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ईरान में अंदरूनी बवाल! राष्ट्रपति पेजेश्कियन, सुप्रीम लीडर मोजतबा के बीच टकराव की रिपोर्ट, क्या होगा अंजाम?

IRGC के कमांडर अहमद वहीदी की नीति अब प्रभावी रूप से ईरानी शासन की आधिकारिक नीति बन गई है। इसमें यह भी दावा किया गया है कि सर्वोच्च नेता खामेनेई ने अमेरिका से जुड़े प्रमुख फैसलों पर अहमद वहीदी को अंतिम निर्णय लेने का अधिकार दे दिया है।

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ईरान में सत्ता का सघर्ष भी शुरू हो गया है। तस्वीर-AI

Iran US War: ईरान में सत्ता संघर्ष एवं गुटबाजी अब सार्वजनिक हो गई है। इजराइल की एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामनेई ने राष्ट्रपति मसूज पेजेश्कियन को कथित रूप से 'अंतिम चेतावनी' दी है। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका के साथ बातचीत और युद्ध से जुड़े अहम फैसलों के लिए उन्होंने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गॉर्ड कोर (IRGC) के कमांडर अहमद वाहिदी को अपना समर्थन दिया है। यह रिपोर्ट ऐसे समय आई है जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर है और दोनों पक्षों में बातचीत फिलहाल रुकी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी देते हुए कहा है कि ईरान के लिए 'यह आखिरी मौका है।'

पेजेश्कियन के राजनीति अधिकारों में कटौती

इजराइल के ब्रॉडकास्टर चैनल 14 ने तेहरान में कथित सत्ता संघर्ष से जुड़े सूत्रों के हवाले से कहा है कि सुप्रीम लीडर ने राष्ट्रपति पेजेश्कियन के राजनीतिक अधिकारों में कटौती करते हुए उनका कद छोटा कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक नीतिगत फैसलों पर ईरानी नेतृत्व के साथ बढ़ते मतभेदों के बाद पेजेश्कियन कथित रूप से कई बार अपने पद से इस्तीफा देने की बात कह चुके हैं। वह मई में भी पद छोड़ना चाहते थे। पेजेश्कियन का दावा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा एवं विदेश नीति से जुड़े मामलों एवं फैसलों से उनके प्रशासन को 'पूरी तरह से दूर रखा' जा रहा है।

चैनल 14 का दावा: खामेनेई पूरी तरह सैन्य नेतृत्व के साथ

इजराइली मीडिया चैनल 14 ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का हालिया रुख यह संकेत देता है कि वे अब पूरी तरह देश के सैन्य नेतृत्व के साथ खड़े हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इससे राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन की रणनीतिक नीतियों पर प्रभाव डालने की क्षमता काफी सीमित हो गई है। रिपोर्ट में अज्ञात सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि तेहरान ने अमेरिका के प्रति और अधिक सख्त रुख अपना लिया है और IRGC के कमांडर अहमद वहीदी की नीति अब प्रभावी रूप से ईरानी शासन की आधिकारिक नीति बन गई है। इसमें यह भी दावा किया गया है कि सर्वोच्च नेता खामेनेई ने अमेरिका से जुड़े प्रमुख फैसलों पर अहमद वहीदी को अंतिम निर्णय लेने का अधिकार दे दिया है।

नवंबर तक दबाव बनाए रखने की रणनीति

चैनल 14 के अनुसार, ईरानी नेतृत्व का मानना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले अपनी नीति में कोई बड़ा बदलाव नहीं करेंगे। इसी कारण तेहरान अधिकतम दबाव बनाए रखते हुए अपनी रणनीतिक और आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि तेहरान और वॉशिंगटन के बीच फिलहाल केवल अप्रत्यक्ष संपर्क जारी है। यह संपर्क मुख्य रूप से ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अमेरिका के विशेष दूतों, खासकर स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर, के बीच हो रहा है। इसके अलावा कतर और पाकिस्तान भी मध्यस्थता की भूमिका निभा रहे हैं। हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार दोनों देशों के बीच इस समय कोई औपचारिक वार्ता नहीं चल रही है।

ट्रंप ने दी 'आखिरी मौका' की चेतावनी

यह रिपोर्ट ऐसे समय आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को समझौते के लिए 'आखिरी मौका' बताया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान पर बड़े सैन्य हमले के लिए तैयार था, लेकिन सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर के अनुरोध पर कूटनीति को एक और मौका देने के लिए कार्रवाई रोक दी गई। ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा, 'यह उनका आखिरी मौका है। अगर यह समझौता नहीं हुआ, तो फिर ऐसा मौका दोबारा नहीं मिलेगा।'

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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