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MV Hondius : हंतावायरस वाले जहाज पर सवार दोनों भारतीय नागरिक स्वस्थ, क्वारंटीन के लिए भेजे गए नीदरलैंड

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हंतावायरस से प्रभावित क्रूज जहाज पर सवार सभी लोगों को हाई रिस्क(High-Risk Contact) श्रेणी में रखा है और 42 दिनों तक उनकी लगातार निगरानी की सिफारिश की है। डब्ल्यूएचओ की महामारी एवं रोकथाम विभाग की निदेशक मारिया वैन केरखोव ने कहा कि जहाज पर मौजूद हर व्यक्ति को हाई-रिस्क कॉन्टैक्ट माना जा रहा है

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भारतीय दूतावास ने MV Hondius पर सवार भारतीयों को लेकर दिया हेल्थ अपडेट।

हंता वायरस से संक्रमित क्रूज जहाज MV Hondius ने स्पेन के कैनरी आइलैंड्स के तट के पास डेरा डाल दिया है। जिसके बाद WHO की निगरानी में यात्रियों को इस जहाज से निकाला जा रहा है। इस दौरान अन्तर्राष्ट्रीय प्रोटोकॉल का खास ख्याल रखा जा रहा है। इस बीच, स्पेन में भारतीय दूतावास ने बताया कि जहाज पर सवार दोनों भारतीय स्वस्थ हैं। उनमें वायरस के कोई लक्षण नहीं पाए गए हैं। दूतावास के अनुसार दोनों भारतीय जहाज के क्रू मेंबर थे, जिन्हें एहतियातन क्वारंटीन के लिए नीदरलैंड्स भेजा गया है।

डब्ल्यूएचओ ने कहा सबकी 42 दिन तक होगी निगरानी

इस बीच, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हंतावायरस से प्रभावित क्रूज जहाज पर सवार सभी लोगों को हाई रिस्क(High-Risk Contact) श्रेणी में रखा है और 42 दिनों तक उनकी लगातार निगरानी की सिफारिश की है। डब्ल्यूएचओ की महामारी एवं रोकथाम विभाग की निदेशक मारिया वैन केरखोव ने कहा कि जहाज पर मौजूद हर व्यक्ति को हाई-रिस्क कॉन्टैक्ट माना जा रहा है,भले ही अभी तक किसी में बीमारी के स्पष्ट लक्षण नहीं पाए गए हों। उन्होंने बताया कि जहाज से उतर चुके यात्रियों और चालक दल की भी 42 दिनों तक स्वास्थ्य निगरानी और जांच जरूरी होगी।

हालांकि, डब्ल्यूएचओ ने स्पष्ट किया कि कैनरी आइलैंड्स सहित आम जनता के लिए संक्रमण का जोखिम फिलहाल कम है। यह जहाज रविवार को कैनरी आइलैंड्स पहुंचने वाला है।

क्रूज शिप पर मिले हंतावायरस के मामले

डब्ल्यूएचओ के ‘डिजीज आउटब्रेक न्यूज़’ अपडेट के अनुसार, इस क्रूज जहाज पर 2 मई को पहली बार गंभीर श्वसन संक्रमण के मामले सामने आए थे। उस समय जहाज पर 147 यात्री और क्रू सदस्य सवार थे,जबकि 34 लोग पहले ही जहाज छोड़ चुके थे। अब तक कुल 8 लोगों में बीमारी के लक्षण मिले हैं,जिनमें 3 की मौत हो चुकी है। 6 मामलों में जांच के बाद एंडीज वायरस (Hantavirus) संक्रमण की पुष्टि हुई है।

WHO और भारतीय एजेंसियां रख रहीं नजर

इस पूरे मामले में स्वास्थ्य मंत्रालय, नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC), इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (IDSP) और WHO मिलकर लगातार निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य नियमों (IHR) के तहत संक्रमण की जांच, यात्रियों की निगरानी और आगे की यात्रा से जुड़े इंतजाम किए जा रहे हैं।

कौन-सा वायरस स्ट्रेन मिला?

WHO के अनुसार, इस मामले में Andes strain का हंतावायरस पाया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह वायरस इंसान से इंसान में बहुत सीमित स्तर पर फैलता है। संक्रमण फैलने के लिए लंबे समय तक बेहद करीबी संपर्क की जरूरत होती है। फिलहाल WHO ने इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए “लो रिस्क” यानी कम खतरे वाला माना है।

ऐसे होते हैं हंतावायरस के लक्षण

इसके बाद डब्ल्यूएचओ ने सभी संबंधित देशों को संपर्क में रहकर संक्रमितों की पहचान, इलाज, संक्रमण नियंत्रण और समय पर जानकारी साझा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा गया है कि लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, चक्कर, ठंड लगना, पेट दर्द, उल्टी और दस्त शामिल हो सकते हैं। संस्था ने यह भी चेतावनी दी है कि कुछ मामलों में लक्षण आने से पहले भी संक्रमण फैलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, इसलिए सभी संभावित संपर्कों की निगरानी बेहद जरूरी है।

Shiv Shukla
शिव शुक्ला author

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभ... और देखें

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