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हिजबुल्लाह पर ट्रंप का दांव फेल; सीरियाई राष्ट्रपति का जंग में कूदने से साफ इनकार, जानें- किस तैयारी में था अमेरिका?

Syria President Ahmed al Sharaa: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हिजबुल्लाह को खत्म करने के लिए हर जगह हाथ-पैर मार रहे हैं, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल रही।

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हिजबुल्लाह पर ट्रंप का दांव फेल; सीरियाई राष्ट्रपति का जंग में कूदने से साफ इनकार, जानें- किस तैयारी में था अमेरिका? (AP)

Donald Trump on Hezbollah: पश्चिम एशिया में जारी जंग को रोकने और ईरान समर्थित चरमपंथी संगठन हिजबुल्लाह का खात्मा करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस समय चौतरफा कूटनीतिक हाथ-पैर मार रहे हैं। स्विट्जरलैंड में अमेरिका-ईरान महा-वार्ता में पैदा हुए गतिरोध से हताश ट्रंप अब इजराइल की जगह सीरिया को हिजबुल्लाह के खिलाफ जंग में झोंकना चाहते थे। लेकिन ट्रंप की इस महा-योजना को सीरिया के नए अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शराअ (Ahmed al-Sharaa) ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। सीरिया ने साफ कह दिया है कि वह हिजबुल्लाह के खिलाफ किसी सैन्य मोर्चे या जंग का हिस्सा नहीं बनेगा।

ट्रंप की छटपटाहट: इजराइल और हिजबुल्लाह दोनों पर बरसे

रविवार को 'फॉक्स न्यूज' को दिए एक इंटरव्यू में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का गुस्सा और हताशा साफ देखने को मिली। स्विट्जरलैंड में ईरान के साथ चल रही शांति वार्ता में हिजबुल्लाह के कारण पैदा हो रही बाधाओं से ट्रंप बेहद चिढ़ चुके हैं। इंटरव्यू के दौरान ट्रंप के बयान से साफ हुआ कि वे हिजबुल्लाह को ठिकाने लगाने के लिए कई मोर्चों पर कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिल रही:

इजराइल से गहरी निराशा: ट्रंप ने खुलकर कहा कि वे इस बात से बेहद निराश हैं कि इजराइल की सेना हिजबुल्लाह को पूरी तरह खत्म नहीं कर पा रही है। ट्रंप ने तंज कसते हुए कहा, 'इजराइल इमारतों को गिराए बिना कुछ नहीं कर सकता।'

ट्रंप और जेडी वेंस की शिकायत: ट्रंप ने खुलासा किया कि वे और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस लगातार इजराइल के युद्ध लड़ने के तरीके की आलोचना कर रहे हैं, क्योंकि इजराइल के हमलों से लेबनान में बड़े पैमाने पर आम नागरिक मारे जा रहे हैं, जिससे ईरान के साथ होने वाली अमेरिकी डील बार-बार खटाई में पड़ रही है।

सीरिया को युद्ध सौंपने की तैयारी: इजराइल से परेशान होकर ट्रंप ने सोशल मीडिया और इंटरव्यू में संकेत दिया कि वे हिजबुल्लाह के खिलाफ इस मोर्चे को सीरिया के हवाले करने के बेहद करीब हैं। ट्रंप ने कहा था, 'मैं इसे (हिजबुल्लाह के खिलाफ लड़ाई) सीरिया को सौंपने के करीब हूं।'

सीरियाई राष्ट्रपति का जवाब: 'हम जंग नहीं, आर्थिक रास्ते तलाश रहे हैं'

साल 2024 के अंत में बशर अल-असद की तानाशाही हुकूमत को उखाड़ फेंकने के बाद सीरिया के नए मुखिया बने अहमद अल-शराअ इस समय अपने देश के पुनर्निर्माण में जुटे हैं। उन्होंने ट्रंप के इस सैन्य सुझाव को सिरे से खारिज कर दिया। अरब न्यूज आउटलेट 'अल मुशहाद' से बात करते हुए सीरियाई राष्ट्रपति ने कहा, 'लेबनान का संकट बहुत गंभीर है और वहां सैन्य समाधान पूरी तरह ठप हो चुके हैं। राष्ट्रपति ट्रंप के बयान को लोगों ने गलत समझा। उन्होंने सुरक्षित समाधान में सीरिया की भूमिका की बात की थी, लेकिन लोगों को लगा कि सीरिया कल सुबह ही लेबनान में सेना भेज देगा। लेबनान का समाधान जंग और शहरों पर बमबारी से नहीं निकल सकता।'

सैन्य नहीं, आर्थिक संबंध

राष्ट्रपति अल-शराअ ने स्पष्ट किया कि सीरिया इस समय लेबनान के साथ मिलिट्री नहीं बल्कि आर्थिक रास्ते तलाश रहा है। हमारा ध्यान सीरिया को दोबारा खड़ा करने और लेबनान सरकार की संस्थाओं को मजबूत करने पर है।

क्या हिजबुल्लाह से बात करेंगे? जब सीरियाई राष्ट्रपति से पूछा गया कि क्या वे बातचीत की मेज पर हिजबुल्लाह के साथ बैठेंगे? तो उन्होंने बेहद व्यावहारिक जवाब देते हुए कहा, 'अगर इससे लेबनान और सीरिया दोनों के हितों की रक्षा होती है, तो क्यों नहीं?'

इजराइल का अड़ियल रुख और उलझती कूटनीति

एक तरफ जहां ट्रंप हिजबुल्लाह को रोकने के लिए सीरिया जैसे देशों को जोड़ने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अपनी जिद पर अड़े हैं। नेतन्याहू ने रविवार को फिर दोहराया कि इजराइली सेना (IDF) दक्षिणी लेबनान में अपना 'बफर जोन' हर हाल में बनाए रखेगी। हालांकि, इजराइली सेना खुद अब अपने राजनीतिक नेतृत्व पर दबाव बना रही है कि वे लेबनान सरकार के साथ बातचीत तेज करें, क्योंकि इस हफ्ते दोनों पक्षों के बीच एक और अहम बैठक होने वाली है।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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