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फ्रांस ने दिखाया ट्रंप को आईना, कहा- हमपर काम नहीं आएगी धमकी, जानें- क्या है पूरा मामला

America-France News: राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी टैरिफ की धमकियों को अस्वीकार्य बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अगर ये धमकियां सच साबित होती हैं, तो यूरोपीय देश एकजुट और तालमेल के साथ जवाब देंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी धमकी या दबाव हमें प्रभावित नहीं करेगा।

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फ्रांस ने दिखाया ट्रंप को आईना (AP)

France on Trump Tariff Threats: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी टैरिफ की धमकियों को अस्वीकार्य बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अगर ये धमकियां सच साबित होती हैं, तो यूरोपीय देश एकजुट और तालमेल के साथ जवाब देंगे। मैक्रों ने अपने X अकाउंट पर यह भी कहा कि फ्रांस देशों की संप्रभुता और स्वतंत्रता के लिए प्रतिबद्ध है और इसी आधार पर फ्रांस ने डेनमार्क द्वारा ग्रीनलैंड में आयोजित अभ्यास में हिस्सा लेने का फैसला किया है।उन्होंने जोर देकर कहा, 'कोई भी धमकी या दबाव हमें प्रभावित नहीं करेगा।'

मैक्रों ने ऐसा क्यों कहा?

मैक्रों की यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शनिवार के ऐलान के जवाब में आई है, जिसमें अमेरिका ने कहा कि 1 फरवरी से वह ग्रीनलैंड को लेकर डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, नीदरलैंड और फिनलैंड से आने वाले सामानों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाएगा और जून की शुरुआत से इसे बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर देगा। अमेरिका ने कहा कि जब तक कि ग्रीनलैंड को खरीदने के लिए कोई समझौता नहीं हो जाता, तब तक ये टैरिफ रहेगा।

बता दें कि ग्रीनलैंड, दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप, डेनमार्क साम्राज्य के भीतर एक स्व-शासित क्षेत्र है, जिसमें कोपेनहेगन रक्षा और विदेश नीति पर नियंत्रण रखता है। अमेरिका का इस द्वीप पर एक सैन्य अड्डा है। 2025 में सत्ता में लौटने के बाद से, ट्रंप ने बार-बार ग्रीनलैंड को हासिल करने की इच्छा जताई है।

डेनमार्क के साथ आए यूरोपियन देश

इस बीच, नॉर्डिक नेता सबसे पहले विरोध करने वालों में से थे, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सहयोगियों के बीच विवादों को दबाव के बजाय बातचीत से सुलझाया जाना चाहिए। डेनिश विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन ने कहा कि वह टैरिफ की धमकी से हैरान हैं और उन्होंने बताया कि डेनमार्क यूरोपीय आयोग के साथ घनिष्ठ संपर्क में है।

नॉर्वेजियन प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर ने राष्ट्रीय समाचार एजेंसी NTB को दिए गए बयान में इन धमकियों को अस्वीकार्य बताया। उन्होंने कहा कि सहयोगियों के बीच धमकियों की कोई जगह नहीं है और डेनमार्क साम्राज्य की संप्रभुता के लिए नॉर्वे के समर्थन को दोहराया।

फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने कहा कि सहयोगियों के बीच मुद्दों को दबाव से नहीं, बल्कि चर्चा से सबसे अच्छी तरह से हल किया जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि टैरिफ अटलांटिक पार संबंधों को नुकसान पहुंचा सकते हैं और एक खतरनाक गिरावट की शुरुआत कर सकते हैं।

स्वीडिश प्रधान मंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने टैरिफ को ब्लैकमेल कहकर खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि स्वीडन खुद को ब्लैकमेल नहीं होने देगा और तर्क दिया कि इस मामले को यूरोपीय संघ स्तर पर संभाला जाना चाहिए।

 Nitin Arora
Nitin Arora author

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदे... और देखें

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