Israel Iran Conflict: ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध ने नया मोड़ ले लिया। शनिवार को ईरान ने इजरायल के दक्षिणी शहरों अराद और दिमोना पर मिसाइलें दागी हैं, जिन्होंने व्यापक तबाही मचाई। इस हमले में बहुमंजिला इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं। दीवारें, खिड़कियां और दरवाजे ढह गए। इस भीषण हमले के बावजूद किसी व्यक्ति की मौत तो नहीं हुई, लेकिन 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए। फिलहाल, स्वयंसेवक मलबे की सफाई और घायलों की मदद में जुटे हुए हैं।
इस बीच, टाइम्स नाउ की टीम ने मिसाइल हमले वाली जगह का दौरा किया और वहां के जमीनी हालातों को करीब से देखा। टाइम्स नाउ के रिपोर्टर मयंक ने अराद में टूटी हुईं इमारतें और मलबा देखा। इस दौरान, उन्होंने स्थानीय निवासियों से भी बात की। कानन (Kanan) नामक एक व्यक्ति ने बताया कि यह ईरान से आई एक बहुत बड़ी मिसाइल थी। कानन के माता-पिता मूल रूप से मुंबई से हैं और उन्होंने बातचीत के दौरान बताया कि उन्हें थोड़ी बहुत मराठी भी आती है।
महिलाओं-बच्चों को निशाना बना रही ईरानी सेना
कानन की अराद में एक दुकान है, जहां वह भारतीय खाद्य उत्पाद बेचते हैं। उन्होंने बताया कि पड़ोस में लगभग 500 भारतीय रहते और काम करते हैं। इस दौरान, कानन ने कहा कि वह बहुत मजबूत हैं और भारत तथा अमेरिका जैसे दोस्तों के साथ मिलकर ईरान से आने वाली इस बुराई का सामना करेंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि ईरानी सेना बुनियादी ढांचे या सेना को नहीं, बल्कि नागरिकों, महिलाओं और बच्चों को निशाना बना रही है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से "कट्टरपंथी इस्लाम" के खिलाफ एकजुट होने की अपील की
सुरक्षित स्थान पर भेजे गए लोग
अराद में मिसाइल हमले में किसी की जान तो नहीं गई, लेकिन 115 लोग घायल हो गए, जिनमें से 10 गंभीर बताए जा रहे हैं और लगभग 1,500 लोगों को उनके घरों से निकालकर सुरक्षित स्थानों या होटलों में शिफ्ट किया गया है।
राहत एवं बचाव कार्य में जुटे स्वयंसेवक
टाइम्स नाउ ने देखा कि अराद में मेड इन इंडिया उत्पादों का इस्तेमाल लोगों की सुरक्षा और सहायता के लिए किया जा रहा है। वन हार्ट नामक संगठन के युवा स्वयंसेवक मलबे की सफाई और घायलों को फ्लैटों से बाहर निकालने में मदद कर रहे हैं।
वन हार्ट संगठन
स्वयंसेवी संगठन के एक व्यक्ति ने बताया कि इजरायल के लोग मानते हैं कि वह सभी 'एक दिल' की तरह एकजुट हैं। इसीलिए इसका नाम 'वन हार्ट' रखा गया है। इसमें मुख्य रूप से युवा शामिल हैं, जिन्होंने अभी-अभी अपनी हाई स्कूल की शिक्षा पूरी की है और अपनी अनिवार्य सैन्य सेवा (Army Service) शुरू करने वाले हैं।
उन्होंने कहा कि ये स्वयंसेवक इज़रायल में जहां भी ज़रूरत होती है, वहां मदद के लिए पहुंच जाते हैं। अराद में मिसाइल हमले के बाद, वे प्रभावित इमारतों के अंदर जाकर घायलों को बाहर निकालने और मलबे की सफाई करने में प्रशासन की मदद कर रहे हैं।
नेतन्याहू ने अराद का किया दौरा
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू इसे चमत्कार मानते हैं कि अराद में हुए हमले में जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। नेतन्याहू और इजरायली विदेश मंत्री गिदोन सा'आर ने उस इलाके का दौरा किया, जहां पर मिसाइल गिरी थी। इस दौरान, संवाददाताओं से बातचीत में नेतन्याहू ने कहा, ''यहां एक चमत्कार हुआ, क्योंकि हमले में कोई जनहानि नहीं हुई। लेकिन देश महज किस्मत के भरोसे नहीं रह सकता है।''
उन्होंने कहा कि मिसाइल रिहायशी इमारतों के बीच गिरी, जिससे बड़ा खतरा पैदा हो सकता था। उन्होंने कहा कि मौजूदा संघर्ष में इजरायल बढ़त बना रहा है और दुश्मन को लगातार कमजोर कर रहा है।
