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इजराइल चुनाव: 90% वोटों की गिनती पूरी, नेतन्याहू का गठबंधन आगे, बहुमत किसी को नहीं, कैसे बनेगी सरकार?

इजराइल में सरकार बनाने के लिए राजनीतिक दलों के बीच अब कई दौर की वार्ता हो सकती है जबकि विपक्ष की कोशिश नेतन्याहू को पीएम पद से हटाने की होगी। इजराइल में इस बार ऐतिहासिक 77.7 प्रतिशत मतदान हुआ है, यह 1999 में हुई वोटिंग से ज्यादा है।

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इजराइल में किसी भी दल को नहीं मिला पूर्ण बहुमत।

Photo : AP

Israel Election Result: इजराइल संसदीय चुनाव में 90 प्रतिशत वोटों की गिनती पूरी हो चुकी है लेकिन सरकार बनाने के लिए किसी भी दल या गठबंधन को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है। इजराइली संसद नेसेट में कुल सीटों की संख्या 120 है और सरकार बनाने के लिए 61 सीटों की जरूरत है। इस जादुई आंकड़े तक कोई भी पार्टी नहीं पहुंच पाई है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की अगुवाई वाली लिकुड पार्टी भी बहुमत से दूर है। वहीं, अरब पार्टियों ने इस चुनाव शानदार प्रदर्शन किया है। इजराइल में त्रिशंकु संसद की स्थिति बन गई है।

सरकार बनाने के लिए हो सकती है वार्ता की शुरुआत

सरकार बनाने के लिए राजनीतिक दलों के बीच अब कई दौर की वार्ता हो सकती है जबकि विपक्ष की कोशिश नेतन्याहू को पीएम पद से हटाने की होगी। इजराइल में इस बार ऐतिहासिक 77.7 प्रतिशत मतदान हुआ है, यह 1999 में हुई वोटिंग से ज्यादा है। यही नहीं 1988 के बाद नेसेट ने पहली बार अपना पूर्ण कार्यकाल पूरा किया है। अरब पार्टियां संयुक्त रूप से 19 सीटें जीत चुकी हैं। 2020 के चुनाव में इन्होंने 15 सीटें जीती थीं।

याशर पार्टी के नेतृत्व वाले गठबंधन को मिलीं 48 सीटें

लिकुड पार्टी 26 सीटें जीतकर सबसे बड़े दल के रूप में सामने आई है। उसके नेतृत्व वाले दक्षिणपंथी दलों के सबसे बड़े गठबंधन को अभी तक 53 सीटें मिली हैं जबकि सरकार बनाने के लिए 61 सांसद चाहिए। मुख्य प्रतिद्वंद्वी गादी आइसेनकोट की याशर पार्टी के नेतृत्व वाले गठबंधन को 48 सीटें मिली हैं। इसी के बाद लिकुड पार्टी ने अरब पार्टियों पर चुनाव में मतों की चोरी और धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। जबकि नेतन्याहू विरोधी आइसेनकोट के अरब पार्टियों से मुद्दा आधारित सहयोग पर वार्ता करने की सूचना है।

6,00,000 'दोहरे-लिफाफे’ वाले मतपत्रों की गिनती शुरू

नेतन्याहू ने अरब नेतृत्व वाली पार्टियों के साथ गठबंधन का विरोध किया है। वहीं, विपक्षी खेमे में इस बात को लेकर मतभेद है कि इन पार्टियों को गठबंधन में शामिल किया जाए या फिर बाहर से उनका समर्थन लिया जाए। सीईसी ने कहा कि बाकी सात प्रतिशत सामान्य मतपत्रों की अतिरिक्त निगरानी की आवश्यकता है। स्थानीय मीडिया ने सीईसी के हवाले से बताया कि लगभग 6,00,000 'दोहरे-लिफाफे’ वाले मतपत्रों की गिनती शुरू हो गई है। इनमें सैनिकों और अन्य पात्र मतदाताओं की ओर से अपने पंजीकृत मतदान केंद्रों से दूर डाले गए वोट शामिल हैं। दोहरे मतदान को रोकने के लिए जांच के बाद इन वोटों को अगले कुछ दिनों में कुल गिनती में जोड़े जाने की उम्मीद है।

'अरब नेतृत्व वाली पार्टियों के साथ मिलकर सरकार बनाएं'

राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे एक और चुनाव से बचने के लिए हर संभव प्रयास करें। उन्होंने कहा कि जो लोग सरकार बनाना चाहते हैं, उन्हें खुले मन से इस प्रक्रिया में शामिल होना चाहिए। यरूशलेम में हर्जोग ने कहा, "खासकर कल की घटनाओं के बाद, हमें एक और चुनाव से बचने के लिए हर मुमकिन कोशिश करनी चाहिए। इसलिए मेरी उम्मीद है कि जो भी यहां आए, खुले मन से आए।" राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें उच्चतम न्यायालय के न्यायमूर्ति नोआम सोहलबर्ग से अगले हफ्ते चुनाव के आधिकारिक नतीजे मिलने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि इसके बाद वह नयी सरकार के गठन को लेकर नेसेट के हर गुट के साथ बातचीत शुरू करेंगे। इजराइल में वामपंथी झुकाव वाली 'डेमोक्रेट्स’ पार्टी के अध्यक्ष यायर गोलान ने पूर्व सेना प्रमुख गादी आइजेनकोट के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन से बुधवार को अपील की कि वह प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को सत्ता से हटाने के लिए अरब नेतृत्व वाली पार्टियों के साथ मिलकर सरकार बनाए।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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