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MoU पर US-ईरान बातचीत, अराघची ने बताया-पहले चरण की वार्ता में तेहरान को क्या-क्या मिला? किन मुद्दों पर बनी सहमति

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इसे 'पहला वास्तविक परीक्षा बताया'। इस एमओयू पर दोनों पक्ष 60 दिनों तक बातचीत करेंगे। ल्यूसर्न झील के पास स्थित होटल में चल रही इस बातचीत में मध्यस्थता कतर और पाकिस्तान कर रहे हैं।

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ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची।

Photo : ANI

Iran US talk on MoU: स्विटजरलैंड के बर्गेनस्टॉक में अमेरिका और ईरान के बीच 14 प्वाइंट वाले MoU पर तकनीकी बातचीत चल रही है। वार्ता का पहला चरण समाप्त होने के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बयान दिया है। उन्होंने सोमवार को कहा कि 'लेबनान युद्ध रोकने पर बड़ी सफलता मिली है। ईरान के विदेश मंत्री ने इसे 'पहला वास्तविक परीक्षा बताया'। इस एमओयू पर दोनों पक्ष 60 दिनों तक बातचीत करेंगे। ल्यूसर्न झील के पास स्थित होटल में चल रही इस बातचीत में मध्यस्थता कतर और पाकिस्तान कर रहे हैं।

तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पाद के निर्यात पर मिली छूट

X पर अपने एक पोस्ट में अराघची ने कहा कि इस बातचीत में पाकिस्तान और कतर मध्यस्थता कर रहे हैं। अराघची ने पुष्टि करते हुए कहा कि ईरानी तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पाद के निर्यात पर छूट मिली है। ईरान के बंदरगाहों पर यूएस ने जो नाकेबंदी लगाई थी, उसे हटा लिया गया है। यहां तक कि ईरान की जप्त संपत्तियों में से कुछ को जारी किया गया है। ईरान के विकास से जुड़ी एक योजना पर भी चर्चा हुई।

ईरान के पुनर्निर्माण पर हुई चर्चा

उन्होंने लिखा, 'पाकिस्तान और कतर की लगातार मध्यस्थता से लेबनान युद्ध खत्म कराने में बड़ी कामयाबी मिली। तेल और पेट्रोकेमिकल निर्यात पर छुट मिली है, ब्लॉकेड हट गया है। कुछ जप्त संपत्तियां मिली हैं। ईरान के पुनर्निर्माण एवं विकास पर चर्चा हुई।'

कतर-पाकिस्तान ने बातचीत को 'उत्साहजनक' बताया

उन्होंने आगे कहा कि अगली महत्वपूर्ण चुनौती वार्ता में शामिल पक्षों और लेबनान के बीच एक डी-कॉन्फ्लिक्शन (तनाव-नियंत्रण) तंत्र स्थापित करना होगा, ताकि समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत सैन्य गतिविधियों को रोकने संबंधी प्रावधानों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। अमेरिका-ईरान के बीच उच्चस्तरीय वार्ता का पहला दौर रविवार को स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक स्थित लेक ल्यूसर्न समिट में संपन्न हुआ। मध्यस्थ देशों कतर और पाकिस्तान ने बातचीत को 'उत्साहजनक' बताया और 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते तक पहुंचने के उद्देश्य से एक रोडमैप की घोषणा की।

सोमवार को जारी संयुक्त बयान में मध्यस्थों ने कहा कि यह शिखर सम्मेलन 'सकारात्मक और रचनात्मक माहौल' में आयोजित हुआ तथा इसके परिणामस्वरूप आगे की तकनीकी वार्ताओं को जारी रखने के लिए एक तंत्र (मैकेनिज्म) स्थापित किया गया है।

पहले दौर में ये हुई बातचीत

स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक में ईरान, अमेरिका, कतर और पाकिस्तान के बीच उच्च-स्तरीय वार्ता का पहला दौर सकारात्मक और रचनात्मक माहौल में संपन्न हुआ। इस दौरान पक्षों ने आगे की तकनीकी चर्चाओं के लिए एक विशेष तंत्र स्थापित करने, पूरी मध्यस्थता प्रक्रिया की राजनीतिक निगरानी के लिए हाई-लेवल कमेटी गठित करने तथा परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों और समझौते के क्रियान्वयन से जुड़े मुद्दों पर अलग-अलग कार्य समूह बनाने पर सहमति जताई। सभी पक्षों ने 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए एक रोडमैप पर भी सहमति व्यक्त की।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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