चीन की एक अदालत ने पूर्व कृषि एवं ग्रामीण मामलों के मंत्री तांग रेनजियान को भारी रिश्वतखोरी के मामले में रविवार को मौत की सजा सुनाई है। हालांकि, इस सजा पर अगले दो साल तक अमल नहीं होगा। अदालत ने उन्हें आजीवन राजनीतिक अधिकारों से वंचित कर दिया है और उनकी पूरी संपत्ति जब्त करने का आदेश भी दिया है।
अदालत का फैसला
पूर्वोत्तर चीन के जिलिन प्रांत में स्थित चांगचुन की इंटरमीडिएट पीपुल्स कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि तांग ने अपने पद का दुरुपयोग कर अवैध लाभ कमाए। अदालत ने स्पष्ट किया कि 2007 से 2024 के बीच, तांग ने केंद्रीय और स्थानीय स्तर पर कई पदों पर रहते हुए अपने अधिकारों का अनुचित इस्तेमाल किया और इसके बदले में उन्होंने रिश्वत ली।
रिश्वतखोरी का पैमाना
सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, तांग ने लगभग 26.8 करोड़ युआन (करीब 3.8 करोड़ अमेरिकी डॉलर) और कीमती वस्तुएं रिश्वत के रूप में स्वीकार कीं। अदालत ने आदेश दिया कि इन अवैध कमाई को जब्त कर राष्ट्रीय खजाने में जमा किया जाएगा।
स्वीकारोक्ति और सुनवाई
तांग रेनजियान ने अदालत में अपना अपराध स्वीकार किया और खेद भी जताया। इस मामले की सुनवाई 25 जुलाई को हुई थी, जिसमें अभियोजकों, प्रतिवादी और बचाव पक्ष के वकीलों ने सबूतों की जिरह की और अपने-अपने बयान पेश किए। अदालत ने अंततः माना कि तांग के अपराध इतने गंभीर हैं कि मृत्युदंड ही उचित सजा है।
भ्रष्टाचार विरोधी अभियान की पृष्ठभूमि
यह फैसला चीन में चल रहे व्यापक भ्रष्टाचार विरोधी अभियान की एक और बड़ी कड़ी है। राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 2012 में सत्ता संभालने के बाद से इस अभियान को तेज किया। अब तक 10 लाख से अधिक अधिकारियों को दंडित या अनुशासित किया जा चुका है, जिनमें कई शीर्ष सैन्य अधिकारी और वरिष्ठ राजनेता भी शामिल हैं।
