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Iran US ceasefire: ईरान बोला-सीजफायर के 3 शर्तों का हुआ उल्लंघन, बातचीत का कोई मतलब नहीं रह जाता, सीजफायर पर 'संकट'

Iran US ceasefire: अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि अमेरिकी और इजराइली सेनाओं ने एक महत्वपूर्ण सैन्य जीत हासिल की है तथा ईरानी सेना अब अमेरिकी सेनाओं या क्षेत्र के लिए कोई बड़ा खतरा नहीं है।

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ईरान ने सीजफायर की शर्तों के उल्लंघन का आऱोप लगाया है।

Photo : AP
KEY HIGHLIGHTS
  • ईरान पर 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल ने किया हमला
  • स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही ईरान ने रोक दी
  • अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर पर समझौता हुआ है

Iran War: ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया कि तेहरान ने लेबनान पर इजराइली हमलों के जवाब में होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से बंद कर दिया है। ईरान के अर्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड के एयरोस्पेस कमांडर जनरल सैयद माजिद मूसावी ने ’एक्स’ पर पोस्ट किया, "लेबनान के प्रति आक्रामकता ईरान के प्रति आक्रामकता है।" उन्होंने बिना विवरण दिए चेतावनी दी कि ईरानी सेनाएं "कड़ी प्रतिक्रिया" की तैयारी कर रही हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि लेबनान में युद्ध (Iran US ceasefire) का अंत अमेरिका के साथ हुए युद्ध-विराम समझौते का हिस्सा है। उन्होंने ’एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, "पूरी दुनिया लेबनान में हो रहे नरसंहार को देख रही है। अब गेंद अमेरिका के पाले में है और दुनिया देख रही है कि क्या वह अपने वादों पर अमल करेगा।"

तीन शर्तों के उल्लंघन करने का आरोप

ईरान ने अमेरिका पर युद्ध-विराम समझौते के अपने संस्करण की तीन शर्तों के उल्लंघन करने का आरोप भी लगाया। इस बीच, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद किया जाना "पूरी तरह से अस्वीकार्य है।" उन्होंने इस जलमार्ग को फिर से खोले जाने की राष्ट्रपति ट्रंप की "उम्मीदों और मांग" को दोहराया। अमेरिका और ईरान, दोनों ने युद्ध-विराम समझौते को अपनी-अपनी जीत बताया। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि अमेरिकी और इजराइली सेनाओं ने एक महत्वपूर्ण सैन्य जीत हासिल की है तथा ईरानी सेना अब अमेरिकी सेनाओं या क्षेत्र के लिए कोई बड़ा खतरा नहीं है।

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जहाजों पर शुल्क लगाए जाने के खिलाफ ट्रंप

वहीं, ईरानी सेना ने कहा कि उसने इजराइल और अमेरिका को अपनी "प्रस्तावित शर्तों को स्वीकार करने एवं आत्मसमर्पण करने" के लिए मजबूर कर दिया। युद्ध-विराम समझौते की शर्तों के बारे में फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। ईरान ने कहा है कि इस समझौते से उसे होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने की नयी व्यवस्था को औपचारिक रूप देने की अनुमति मिल जाएगी, लेकिन अभी यह ज्ञात नहीं है कि कोई अन्य देश इस शर्त पर सहमत है या नहीं। इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति कार्यालय ’व्हाइट हाउस’ ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाए जाने के खिलाफ हैं।

परमाणु कार्यक्रमों का भविष्य अनिश्चित

ईरान के मिसाइल और परमाणु कार्यक्रमों का भविष्य भी अनिश्चित बना हुआ है, जिन्हें खत्म करना अमेरिका और इजराइल के लिए हमले का प्रमुख उद्देश्य था। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ मिलकर उसके उस संवर्द्धित यूरेनियम को ’’खोदकर निकालने’’ का काम करेगा, जो पिछले साल गर्मियों में अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमलों के दौरान जमीन में दब गया था। वैसे ईरान ने इसकी पुष्टि नहीं की। युद्ध-विराम की घोषणा के बाद ईरान की राजधानी की सड़कों पर सरकार समर्थक प्रदर्शनकारियों ने ’’अमेरिका मुर्दाबाद, इजराइल मुर्दाबाद, समझौता करने वाले मुर्दाबाद!’’ के नारे लगाए। आयोजकों ने प्रदर्शनकारियों को शांत करने की कोशिश की लेकिन वे लगातार नारे लगाते रहे। उन्होंने सड़क पर अमेरिकी और इजराइल के झंडे भी जलाए।

Alok Rao
आलोक कुमार राव author

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारो... और देखें

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