Situation in worsening in Gaza: गाजा में राहत सामग्री नहीं पहुंचने और इजरायल द्वारा नया सैन्य अभियान छेड़ देने के बाद यहां स्थितियां बद से बदतर होती जा रही हैं। रिपोर्टों की मानें तो लोग भूख को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं, वे दम तोड़ रहे हैं। गाजा में मानवीय मदद पहुंचाने का काम करने वाले नार्वे की शरणार्थी परिषद ने रॉयटर्स को मंगलवार को बताया कि गाजा में उसकी राहत सामग्री पूरी तरह से खत्म हो गई है और उसके कुछ कर्मचारी अब भूख से तड़प रहे हैं।
ओस्लो से वीडिया लिंक के जरिए रॉयटर्स को दिए साक्षात्मकार में परिषद के सेक्रेटरी जनरल जैन इगेलैंड ने कहा, 'हमारे अंतिम टेंट, अंतिम फूर्ड पार्सल में जो भी अंतिम राहत सामग्री थी उसे बांट दिया गया है। अब हमारे पास कुछ भी नहीं बचा है।'

लोग भूखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं। तस्वीर-AP
इससे पहले फिलिस्तीनी शरणार्थी एजेंसी के प्रमुख ने मंगलवार को कहा कि मानवीय मदद पहुंचाने वाले UNRWA के कर्मचारी थकान और भूख की वजह से बेहोश हो रहे हैं। एनआरसी का कहना है कि बीते 145 दिनों से गाजा में टेंट, पानी, खाद्य पदार्थ और शिक्षा की सामग्री नहीं पहुंची है।

गाजा में कानून-व्यवस्था पटरी से उतर गई है। तस्वीर-AP
गाजा की भयावह होती स्थिति के बारे में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग ने कहा है कि गाजा पट्टी में खाद्य सामग्री पाने की कोशिश करने वाले 1,000 से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे गए हैं। गाजा में खाद्य एवं राहत सामग्रियों के नहीं पहुंचने की वजह से करीब 20 लाख लोगों में हताशा बढ़ती जा रही है।

मानवीय मदद को लोग लूट ले रहे हैं। तस्वीर-AP
एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह पूरा इलाका अकाल के खतरे का सामना कर रहा है। यह स्थिति 21 महीनों से जारी इजरायल के हमलों और राहत सामग्री के नहीं पहुंचने की वजह से बनी है।

नार्वे की एजेंसी ने कहा है कि उसके कर्मचारी भूख से तड़प रहे हैं। तस्वीर-AP
रिपोर्टों की मानें तो गाजा पट्टी में कानून एवं व्यवस्था चौपट हो गई है। इसने लूटपाट और अराजकता को जन्म दिया है। राहत सामग्री लूटने के लिए लोग हिंसा करने से भी बाज नहीं आ रहे हैं। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को दावा किया कि हाल के दिनों में भूख से तड़पकर 101 लोगों की मौत हुई है और इनमें 80 बच्चे शामिल हैं।
