PM Modi Europe Visit : डेनमार्क में पीएम मोदी ने भारतीयों से पांच गैर-भारतीय मित्रों को भारत आने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया
PM Narendra Modi Europe Visit : यूरोप के तीन देशों के दौरे के पहले पड़ाव जर्मनी में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा था कि रूस यूक्रेन संकट से किसी का भला नहीं होने वाला है। यह बेहतर होगा कि विवाद के जो भी बिंदु हैं उन्हें आपसी बातचीत के जरिए सुलझाया जाए। इस संकट से सबसे अधिक असर दुनिया के उन मुल्कों पर पड़ रहा है जो गरीब और विकास की पटरी पर खुद को दौड़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
PM Narendra Modi Europe Visit: जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज़ के साथ अपनी बातचीत के बाद, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था, इस युद्ध में कोई जीतने वाली पार्टी नहीं होगी सभी को भुगतना होगा। यूक्रेन संघर्ष से उत्पन्न उथल-पुथल के कारण तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं; दुनिया में खाद्यान्न और उर्वरकों की भी कमी है। इसने दुनिया के हर परिवार पर बोझ डाला है, लेकिन विकासशील और गरीब देशों पर इसका असर और भी गंभीर होगा। भारत इस संघर्ष के मानवीय प्रभाव से बहुत चिंतित है।
स्कोल्ज़ ने कहा कि वह और पीएम मोदी सहमत हैं कि "हिंसा के माध्यम से सीमाओं को नहीं बदला जाना चाहिए और यह कि हिंसा के साथ-साथ राष्ट्रों की संप्रभुता को सार्वभौमिक रूप से स्वीकार किया जाना चाहिए।" उन्होंने कहा कि उन्होंने जून के अंतिम सप्ताह में जर्मनी में होने वाली जी-7 बैठक में मोदी को आमंत्रित किया है।
मोदी मंगलवार को डेनमार्क के दौरे पर हैं और कोपेनहेगन में डेनमार्क के पीएम मेटे फ्रेडरिकसेन से मुलाकात की है, वहीं पीएम मोदी आइसलैंड, फिनलैंड, स्वीडन और नॉर्वे के प्रधानमंत्रियों के साथ दूसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भी भाग लेंगे।वह बुधवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात करेंगे।
PM Modi ने कोपेनहेगन में ढोल पर आजमाया हाथ
पीएम मोदी बोले- जब मैंने डिजिटल इंडिया की बात की थी तो लोगों ने सवाल खड़े किए
कोपेनहेगन में प्रधानमंत्री ने कहा- जब मैंने डिजिटल इंडिया की बात की थी तो कुछ लोगों ने तरह-तरह के सवाल खड़े किए थे. 'डिजिटल, भारत में?' मैं कहना चाहता हूं कि 5-6 साल पहले हम प्रति व्यक्ति डेटा खपत के मामले में सबसे पिछड़े देशों में से एक थे। लेकिन आज स्थिति बदल गई है।
PM बोले- LIFE यानि Lifestyle for environment को प्रमोट करने का समय की सबसे बड़ी मांग है
LIFE – यानि Lifestyle for environment को प्रमोट करने का समय की सबसे बड़ी मांग है। Consumption oriented approach से बाहर निकलना बहुत ज़रूरी है। ‘Use and throw’ वाला mindset, planet के लिए नकारात्मक है।
पीएम मोदी बोले-भारत की ताकत जब बढ़ती है तो दुनिया की ताकत बढ़ती है
पीएम मोदी ने कहा कि भारत की ताकत जब बढ़ती है तो दुनिया की ताकत बढ़ती है। फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड की भूमिका में भारत ने मुश्किल समय में पूरी दुनिया का साथ दिया है, अनेकों देशों को दवाइयां भेजी हैं।
PM मोदी बोले- भारत बड़े स्केल पर प्रोडक्शन ना करता, तो दुनिया के अनेक देशों की क्या स्थिति होती?
कल्पना कीजिए कि अगर भारत में हम वैक्सीनेशन को हर परिवार तक नहीं पहुंचा पाते, तो उसका दुनिया पर क्या असर होता? अगर भारत मेड इन इंडिया, सस्ती और प्रभावी वैक्सीन्स पर काम ना करता, बड़े स्केल पर प्रोडक्शन ना करता, तो दुनिया के अनेक देशों की क्या स्थिति होती?
PM मोदी बोले- भाषा कोई भी हो, लेकिन हम सभी के संस्कार भारतीय ही हैं
भाषा कोई भी हो, लेकिन हम सभी के संस्कार भारतीय ही हैं। हमारी खाने की थाली बदल जाती है, taste बदल जाता है। लेकिन स्नेह से बार-बार आग्रह करने का भारतीय तरीका नहीं बदलता। हम राष्ट्ररक्षा के लिए मिलकर खड़े होते हैं, राष्ट्रनिर्माण में मिलकर जुटते हैं।
पीएम मोदी ने कहा World Leaders अपने देशों में बसे भारतीय समुदाय की उपलब्धियों के बारे में बताते हैं
हमारी Green strategic partnership प्रधानमंत्री फ्रेडरिक्सन की व्यक्तिगत प्राथमिकताओं, उनकी values से गाइडेड है। आज उनके साथ मेरी जो चर्चा हुई है, उस से दोनों देशों के संबंधों को नई ताकत मिलेगी, नई ऊर्जा मिलेगी। पीएम मोदी ने कबहा कि एक भारतीय, दुनिया में कहीं भी जाए, वो अपनी कर्मभूमि के लिए, उस देश के लिए पूरी ईमानदारी से कंट्रीब्यूट करता है। अनेक बार जब मेरी world leaders से मुलाक़ात होती है तो वे अपने देशों में बसे भारतीय समुदाय की उपलब्धियों के बारे में मुझे गर्व से बताते हैं:
PM मोदी ने कहा- ये भारत और डेनमार्क के मज़बूत होते संबंधों को दिखाता है
कोरोना के कारण बहुत समय तक सभी की life एक तरह से वर्चुअल मोड में ही चल रही थी। पिछले साल जैसे ही आवाजाही मुमकिन हुई तो प्रधानमंत्री फ्रेडरिक्सन पहली Head of Government थीं जिनका हमें भारत में स्वागत करने का अवसर मिला। ये भारत और डेनमार्क के मज़बूत होते संबंधों को दिखाता है।
PM मोदी कोपेनहेग में भारतीय समुदाय के बीच दे रहे संबोधन
कोपेनहेगन में भारतीय समुदाय से मिले पीएम मोदी
पीएम मोदी बोले-इन दिनों सोशल मीडिया पर FOMO का प्रचलन बढ़ रहा है
पीएम बोले- 'भारत में बढ़ते ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और हमारे व्यापक आर्थिक सुधारों का लाभ मिल रहा है'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 200 से अधिक डेनिश कंपनियां भारत में विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रही हैं जैसे पवन ऊर्जा, शिपिंग, कंसल्टेंसी, इंजीनियरिंग आदि। इन्हें भारत में बढ़ते ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और हमारे व्यापक आर्थिक सुधारों का लाभ मिल रहा है।
पीएम ने कहा-आपके खूबसूरत देश में मेरी ये पहली यात्रा है
भारत और डेनमार्क के बीच कई समझौतों पर सहमति बनी
डेनमार्क पहुंचे पीएम मोदी, प्रधानमंत्री मेट फ्रेडरिक्सन ने कराया अपने आवास का दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोपेनहेगन में डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेट फ्रेडरिकसेन के आवास का निजी दौरा किया इस दौरान उनके साथ डेनमार्क की पीएम भी मौजूद रहीं, दोनों के बीच वार्ता भी हुई।
पीएम की पहली डेनमार्क यात्रा
यह प्रधानमंत्री की पहली डेनमार्क यात्रा है। उन्होंने अपने प्रस्थान वक्तव्य में कहा था, ‘‘मैं कोपेनहेगन की यात्रा करुंगा जहां प्रधानमंत्री फ्रेडेरिक्सेन के साथ द्विपक्षीय मुलाकात करुंगा। इससे डेनमार्क के साथ हमारी विशिष्ट ‘हरित रणनीतिक साझेदारी’ में प्रगति की समीक्षा का तथा हमारे द्विपक्षीय संबंधों के अन्य पहलुओं की भी समीक्षा का अवसर मिलेगा।’’
दूसरे चरण में डेनमार्क के कोपेनहेगन पहुंचे मोदी
बर्लिन में पहुंचे पीएम मोदी का हुआ स्वागत
2 बजे कोपेनहेगेन में होंगे पीएम मोदी
भारतीय समय के हिसाब से दोपहर करीब दो बजे पीएम मोदी कोपेनहेगेन पहुंचेंगे और वहां के पीएम से मुलाकात करेंगे। उसके बाद भारत- नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। बता दें कि पीएम मोदी के यूरोपीय दौरे का आज दूसरा दिन है। यात्री के अंतिम चरण में वो फ्रांस जाएंगे।
पीएम का यूरोपीय दौरा
जानकारों का कहना है कि रूस यूक्रेन संकट के बीच भारत को एक स्पष्ट नीति पर काम करना होगा। 1980-90 के दशक से आज के हालात अलग हैं। लिहाजा आप सिर्फ मीठी मीठी बातें नहीं कर सकते हैं। हालांकि दूसरे जानकारों का मत है कि भारत सधे हुए रुख के साथ आगे बढ़ रहा है। हमें यह संदेश जरूर देना चाहिए कि हमारी विदेश नीति किसी के दबाव में या इशारे पर काम नहीं करती है।
कोपेनहेगेन में होंगे पीएम मोदी
मंगलवार को पीएम मोदी डेनमार्क जाएंगे और डेनमार्क के पीएम मेटे फ्रेडरिकसेन से कोपेनहेगन में मुलाकात करेंगे। वह डेनमार्क, आइसलैंड, फिनलैंड, स्वीडन और नॉर्वे के प्रधानमंत्रियों के साथ दूसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भी भाग लेंगे।प्रवासी भारतीयों के लिए प्रधानमंत्री का एक घंटे का संबोधन यहां ‘थिएटर एम पोस्टडैमर प्लात्ज’ में हुआ। यहां बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय एकत्र हुए थे। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने ‘‘भारत माता की जय’, ‘मोदी है तो मुमकिन है’ और ‘2024, मोदी फिर एक बार’ जैसे नारे लगाये।इस कार्यक्रम में जर्मनी में भारतीय समुदाय के 1600 से अधिक सदस्यों ने भाग लिया, जिनमें छात्र, शोधकर्ता और पेशेवर शामिल थे।
उन्होंने कहा कि पिछले आठ वर्षों में भारत हर क्षेत्र- जीवन में सुगमता, जीवन की गुणवत्ता, रोजगार में आसानी, शिक्षा की गुणवत्ता, व्यापार करने में आसानी, यात्रा की गुणवत्ता, उत्पादों की गुणवत्ता- में तेज गति से प्रगति हासिल कर रहा है। भारत हर क्षेत्र में प्रगति की दिशा में तेजी से काम कर रहा है और उस यात्रा में नये मुकाम हासिल कर रहा था।’’मोदी ने कहा, ‘‘नया भारत अब एक सुरक्षित भविष्य के बारे में नहीं सोचता है, बल्कि जोखिम लेने के लिए तैयार है, नया करने और विकास को बढ़ावा देने के लिए तैयार है। भारत में 2014 के आसपास 200-400 स्टार्ट-अप थे, आज 68,000 स्टार्ट अप और दर्जनों यूनिकॉर्न हैं...जिनमें से कुछ पहले ही 10 अरब डॉलर के आकलन के साथ डेका-कॉर्न बन गए हैं।’’
जर्मनी के निवेशकों से भारत में निवेश की अपील
धानमंत्री ने सरकार द्वारा किए गए व्यापक सुधारों का उल्लेख किया तथा भारत में स्टार्ट-अप और यूनिकॉर्न की बढ़ती संख्या को रेखांकित किया।’’ उन्होंने उद्योगपतियों को भारत के युवाओं में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया।इस आयोजन में दोनों देशों की सरकारों के शीर्ष प्रतिनिधियों और दोनों पक्षों के चुनिंदा मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) ने हिस्सा लिया। इस दौरान जलवायु सहयोग, आपूर्ति श्रृंखला, अनुसंधान और विकास जैसे विषयों पर चर्चा की गई।भारतीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सीआईआई अध्यक्ष एवं बजाज फिनसर्व के प्रबंध निदेशक संजीव बजाज ने किया। बाबा एन कल्याणी, सी के बिड़ला, पुनीत चटवाल, सलिल सिंघल, सुमंत सिन्हा, दिनेश खरा, सी पी गुरनानी और दीपक बागला भारतीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे।
जर्मन व्यापार प्रतिनिधिमंडल में सीमेंस, बीएएसएफ, बॉश, वोक्सवैगन, जीएफटी टेक्नोलॉजीज शेफ़लर और ड्यूशे बैंक के प्रतिनिधि शामिल थे।इस बीच, विदेश मंत्रालय ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘हमारे व्यापारिक संबंधों को और प्रगाढ़ करने के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ओलाफ शॉल्ज ने भारतीय तथा जर्मन कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ बातचीत की। भारत-जर्मन आर्थिक और वाणिज्यिक साझेदारी को और प्रगाढ़ बनाने के तरीकों पर चर्चा की।’’मोदी की यह यात्रा यूक्रेन संकट के बीच हो रही है, जिसने यूरोप के अधिकांश हिस्से को रूस के खिलाफ एकजुट कर दिया है। इस बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी हिस्सा लिया।
रूस यूक्रेन संकट का समाधान जरूरी
रूस ने यूक्रेन और उसकी नागरिक आबादी पर हमला करके अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के मौलिक सिद्धांतों का उल्लंघन किया है, जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज़ ने सोमवार को कहा कि वह और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी सहमत हैं कि "हिंसा के उपयोग के माध्यम से सीमाओं को नहीं बदला जाना चाहिए" और "हिंसा के साथ-साथ राष्ट्रों की संप्रभुता को सार्वभौमिक रूप से स्वीकार किया जाना चाहिए"।वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में, एक पंक्ति सामने आई: "जर्मनी ने रूसी सेनाओं द्वारा यूक्रेन के खिलाफ गैरकानूनी और अकारण आक्रामकता की अपनी कड़ी निंदा दोहराई।एकतरफा बयान, जो संयुक्त बयान में एक देश के विचारों को व्यक्त करता है, असामान्य है और दोनों देशों के विचारों में भिन्नता को दर्शाता है। लेकिन अभिसरण दिखाने के लिए पर्याप्त पंक्तियाँ थीं। "जर्मनी और भारत ने यूक्रेन में चल रहे मानवीय संकट के बारे में अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट रूप से यूक्रेन में नागरिकों की मौत की निंदा की," यह कहा।

