Iran Protests: क्या ईरान में उतरेगी अमेरिकी सेना? ट्रंप बोले- आजादी दिलाने के लिए हम तैयार
- Edited by: Piyush Kumar
- Updated Jan 11, 2026, 08:26 AM IST
Iran Protests: ईरान में महंगाई और रियाल की गिरावट के कारण 50 से ज्यादा शहरों में हिंसक प्रदर्शन जारी हैं। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका हालात पर कड़ी नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ी तो हस्तक्षेप करेगा। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा हुई तो अमेरिका “कड़े और प्रभावी कदम” उठाएगा, हालांकि जमीनी सैन्य कार्रवाई से इनकार किया।
ईरान को आजादी दिलाने के लिए अमेरकिा तैयार: ट्रंप।(फोटो सोर्स: AP)
Iran Protests: ईरान में बिगड़ते हालात पर अमेरिका की कड़ी नजर है। महंगाई और ईरान मुद्रा रियाल में आई गिरावट की वजह से तेहरान सहित ईरान के 50 से ज्यादा शहरों में हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका हर हाल में स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर “मदद के लिए तैयार” है। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब ईरान के कई शहरों में आर्थिक संकट के खिलाफ प्रदर्शन जारी हैं।
ईरान की आजादी में हम करेंगे मदद: ट्रंप
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि ईरान “आजादी की ओर देख रहा है”, साथ ही चेतावनी दी कि अगर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा हुई तो अमेरिका चुप नहीं बैठेगा। हालांकि उन्होंने साफ किया कि इसका मतलब जमीनी सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि “कड़े और प्रभावी कदम” उठाए जा सकते हैं।
हम वहां मारेंगे जहां दर्द सबसे ज्यादा होगा: ट्रंप
समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, ट्रंप और अन्य वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों ने बार-बार चेतावनी दी है कि अगर ईरान "शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या करता है", तो अमेरिका कार्रवाई करेगा। शुक्रवार को ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, "अगर वे लोगों को मारना शुरू करते हैं तो हम हस्तक्षेप करेंगे।" उन्होंने आगे कहा, "इसका मतलब जमीन पर सेना भेजना नहीं है, बल्कि उन्हें बहुत बुरी तरह से चोट पहुंचाना है, जहां उन्हें सबसे ज्यादा दर्द होता है।"
ट्रंप ने खामेनेई सरकार को चेतावनी देते हुए कहा, "ईरान में जो हो रहा है वह वाकई अविश्वसनीय है । यह देखना वाकई अद्भुत है। उन्होंने बहुत बुरा काम किया है, उन्होंने अपनी जनता के साथ बहुत बुरा बर्ताव किया है और अब उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है, तो देखते हैं आगे क्या होता है। हम इस पर कड़ी नजर रख रहे हैं।"
प्रदर्शनकारियों के बारे में ट्रंप ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि ईरान में प्रदर्शनकारी सुरक्षित रहेंगे क्योंकि यह इस समय बहुत खतरनाक जगह है और मैं ईरानी नेताओं से फिर कहता हूं कि बेहतर होगा कि आप गोलीबारी शुरू न करें क्योंकि हम भी गोलीबारी शुरू कर देंगे।"
अमेरिका का रवैया बर्दाश्त नहीं: ईरान
उधर, ईरान के विदेश मंत्रालय ने ट्रंप प्रशासन के बयानों को आंतरिक मामलों में दखल करार दिया है। तेहरान का कहना है कि अमेरिका का यह रवैया ईरानी जनता के प्रति उसकी पुरानी शत्रुता को दर्शाता है।
ईरान की सेना ने जनता से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि ईरान इस वक्त “युद्ध जैसी स्थिति” का सामना कर रहा है। वहीं, ईरान सरकार का कहना है कि वह आर्थिक परेशानियों को दूर करने के लिए कदम उठा रही है, लेकिन हिंसा और तोड़फोड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विरोधी प्रदर्शन में मरने वालों की संख्या 116 पहुंची
बता दें कि ईरान में देशव्यापी प्रदर्शन अब दो सप्ताह पूरे कर चुके हैं। इस बीच प्रदर्शनों से जुड़ी हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 116 हो गई है। यह जानकारी मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने दी है।
अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, अब तक 2,600 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एजेंसी का दावा है कि पिछले कई आंदोलनों के दौरान उसके आंकड़े भरोसेमंद साबित हुए हैं।
हालात पर सख्ती के संकेत देते हुए ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने कड़े कदम उठाने का इशारा किया है। यह चेतावनी ऐसे समय आई है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार यह कह रहे हैं कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा के लिए अमेरिका हस्तक्षेप कर सकता है।
शनिवार को ईरानी प्रशासन ने अपने रुख को और सख्त करते हुए चेतावनी दी। ईरान के अटॉर्नी जनरल मोहम्मद मोवाहेदी आज़ाद ने कहा कि प्रदर्शनों में शामिल किसी भी व्यक्ति को “ईश्वर का दुश्मन” माना जाएगा। ईरान में यह आरोप बेहद गंभीर है और इसके तहत मृत्युदंड तक की सजा का प्रावधान है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती मौतों, बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियों और सख्त सरकारी चेतावनियों के बीच ईरान में हालात और विस्फोटक हो सकते हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तनाव बढ़ने की आशंका है।