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क्या था Hezbollah का 'ऑपरेशन गलील',क्यों खौफ में था इजरायल

Iran-Iarael War: ऑपरेशन गलील हिजबुल्लाह का एक ऑपरेशन था जिसका मकसद इजराइल के गलील पर कब्ज़ा करना था। गलील इजरायल का एक ऐसा इलाका है जिसे 'यीशु मसीह के घर' के नाम से जाना जाता है। यहूदियों के अलावा, ईसाइयों के लिए भी यह बहुत पवित्र जगह है।

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जानिए क्या है ऑपरेशन गलील

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Operation Galilee: हिजबुल्लाह काफी लंबे समय से इजराइल के गलील क्षेत्र पर अपना कब्जा करना चाहता है। इसके लिए हिजबुल्लाह (Hezbollah) ने 'गलील पर विजय' (Conquer the Galilee) नाम से एक ऑपरेशन भी शुरू किया था। 7 अक्टूबर 2023 को इजराइल पर हुए हमास के भयानक हमले के बाद हिजबुल्लाह ने बड़ी खतरनाक प्लानिंग की थी। हिजबुल्लाह की योजना इजराइल पर 7 अक्टूबर से भी बड़े हमले की थी। जानकारी के अनुसार, गलील (Galilee) इजराइल का एक विशेष इलाका है जिसे यीशु मसीह के घर से रूप में जाना जाता है। यह यहूदियों के अलावा, ईसाइयों के लिए भी पवित्र स्थान है। हिजबुल्लाह की योजना इजरायल के गलील पर कब्जा करने की थी, जिसमें हिजबुल्लाह की ताकतवर 'रदवान फोर्सेस' मुख्य भूमिका निभा रही थीं। बता दें, हिजबुल्लाह की योजना इजराइल के गलील क्षेत्र पर कब्जा करने और वहां के नागरिकों को मारने और बंधक बनाने की थी।

Galilee

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यहूदी और ईसाई धर्म का केन्द्र माना जाता है गलील

गलील पर कब्जा करने की योजना का उद्देश्य सिर्फ इजराइल के क्षेत्रों पर नियंत्रण नहीं था, बल्कि इजराइल की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छवि को नुकसान पहुंचाना भी था। हिजबुल्लाह और उसके समर्थक संगठनों की यह योजना इजराइल के खिलाफ युद्ध में नई रणनीति के रूप में देखी जा रही है, जिसमें न केवल सैन्य हमले बल्कि जनसंहार और डर फैलाने के तरीकों का भी उपयोग शामिल है।

गलील (Galilee) इजरायल का एक ऐतिहासिक क्षेत्र है। इसका इतिहास कई हजारों साल पुराना है। गलील को यहूदी धर्म, ईसाई धर्म का केन्द्र माना जाता है। गलील पहाड़ों से घिरा हुआ एक सुंदर क्षेत्र है, जो विभिन्न सभ्यताओं के उदय के लिए जाना जाता है। गलील का सबसे प्राचीन उल्लेख बाइबल और यहूदी धर्म ग्रंथों में देखने को मिलता है। यह क्षेत्र हजारों साल पहले से आबाद था। गलील में कनानी, हित्ती और अन्य प्राचीन सभ्यताएं निवास करती थीं। 12वीं शताब्दी ईसा पूर्व में यहूदी जनजातियों ने इस क्षेत्र पर कब्जा कर लिया था। गलील को यहूदी धर्म में पवित्र स्थल माना जाता है, क्योंकि गलील कई धार्मिक घटनाओं से जुड़ा हुआ है।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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