Israel Lebanon Conflict: ईरान के साथ सीजफायर लागू होने के कुछ घंटों बाद इजरायल ने बुधवार को बेरूत समेत लेबनान के कई हिस्सों पर जमकर बमबारी की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल ने महज 10 मिनट के भीतर 100 से ज्यादा ठिकानों पर कहर बरपाया। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इन हमलों में कम से कम 112 लोगों की मौत हो गई और 800 से अधिक घायल हुए।
रिहायशी इलाकों पर भीषण बमबारी
इजरायल ने यह हमले बेरूत के व्यावसायिक और रिहायशी इलाकों, दक्षिणी लेबनान और पूर्वी बेका घाटी में किए। कई जगहों पर बिना किसी चेतावनी के बमबारी की गई, जिससे शहर में अफरा-तफरी मच गई।
काले धुएं का उठा गुबार
इजरायली हमलों के बाद राजधानी के कई हिस्सों में काले धुएं का गुबार उठता हुआ दिखाई दिया। जोरदार धमाकों से पूरा शहर दहल गया। जिसके तत्काल बाद युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। बचावकर्मियों ने जलती इमारतों व क्षतिग्रस्त वाहनों में फंसे लोगों की तलाश शुरू की।
आगबबूला हुआ हिजबुल्लाह
इजरायली हमले के बाद हिजबुल्लाह ने कहा कि इन हमलों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई का अधिकार सुरक्षित है। हिजबुल्लाह ने मध्य बेरूत के इलाकों में बिना किसी चेतावनी के हुए हमलों की निंदा की और कहा कि कब्जे का विरोध करने और इन हमलों का जवाब देने का अपना स्वभाविक और कानूनी अधिकार सुरक्षित है।
'लेबनान में जारी रहेंगे सैन्य अभियान'
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ईरान के साथ हुआ सीजफायर लेबनान पर लागू नहीं होता। उन्होंने स्पष्ट किया कि लेबनान में सैन्य अभियान जारी रहेंगे। इजरायली सेना के प्रवक्ता अविचाय अड्राई ने भी बयान जारी कर कहा कि लेबनान में लड़ाई जारी है और सीजफायर इसमें शामिल नहीं है।
हिजबुल्लाह के ठिकानों को बनाया निशाना
इजरायली सेना ने दावा किया कि उसने हिजबुल्लाह के मिसाइल लॉन्चर, कमांड सेंटर और खुफिया ढांचे को निशाना बनाया। इजरायल ने आरोप लगाया कि हिजबुल्लाह नागरिक इलाकों में अपनी सैन्य गतिविधियां संचालित कर रहा है। इजरायली सेना ने कहा कि लेबनान सरकार और उसके नागरिकों को हिजबुल्लाह के नागरिक क्षेत्रों में मौजूदगी और हथियारों के जमावड़े का विरोध करना चाहिए।
सनद रहे कि इजरायल ने मौजूदा संघर्ष के दौरान बेरूत के केंद्रीय हिस्सों पर बहुत कम हमले किए थे, जबकि दक्षिणी और पूर्वी लेबनान तथा बेरूत पर जमकर बमबारी की। हमलों से पहले हिजबुल्लाह के एक अधिकारी ने मध्यस्थता पर जोर दिया था, लेकिन सीजफायर की संभावनाओं को नकार दिया था।
