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Donald Trump: 'असली समझौता होने तक ईरान के आसपास बनी रहेगी यूएस आर्मी', ट्रंप का ऐलान, क्या फिर मारेंगे पलटी?

Iran War: ट्रंप ने कहा कि सभी अमेरिकी जहाज, विमान और सैन्यकर्मी, अतिरिक्त गोला-बारूद, हथियार ईरान और उसके आसपास तब तक तैनात रहेंगे जब तक कि वास्तविक समझौते का पूरी तरह से पालन नहीं हो जाता।

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ट्रंप ने ईरान को चेताया

Photo : AP

Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपना रुख पलटने का संकेत दिया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सैन्य हथियार ईरान और उसके आसपास तब तक तैनात रहेंगे जब तक कि ईरान वास्तविक समझौते का पूरी तरह से पालन नहीं करता। उन्होंने शर्तों का पालन न होने पर और भी कड़ी प्रतिक्रिया की चेतावनी दी। गुरुवार को ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा, सभी अमेरिकी जहाज, विमान और सैन्यकर्मी, अतिरिक्त गोला-बारूद, हथियार और अन्य सभी चीजें जो पहले से ही काफी कमजोर हो चुके दुश्मन को घातक रूप से कुचलने और नष्ट करने के लिए उचित और जरूरी हैं, ईरान और उसके आसपास तब तक तैनात रहेंगे जब तक कि हुए वास्तविक समझौते का पूरी तरह से पालन नहीं हो जाता।

शर्तों को मानने तक तैनात रहेगी सेना

ट्रंप ने संकेत दिया कि अमेरिकी सैन्य संसाधनों की तैनाती जारी का उद्देश्य ईरान से जुड़े संघर्ष को रोकने के उद्देश्य से किए गए समझौते की शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित करना है। उन्होंने चेतावनी दी कि समझौते से किसी भी प्रकार से हटना तीव्र सैन्य कार्रवाई का कारण बन सकता है। अगर किसी भी कारण से ऐसा नहीं होता है, जिसकी संभावना बहुत कम है, तो गोलीबारी शुरू हो जाएगी, जो पहले कभी नहीं देखी गई होगी।

ट्रुथ सोशल पर ट्रंप का संदेश

ट्रुथ सोशल पर ट्रंप का संदेश

होर्मुज जलडमरूमध्य और परमाणु मांगों को दोहराया

अपने पोस्ट में ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम और वैश्विक तेल शिपमेंट के लिए महत्वपूर्ण मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य के निरंतर संचालन के संबंध में अमेरिका की लंबे समय से चली आ रही मांगों पर भी जोर दिया। ट्रंप ने कहा, बहुत पहले ही यह तय हो गया था, और तमाम झूठे दावों के बावजूद – कोई परमाणु हथियार नहीं होंगे और होर्मुज जलडमरूमध्य खुला और सुरक्षित रहेगा।

अमेरिकी सेना आगे की कार्रवाई के लिए तैयार

उन्होंने आगे कहा कि जरूरत पड़ने पर अमेरिकी सेना आगे की कार्रवाई के लिए तैयार है। ट्रंप ने कहा, इस बीच हमारी महान सेना तैयारी कर रही है और आराम कर रही है, दरअसल, अपने अगले विजय अभियान की ओर देख रही है। अमेरिका वापस आ गया है! एपी के अनुसार, ईरान के परमाणु कार्यक्रम की स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं है, हालांकि अमेरिका ने संकेत दिया है कि वह तेहरान के साथ मिलकर दबे हुए समृद्ध यूरेनियम को हटाने के लिए काम करेगा, जो परमाणु हथियार क्षमता से जुड़ी चिंताओं का एक प्रमुख मुद्दा है।

ईरान का न्यूक्लियर प्लांट

ईरान का न्यूक्लियर प्लांट

युद्धविराम समझौते पर दबाव

लेबनान में इजरायली हमलों के जवाब में ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से बंद करने के बाद संघर्ष को रोकने के उद्देश्य से किया गया युद्धविराम समझौता तेजी से कमजोर होता दिख रहा है। व्हाइट हाउस ने इस कदम को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया, और प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने जलमार्ग को खुला रखने की ट्रंप की मांग को दोहराया। बता दें कि अमेरिका और ईरान दोनों ने समझौते के बाद सफलता का दावा किया है, जबकि ईरान और खाड़ी अरब देशों पर ड्रोन और मिसाइलों से हमले जारी हैं, जो स्थिति की अस्थिरता को उजागर करते हैं।

इसी बीच, इजराइल ने लेबनान में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर हमले तेज कर दिए, बेरूत के व्यावसायिक और आवासीय क्षेत्रों को निशाना बनाया है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि बुधवार को कम से कम 182 लोग मारे गए, जो इजराइल-हिज्बुल्लाह संघर्ष का सबसे घातक दिन था। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने युद्धविराम को नाजुक बताया, और इसके कार्यान्वयन को लेकर अनिश्चितता को रेखांकित किया।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडल author

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर... और देखें

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