अक्षय ऊर्जा, डिजिटल सहित कई क्षेत्रों में भारत-जॉर्डन के बीच हुए समझौते, ISA में शामिल होना चाहता है अम्मान
- Edited by: आलोक कुमार राव
- Updated Dec 16, 2025, 06:57 AM IST
समझौते से पहले दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की तथा पारस्परिक महत्व के क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और जॉर्डन आतंकवाद के खिलाफ साझा और स्पष्ट रुख रखते हैं। अब्दुल्ला द्वितीय के निमंत्रण पर मोदी दो दिवसीय यात्रा पर जॉर्डन पहुंचे।
भारत और जॉर्डन के बीच हुए अहम समझौते। तस्वीर-MEA
India Jordan Relation: भारत और जॉर्डन ने अपने द्विपक्षीय संबंधों और सहयोग को मजबूती देने के लिए अक्षय ऊर्जा, जल संसाधन, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और सांस्कृतिक विरासत सहित कई अहम क्षेत्रों में सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किए हैं। यही नहीं अम्मान ने इंटरनेशनल सोलर अलायंस में शामिल होने की भी इच्छा जताई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जॉर्डन की दो दिन की यात्रा पर हैं। अम्मान में पीएम मोदी की किंग अब्दुल्ला द्वितीय बिन अल हुसैन के साथ हुई उच्चस्तरीय वार्ता भी हुई।
दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की
समझौते से पहले दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की तथा पारस्परिक महत्व के क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और जॉर्डन आतंकवाद के खिलाफ साझा और स्पष्ट रुख रखते हैं। अब्दुल्ला द्वितीय के निमंत्रण पर मोदी दो दिवसीय यात्रा पर जॉर्डन पहुंचे। शाह ने मोदी का हुसैनीया पैलेस में गर्मजोशी से स्वागत किया, जहां प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता से पहले दोनों के बीच आमने-सामने की बैठक हुई।
आतंकवाद के खिलाफ दोनों देश एकजुट
दोनों पक्षों ने अपनी साझेदारी को और गहरा करने पर सहमति जताई, विशेष रूप से व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी तथा कट्टरपंथ-उन्मूलन, उर्वरक एवं कृषि, नवीकरणीय ऊर्जा तथा पर्यटन के क्षेत्रों में। दोनों नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ अपने एकजुट रुख की पुनः पुष्टि की। मोदी ने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता कायम होगी। आतंकवाद के खिलाफ हमारी साझा और स्पष्ट सोच है। आपके नेतृत्व में जॉर्डन ने आतंकवाद, चरमपंथ और कट्टरपंथ के खिलाफ दुनिया को एक मजबूत और रणनीतिक संदेश दिया है।’ उन्होंने क्षेत्र में स्थायी शांति हासिल करने के लिए किए जा रहे प्रयासों के प्रति भारत के समर्थन की पुनः पुष्टि की।
प्रधानमंत्री ने गाजा मुद्दे पर शाह अब्दुल्ला द्वितीय सराहना की
अब्दुल्ला द्वितीय ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई के प्रति मजबूत समर्थन व्यक्त किया और सभी तरह के आतंकवाद की निंदा की। प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद, चरमपंथ और कट्टरपंथ से निपटने में शाह अब्दुल्ला द्वितीय के नेतृत्व तथा इन बुराइयों के खिलाफ वैश्विक संघर्ष में उनके योगदान की सराहना की। प्रधानमंत्री ने गाजा मुद्दे पर शाह अब्दुल्ला द्वितीय की ‘सक्रिय और सकारात्मक भूमिका’ की सराहना की। मोदी ने याद किया कि 2018 में शाह अब्दुल्ला द्वितीय की भारत यात्रा के दौरान वह इस्लामी विरासत पर आयोजित एक सम्मेलन में शामिल हुए थे। प्रधानमंत्री मोदी ने शाह अब्दुल्ला द्वितीय से कहा, ‘आपके प्रयास न केवल क्षेत्रीय शांति, बल्कि वैश्विक शांति के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।’
उन्होंने कहा, ‘मुझे याद है कि हमारी पहली मुलाकात भी 2015 में संयुक्त राष्ट्र के इतर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हुई थी, जिसका जोर हिंसक चरमपंथ का मुकाबला करने पर था। उस समय भी आपने इस विषय पर प्रेरणादायी विचार रखे थे।’ मोदी ने कहा कि भारत और जॉर्डन इस दिशा में मिलकर आगे बढ़ते रहेंगे तथा आपसी सहयोग के सभी अन्य आयामों को और मजबूत करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने शाह अब्दुल्ला द्वितीय से कहा कि उन्हें भरोसा है कि उनकी मुलाकात भारत-जॉर्डन संबंधों को नयी गति प्रदान करेगी और इससे उसमें प्रगाढ़ता आएगी।
अपना सहयोग जारी रखेंगे दोनों देश
उन्होंने कहा, ‘हम व्यापार, उर्वरक, डिजिटल प्रौद्योगिकी, अवसंरचना और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में अपना सहयोग जारी रखेंगे।’ मोदी ने उनका और उनके प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए जॉर्डन के शाह का धन्यवाद किया। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आपने भारत-जॉर्डन संबंधों को नयी ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए बेहद सकारात्मक विचार साझा किए हैं। मैं आपकी मित्रता और भारत के प्रति आपकी गहरी प्रतिबद्धता के लिए हृदय से धन्यवाद देता हूं। इस वर्ष हम अपने राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। यह उपलब्धि आने वाले कई वर्षों तक हमें नयी ऊर्जा के साथ आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा देती रहेगी।’