संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि वह शेष रोगियों को अन्य अस्पतालों में स्थानांतरित करने के लिए काम कर रहा है। स्वास्थ्य सुविधाओं पर सैकड़ों हमले हुए हैं। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि उत्तरी गाजा के अस्पताल पर पूरी तरह से बंद होने का गंभीर खतरा है। संयुक्त राष्ट्र एजेंसी ने चरमपंथी समूह हमास के खिलाफ इजरायल के 19 महीने के युद्ध की शुरुआत के बाद से गाजा में स्वास्थ्य देखभाल केंद्रों पर लगभग 700 हमलों का दस्तावेजीकरण किया है।

बुधवार के हमले में कम से कम 82 लोग मारे गए

गाजा पट्टी में इजरायल के हमलों में बुधवार को कम से कम 82 लोग मारे गए जिनमें एक सप्ताह का बच्चा भी शामिल है। इजरायल के आक्रमण बढ़ाने को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाराज़गी के बीच ये हमले हुए हैं। दक्षिणी शहर में इजरायली हमलों में 24 लोग मारे गए, जिनमें से 14 एक ही परिवार के थे। मध्य गाजा में एक सप्ताह के शिशु की मौत हो गई। इजरायल ने हाल में संभावित विस्तारित आक्रमण के मद्देनजर खान यूनिस में निकासी के नए आदेश दिए थे। इजरायली सेना ने हमलों पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन कहा कि वह हमास के ठिकानों को निशाना बना रहा है और उसने हमास के चरमपंथियों पर नागरिक क्षेत्रों से गतिविधियां चलाने का आरोप लगाया। गाजा में युद्ध उस वक्त शुरू हुआ जब हमास के नेतृत्व वाले चरमपंथियों ने दक्षिणी इजरायल पर हमला किया, जिसमें लगभग 1,200 लोग मारे गए और उसने 251 अन्य का अपहरण कर लिया।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

और पढ़ें
End of Article