Sputnik V: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का अगले सप्ताह से बड़े पैमाने पर टीकाकरण का आदेश

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 2, 2020, 08:42 PM IST

Sputnik V vaccine: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अलगे हफ्ते से रूसी नागरिकों को कोरोना वायरस वैक्सीन देने का आदेश दिया है। रूसी नागरिकों को रूसी वैक्सीन स्पुतनिक वी लगाया जाएगा।

Sputnik V: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का अगले सप्ताह से बड़े पैमाने पर टीकाकरण का आदेश

नई दिल्ली: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अधिकारियों को अगले सप्ताह से रूस में कोरोना वायरस वैक्सीन स्पुतनिक वी का टीकाकरण शुरू करने का आदेश दिया है। स्पुतनिक वी टीका रूसी नागरिकों के लिए नि:शुल्क होगा। ये खबर तब आई है जब ब्रिटेन फाइजर-बायोएनटेक के कोविड-19 वैक्सीन को मंजूरी देने वाला पहला देश बन गया है। इस तरह कोरोना वायरस को नियंत्रित करने के लिए अगले सप्ताह से टीकाकरण की शुरुआत का मार्ग प्रशस्त हो गया है। रूस ने पहले घोषणा की थी कि स्पुतनिक वी टीका 95 प्रतिशत प्रभावशाली है। पुतिन ने स्वास्थ्य अधिकारियों को अगले हफ्ते व्यापक टीकाकरण शुरू करने के लिए कहा है। रूस ने अपनी स्पुतनिक वी वैक्सीन की लगभग 2 मिलियन खुराक का उत्पादन कर लिया है। रूस में शिक्षकों और चिकित्साकर्मियों को सबसे पहले वैक्सीन दी जिएगी।

भारत में ट्रायल शुरू

वहीं डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज और रूसी डायरेक्ट इनवेस्टमेंट फंड (RDIF) ने कहा है कि उन्होंने स्पुतनिक-वी टीके का भारत में दूसरे और तीसरे चरण का नैदानिक परीक्षण शुरू किया है। उन्होंने कहा कि कसौली स्थित केंद्रीय औषधि प्रयोगशाला से आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद परीक्षण शुरू हो गया है। यह परीक्षण कई स्थानों पर हो रहा है। जेएसएस मेडिकल रिसर्च को नैदानिक अनुसंधान साझेदार बनाया गया है। सितंबर में डॉ रेड्डीज और आरडीआईएफ ने स्पुतनिक-वी वैक्सीन के नैदानिक परीक्षण और भारत में शुरुआती 10 करोड़ खुराक के वितरण के लिए साझेदारी की थी। 

स्पुतनिक-वी क्लिनिकल परीक्षणों के तीसरे चरण में 40,000 स्वयंसेवक हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें से 22,000 से अधिक स्वयंसेवकों को वैक्सीन की पहली खुराक दे दी गई है। इसके अलावा 19,000 से अधिक लोगों को पहली और दूसरी खुराक भी दी जा चुकी है। पहली खुराक के बाद 28वें दिन वैक्सीन के लिए 91.4 प्रतिशत प्रभावकारिता दिखाई गई है। इसके अलावा पहली खुराक के 42 दिनों के बाद 95 प्रतिशत से अधिक प्रभावकारिता की बात कही गई है।

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