बांग्लादेश के प्रधानमंत्री पद पर तारिक रहमान की हुई ताजपोशी; मो.युनुस की अंतरिम सरकार की औपचारिक विदाई
- Edited by: शिव शुक्ला
- Updated Feb 17, 2026, 04:55 PM IST
करीब दो साल से राजनीतिक अस्थिरता झेल रहे बांग्लादेश में अब एक स्थायी सरकार का गठन हो गया है। नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान को आज राष्ट्रपति मोहम्मद शाहाबुद्दीन ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
तारिक रहमान की हुई ताजपोशी।
बांग्लादेश के क्राउन प्रिंस कहे जाने वाले तारिक रहमान (Tarique Rahman) अब देश के किंग बन गए हैं। आज एक भव्य समारोह में पीएम पद पर उनकी ताजपोशी की गई। इसके साथ ही अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार (Sheikh Hasina Government) के पतन के बाद बनी अंतरिम सरकार के 18 महीने लंबे शासन का औपचारिक अंत हो गया। इस शपथ ग्रहण में भारत की तरफ से लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए।
राष्ट्रपति मोहम्मद शाहाबुद्दीन ने 60 वर्षीय रहमान को ढाका स्थित जातीय संसद (जतिया संसद) के साउथ प्लाजा में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। परंपरागत रूप से यह समारोह बंगाभवन में आयोजित किया जाता रहा है,लेकिन इस बार स्थल में बदलाव किया गया।
लंदन से वापसी के बाद सत्ता तक का सफर
तारिक रहमान पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया और दिवंगत राष्ट्रपति जियाउर रहमान के पुत्र हैं। वे 17 वर्षों तक लंदन में आत्म-निर्वासन में रहने के बाद दो महीने पहले ही स्वदेश लौटे थे। अब वे पहली बार प्रधानमंत्री बने हैं और अगले पांच वर्षों तक इस पद पर रहेंगे।
BNP के सांसदों ने सर्वसम्मति से संसदीय दल का नेता चुना
शपथ से पहले,उन्हें BNP के सांसदों ने सर्वसम्मति से संसदीय दल का नेता चुना। इसके बाद राष्ट्रपति ने उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों को भी शपथ दिलाई। समारोह में भारत और पाकिस्तान समेत पड़ोसी देशों के कई नेता मौजूद रहे। भारत की ओर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रतिनिधित्व किया। उनके साथ विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी मौजूद थे।
ऐसे रहे थे चुनाव परिणाम
12 फरवरी को हुए 13वें संसदीय चुनाव में BNP ने 297 में से 209 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। दक्षिणपंथी जमात-ए-इस्लामी को 68 सीटें मिलीं, जबकि अवामी लीग को चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित कर दिया गया था। यह नतीजा BNP के लिए बड़ी वापसी माना जा रहा है, जिसे अवामी लीग के 15 वर्षों के शासनकाल में लगातार निशाना बनाया जाता रहा था।
अगस्त 2024 में छात्र-नेतृत्व वाले राष्ट्रव्यापी प्रदर्शनों के बाद अवामी लीग सरकार गिर गई थी। इसके बाद अंतरिम सरकार का गठन हुआ था, जिसकी अगुवाई मुहम्मद यूनुस ने की। उनके कार्यकाल में ढाका और नई दिल्ली के संबंधों में गिरावट देखी गई थी।
राष्ट्रीय एकता और आर्थिक चुनौतियों पर जोर
चुनाव के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में रहमान ने 'राष्ट्रीय एकता'और 'शांति' का आह्वान किया था। उन्होंने कहा कि देश इस समय नाजुक आर्थिक स्थिति,कमजोर संस्थाओं और बिगड़ती कानून-व्यवस्था जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। लोगों से अपील करते हुए उन्होंने कहा था कि हमारे रास्ते और विचार अलग हो सकते हैं,लेकिन देशहित में हमें एकजुट रहना होगा। राष्ट्रीय एकता हमारी सामूहिक शक्ति है, जबकि विभाजन हमारी कमजोरी है।
