दुनिया

सुरक्षा परिषद की व्यवस्था में समस्या-ईरान जंग के बीच UN महासचिव गुतारेस का बड़ा बयान

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने कहा है कि सुरक्षा परिषद की मौजूदा व्यवस्था आज की दुनिया का सही प्रतिनिधित्व नहीं करती और वीटो प्रणाली के कारण कई बार यह संघर्षों को रोकने में असफल रहती है।

Image

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस (फाइल फोटो- AP)

संयक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुतारेस ने यूएन में सुधार पर बड़ी बात कह दी है। जो समस्या भारत लगातार उठाते रहा है, समस्या को दूर करने की मांग करते रहा है, अब एंतोनियो गुतारेस भी उसी रास्ते पर दिख रहा है। एंतोनियो गुतारेस ने कहा है कि सुरक्षा परिषद की व्यवस्था में समस्या है। भारत भी इसमें सुधार की मांग करते रहा है।

एंतोनियो गुतारेस सुधार पर दिया जोर

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुतारेस ने कहा है कि यह स्वीकार करना आवश्यक है कि ’’सुरक्षा परिषद की व्यवस्था में समस्या है’’ और यह वर्तमान दुनिया का प्रतिनिधित्व नहीं करती तथा स्थायी सदस्यों द्वारा वीटो का इस्तेमाल किए जाने के कारण संघर्षों को रोकने में असमर्थ है। गुतारेस ने शनिवार को बेरूत में संवाददाता सम्मेलन में एक सवाल के जवाब में कहा, ’’मुझे लगता है कि हमें यह स्वीकार करना होगा कि सुरक्षा परिषद के साथ एक समस्या है। आज सुरक्षा परिषद मौजूदा विश्व का प्रतिनिधित्व नहीं करती। यह दरअसल 1945 के बाद के विश्व का प्रतिनिधित्व करती है।’’

जंग में बेबस UN

उन्होंने कहा कि 15 देशों की परिषद में तीन स्थायी सदस्य यूरोप से, एक एशिया से और एक अमेरिका से हैं, जबकि अफ्रीका या लैटिन अमेरिका से कोई स्थायी सदस्य नहीं है। उन्होंने कहा, ’’इसलिए, वीटो के कारण परिषद को वैधता और दक्षता दोनों की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। हमने बार-बार देखा है कि जब भी संघर्ष की स्थिति उत्पन्न होती है और उसे रोकना आवश्यक होता है, तो कोई देश वीटो का इस्तेमाल कर लेता है और सुरक्षा परिषद कार्रवाई नहीं कर पाती।’’ गुतारेस ने कहा, ’’दुर्भाग्य से, यह एक ऐसी चीज है जिसे हम बार-बार देख रहे हैं और मुझे उम्मीद नहीं है कि निकट भविष्य में स्थिति में कोई बदलाव आएगा।’’

भारत सुधार की करते रहा है मांग

भारत सुरक्षा परिषद में सुधार की मांग करने के प्रयासों में दशकों से अग्रणी रहा है जिसमें इसकी स्थायी और अस्थायी दोनों श्रेणियों में विस्तार की मांग शामिल है। भारत ने इस बात पर जोर दिया है कि वह सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्य का हकदार है। परिषद में चीन, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन और अमेरिका वीटो शक्ति वाले पांच स्थायी सदस्य हैं, जबकि 10 अस्थायी सदस्य दो साल के कार्यकाल के लिए निर्वाचित होते हैं और उनके पास वीटो शक्ति नहीं होती।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

और पढ़ें
End of Article