ईरान और इजराइल-अमेरिका युद्ध लगातार बढ़ता जा रहा है और एक दूसरे पर हमले के बाद सुलह की कोई तस्वीर नजर नहीं आ रही है। इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर तेहरान 48 घंटों के भीतर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोलता है,तो देश के ऊर्जा-बिजली ढांचे पर हमले किए जाएंगे। वहीं, ईरान ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। इस बीच, पोप लियो ने मिडिल ईस्ट युद्ध पर कड़ी टिप्पणी की है। उन्होंने इस युद्ध को पूरी मानवता के लिए कलंक बताया।
क्या बोले पोप लियो?
उन्होंने तुरंत युद्धविराम की अपील करते हुए कहा कि हिंसा से हो बड़े पैमाने पर मौत हो रही हैं। निर्दोष लोगों की तकलीफ पूरी दुनिया को प्रभावित करती है। उनका यह बयान सेंट पीटर्स स्क्वायर में एंजेलस प्रार्थना के दौरान आया है।
ईरान पर अमेरिका-इजरायल युद्ध के चौथे सप्ताह में प्रवेश करने के साथ ही अमेरिका के पहले पोप ने कहा कि वह मध्य पूर्व और युद्ध और हिंसा से तबाह अन्य क्षेत्रों की स्थिति को निराशा" के साथ देखते रहते है। इन संघर्षों के असहाय पीड़ितों सहित इतने सारे लोगों की पीड़ा के सामने हम चुप नहीं रह सकते। जो उन्हें दुख पहुंचाता है,वह पूरी मानवता को दुख पहुंचाता है।
कैसे हैं ताजा हालात
वहीं, इजरायल-ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के बीच अब परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है। इजरायली सेना (IDF) ने पुष्टि की है कि शनिवार को ईरान ने अराद और डिमोना (Dimona) शहर पर हमले किए। इजरायली सेना ने कहा कि ईरान ने मिसाइल के जरिए डिमोना शहर पर हमला किया। इस हमले में 47 लोग घायल हो गए। डिमोना शहर में इजरायल का अत्यंत संवेदनशील परमाणु अनुसंधान केंद्र स्थित है। इजराइल पर ईरान के मिसाइल हमले के बीच अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने कहा है कि उसे इजराइल के नेगेव परमाणु अनुसंधान केंद्र को किसी प्रकार की क्षति की सूचना नहीं मिली है
ईरान पूरी दुनिया के लिए खतरा, बीते 48 घंटो में साफ हुआ- नेतन्याहू
अराद में मिसाइल हमले वाली जगह पर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा अगर आप इस बात का सबूत चाहते हैं कि ईरान पूरी दुनिया के लिए खतरा है,तो पिछले 48 घंटों ने इसे साबित कर दिया है। पिछले 48 घंटों में ईरान ने एक नागरिक क्षेत्र को निशाना बनाया।
