PAK पुलिस की बर्बरता, बलूचिस्‍तान में महिला को निर्वस्‍त्र कर नाचने पर किया मजबूर

पाकिस्तान के बलूचिस्‍तान प्रांत में पुलिस व आर्मी स्‍थानीय लोगों पर किस कदर जुल्‍म ढाती है, यह एक बार फिर सामने आया है। यहां हिरासत में ली गई एक महिला को निर्वस्‍त्र कर डांस करने पर मजबूर किया गया और यह सब किसी और ने नहीं, बल्कि एक महिला पुलिस निरीक्षक ने ही किया।

PAK पुलिस की बर्बरता, बलूचिस्‍तान में महिला को निर्वस्‍त्र कर नाचने पर किया मजबूर
PAK पुलिस की बर्बरता, बलूचिस्‍तान में महिला को निर्वस्‍त्र कर नाचने पर किया मजबूर (iStock)  |  तस्वीर साभार: Representative Image

कराची : पाकिस्तान की सेना और पुलिस बलूचिस्तान प्रांत में स्‍थानीय लोगों पर किस कदर जुल्‍म ढाती है, इसकी कई रिपोर्ट सामने आ चुकी है। अब एक बार फिर ऐसा ही मामला सामने आया है, जो मानवता को शर्मसार कर देने वाली है। यहां एक महिला पुलिस अधिकारी ने ही एक महिला कैदी के साथ अमानवीय बर्ताव किया और उसे कपड़े उतारकर जेल में अन्‍य लोगों के सामने नाचने को मजबूर किया।

यह मामला बलूचिस्‍तान की राजधानी क्‍वेटा का बताया जा रहा है, जहां महिला पुलिस इंस्‍पेक्‍टर के खिलाफ एक महिला कैदी के साथ अमानवीय व्‍यवहार का गंभीर आरोप लगा है। मामला सामने आया और इसके खिलाफ आवाज उठी तो पाकिस्‍तान पुलिस को एक्‍शन लेना पड़ा। शुरुआती जांच में महिला पुलिस इंस्‍पेक्‍टर के खिलाफ आरोपों को सही पाया गया, जिसके बाद उसे सेवा से बर्खास्‍त कर दिया गया।

महिला कैदी पर बच्‍चे की हत्‍या का आरोप

क्वेटा के पुलिस उप महानिरीक्षक मुहम्मद अजहर अकरम ने बताया, हिरासत के दौरान महिला कैदी के साथ अमानवीय व्यवहार और पुलिस अधिकारी द्वारा अपने अधिकारों के दुरुपयोग के आरोपों की जांच के लिए गठित समिति ने इंस्‍पेक्‍टर शबाना इरशाद को दोषी पाया है। जांच में सामने आया है महिला पुलिस निरीक्षक ने एक महिला को हिरासत में लिया था। महिला पर क्वेटा के जिन्ना टाउनशिप में बच्चे की हत्या का आरोप है।

महिला पुलिस इंस्‍पेक्‍टर इसी मामले में पूछताछ के लिए उसे थाने लेकर गई थी, जहां न केवल उसे निर्वस्‍त्र किया गया, बल्कि जेल में अन्य कैदियों के सामने नाचने पर भी मजबूर किया गया। महिला पुलिस इंस्‍पेक्‍टर ने अपने बचाव में कुछ नहीं कहा है। जांच रिपोर्ट के बाद महिला पुलिस इंस्‍पेक्‍टर को बर्खास्‍त कर दिया गया है, जबकि बच्‍चे की हत्‍या की आरोपी महिला को अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

महिला पुलिस इंस्‍पेक्‍टर बर्खास्त

मुहम्मद अजहर अकरम ने कहा, सुरक्षा के लिहाज से जेल में महिला कैदियों से पूछताछ के लिए केवल महिला पुलिस निरीक्षक को ही अधिकृत किया गया है। लेकिन इस तरह के अमानवीय कृत्‍यों को बर्दाश्‍त नहीं किया जाएगा। अगर महिला निरीक्षक एक महिला कैदी के साथ ऐसा कर सकती है और अपने अधिकारों का दुरुपयोग करती है तो उसके खिलाफ एक्‍शन लिया जाएगा। इस मामले में जांच के बाद दोषी पाई गई महिला पुलिस इंस्‍पेक्‍टर को बर्खास्त कर दिया गया है।

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