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Nepal: जेन-जेड प्रदर्शनकारियों की मौत पर नेपाल में 17 सितंबर को राष्ट्रीय शोक, मुआवजे का ऐलान

Nepal: नेपाल सरकार ने पिछले सप्ताह हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों में मारे गये ‘जेन-जेड’ प्रदर्शनकारियों की याद में 17 सितंबर को राष्ट्रीय शोक दिवस घोषित किया है। '‘जेन-जेड’' के इन प्रदर्शनों के बाद के पी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा था और सुशीला कार्की ने कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी।

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नेपाल की प्रधानमंत्री सुशीला कार्की (फोटो- AP)

Nepal: नेपाल सरकार ने पिछले सप्ताह हुए हिंसक ‘जेन-जेड’ विरोध प्रदर्शनों में मारे गए प्रदर्शनकारियों की याद में 17 सितंबर को राष्ट्रीय शोक दिवस घोषित किया है। इस निर्णय के तहत पूरे देश में सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे और राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। ‘जेन-जेड’ शब्द उन युवाओं को संदर्भित करता है, जो 1997 से 2012 के बीच जन्मे हैं। ये युवा समूह सोशल मीडिया पर लगे प्रतिबंध और सरकारी भ्रष्टाचार के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रहा था।

मुआवजे का भी ऐलान

विरोध प्रदर्शन के दौरान कम से कम 59 प्रदर्शनकारी, 10 कैदी और तीन पुलिसकर्मी मारे गए। गृह मंत्री ओम प्रकाश आर्यल ने घोषणा की कि मारे गए प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को 15 लाख नेपाली रुपये मुआवजे के तौर पर दिए जाएंगे, जिसमें 10 लाख रुपये क्षतिपूर्ति और 5 लाख रुपये अन्य खर्चों के लिए होंगे। यह राशि जिला प्रशासन कार्यालयों के माध्यम से वितरित की जाएगी।

मिलेगा शहीद का दर्जा

प्रधानमंत्री कार्की ने पदभार ग्रहण करते हुए कहा कि 8 और 9 सितंबर को मारे गए लोगों को “शहीद” का दर्जा दिया जाएगा। सरकार ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई घटनाओं की जांच के लिए एक उच्च-स्तरीय न्यायिक आयोग गठित करने का भी फैसला किया है। इस आयोग के जरिए सभी हिंसक घटनाओं की निष्पक्ष और विस्तृत जांच की जाएगी। इसके अलावा, सरकार ने ‘जेन-जेड’ आंदोलन के शहीदों की याद में एक ‘जेन-जेड जागरूकता पार्क’ का निर्माण करने की योजना भी बनाई है, जिससे इस पीढ़ी के योगदान और संघर्ष को सदैव याद रखा जा सके।

कैसे शुरू हुआ था आंदोलन

सात सितंबर को सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के विरोध में शुरू हुआ यह आंदोलन जल्द ही व्यापक जनआक्रोश में बदल गया, जिसमें भ्रष्टाचार और राजनीतिक वर्ग की कथित उदासीनता को भी प्रमुख मुद्दा बनाया गया। प्रदर्शनकारियों की बढ़ती संख्या और बढ़ते दबाव के चलते तत्कालीन प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली को 10 सितंबर को इस्तीफा देना पड़ा। उनके इस्तीफे के बाद सुशीला कार्की को कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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