ब्रिटेन ने Pfizer-BioNTech कोविड-19 वैक्सीन को दी मंजूरी, अगले हफ्ते से शुरू होगा टीकाकरण

ब्रिटेन Pfizer-BioNTech COVID-19 वैक्सीन को इस्तेमाल करने के लिए मंजूरी देने वाला दुनिया का पहला देश बन गया।

UK becomes world country to approve Pfizer-BioNTech Covid-19 vaccine, will be available from next week
फाइजर-बायोएनटेक कोविड-19 वैक्सीन   |  तस्वीर साभार: BCCL

मुख्य बातें

  • ब्रिटेन, दवा कंपनी फाइजर-बायोएनटेक के कोविड-19 टीके को मंजूरी देने वाला पहला देश बन गया
  • कोरोना वायरस को काबू करने के लिए टीकाकरण की शुरुआत का रास्ता साफ हो गया है
  • एमएचआरए ने बताया कि यह वैक्सीन उपयोग में लाने के लिए सुरक्षित है

ब्रिटेन बुधवार (02 दिसंबर) को Pfizer-BioNTech COVID-19 वैक्सीन को इस्तेमाल करने के लिए मंजूरी देने वाला दुनिया का पहला देश बन गया और उसने कहा कि इसे अगले हफ्ते की शुरुआत से कोरोना वैक्सीन जारी कर दी जाएगी। सरकार ने कहा कि आज इंडिपेंडेंट मेडिसिन एंड हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स रेगुलेटरी एजेंसी (एमएचआरए) की सिफारिश को स्वीकार कर लिया गया है ताकि फाइजर-बायोएनटेक के कोविड-19 वैक्सीन को इस्तेमाल के लिए मंजूरी मिल सके। वैक्सीन अगले सप्ताह से पूरे ब्रिटेन में उपलब्ध कराया जाएगा।

फाइजर ने कहा कि कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में यह ऐतिहासिक क्षण है। सीईओ अल्बर्ट बोरला ने कहा कि यह ऑथराइजेशन एक ऐसा लक्ष्य है जिसकी ओर हम काम कर रहे हैं क्योंकि हमने पहली बार घोषित किया है कि विज्ञान जीत जाएगा। और हम एमएचआरए की सावधानीपूर्वक मूल्यांकन करने और यूके के लोगों की सुरक्षा में मदद करने के लिए समय पर कार्रवाई करने की क्षमता की सराहना करते हैं।

प्राथमिकता के आधार पर लगेगा कोरोना टीका

ब्रिटेन की वैक्सीन कमेटी तय करेगी कि प्राथमिकता वाले समूहों को सबसे पहले किसे मिलेगा जैसे कि केयर होम रेजिडेंटेस, हेल्थ एंड केयर स्टाफ, बुजुर्ग और ऐसे लोग जो मेडिकल रूप से बेहद कमजोर हैं। Pfizer-BioNTech और बायोटेक कंपनी Moderna दोनों ने 90% से अधिक असरदार होने की रिपोर्ट दी है। उनकी वैक्सीन ट्रायल में अप्रत्याशित रूप से हाई रेट थी। दोनों आरएनए (mRNA) टैक्नोलॉजी पर आधारित हैं।

कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए 95% तक असरदार

इस दवा से घातक कोरोना वायरस को काबू करने के लिए व्यापक पैमाने पर टीकाकरण की शुरुआत का रास्ता साफ हो गया है। ब्रिटेन की दवा और स्वास्थ्य उत्पाद नियामक एजेंसी (एमएचआरए) ने बताया कि यह वैक्सीन उपयोग में लाने के लिए सुरक्षित है। दावा किया गया था कि यह वैक्सीन कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए 95% तक असरदार रहा है। प्रसिद्ध और प्रमुख अमेरिकी दवा कंपनी फाइजर और जर्मन कंपनी बायोएनटेक ने साथ मिलकर इस वैक्सीन को विकसित किया है। कंपनी ने हाल में दावा किया था कि परीक्षण के दौरान उसका टीका सभी उम्र, नस्ल के लोगों पर कारगर रहा।

ब्रिटेन को 2021 के अंत तक दवा की 4 करोड़ खुराक मिलने की संभावना

ब्रिटेन सरकार ने एमएचआरए को कंपनी द्वारा मुहैया कराए गए आंकड़ों पर गौर कर यह देखने को कहा था कि क्या यह गुणवत्ता, सुरक्षा और असर के मामले में सभी मानकों पर खरा उतरता है। ब्रिटेन को 2021 के अंत तक दवा की 4 करोड़ खुराक मिलने की संभावना है। इतनी खुराक से देश की एक तिहाई आबादी का टीकाकरण हो सकता है।

ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री मैट हैंकॉक ने पिछले महीने कहा था कि नियामक से मंजूरी मिल जाने पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) टीकाकरण करने के लिए तैयार है। एनएचएस के पास टीकाकरण का व्यापक अनुभव है और उसके पास सारी व्यवस्थाएं भी हैं। टीके का उत्पादन बायोएनटेक के जर्मनी स्थित केंद्रों के साथ ही फाइजर की बेल्जियम स्थित यूनिट में किया जाएगा।


 

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