पाक के सबसे अमीर शख्स और पीएम को भारत से आस, दिखाई दे रहा है ये संकट

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 7, 2022, 08:23 PM IST

Pakistan Crisis: पाकिस्तान के सबसे अमीर शख्स मियां मांशा ने एक बार फिर भारत के साथ व्यापार शुरू करने की वकालत की है। उन्होंने कहा  हमें भारत के साथ व्यापार शुरू करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि क्या हमने अब तक जो कुछ किया उससे हमें कश्मीर मिल गया ।

पाक के सबसे अमीर शख्स और पीएम को भारत से आस, दिखाई दे रहा है ये संकट
Photo Credit: BCCL

Pakistan Crisis: पाकिस्तान में 200 रुपये से ज्यादा की कीमत पर पेट्रोल-डीजल (Petrol-Diesel) बिक रहा है, आयात के लिए डेढ़ से दो महीने की विदेशी मुद्रा (Forex) हैं और उस पर 53 लाख करोड़ रुपये (पाकिस्तानी रुपया) का कर्ज है। और वह पहले से ही FTA के ग्रे लिस्ट में है। इस बदहाल हालत में अब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से लेकर वहां के सबसे अमीर शख्स को भारत याद आ रहा है। उनकी कोशिश है कि भारत के साथ किसी तरह फिर से व्यापार शुरू हो जाए। क्योंकि अगर ऐसा होता है तो पाकिस्तान को आर्थिक कुचक्र से निकलने में बड़ी मदद मिल सकती है। लेकिन उनकी इस ख्वाहिश के बीच पाकिस्तान की आतंकवाद परस्त नीति आड़े आती है। शायद इसलिए पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ने तो यहां तक कह दिया है कि पाकिस्तान के तीन टुकड़े हो जाएंगे। भारत और पाकिस्तान (Pakistan) के बीच अगस्त 2019 से व्यापार बंद है।

सबसे अमीर शख्स बोले- क्या कश्मीर मिल गया

हाल ही में एक टीवी डिबेट में पाकिस्तान के सबसे अमीर शख्स मियां मांशा ने एक बार फिर भारत के साथ व्यापार शुरू करने की वकालत की है। उन्होंने कहा  हमें भारत के साथ व्यापार शुरू करना चाहिए।संबंध अच्छे होंगे तो हमारे बिजनसमैन उनके बिजनसमैन के साथ काम करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि 'क्या हमने अब तक जो कुछ किया उससे हमें कश्मीर मिल गया ' इसके पहले भी उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान की हर मर्ज की दवा हो जाएगी बशर्ते उसे भारत की राह पर चलना होगा। इसी तरह कुछ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा है कि  पाकिस्तान और भारत को पारस्परिक रूप से व्यापार से बहुत कुछ हासिल करना है। हम उस आर्थिक फायदे से परिचित हैं जो भारत के साथ एक स्वस्थ व्यापार गतिविधि से हासिल किया जा सकता है। 

पाकिस्तान के बुरे आर्थिक हालात

चाहे मियां मांशा हो या फिर शहबाज शरीफ सभी इसलिए परेशान हैं क्योंकि पाकिस्तान के आर्थिक हालात उसे श्रीलंका की राह पर ले जा रहे हैं। मसलन वहां पर एक हफ्ते पेट्रोल-डीजल के दाम 60 रुपये प्रति लीटर बढ़ चुके हैं। पाकिस्तान में 6 जून को पेट्रोल की कीमत 209.86 रुपये , डीजल की कीमत 204.15 रुपये, केरोसिन की  181.90 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है। ट्रेडिंग इकोनॉमिक्स के अनुसार उसका विदेशी मुद्रा भंडार ऐतिहासिक गिरावट के साथ 17.47 अरब डॉलर पर आ गया है। जो कि उसकी आयात जरूरतों को डेढ़ से दो महीने ही पूरी कर सकता है। और खाद्य महंगाई दर 17.25 फीसदी पर है, जबकि रिटेल महंगाई दर 9.7 फीसदी पर है। बिगड़ते हालात अब उसे भारत से उम्मीद दिखाई दे रही है।

ग्रे लिस्ट में है पाकिस्तान

अगस्त 2019 में जब भारत ने जम्मू और कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटा दिया था, उसके बाद पाकिस्तान ने भारत के साथ व्यापार बंद कर दिया था। अगर भारत पाकिस्तान के साथ व्यापार की बात की जाय है तो 2018-19 में भारत ने पाकिस्तान करीब 2 अरब डॉलर का निर्यात किया था। जबकि पाकिस्तान से केवल 488 मिलियन डॉलर के करीब आयात हुआ था। भारत से पाकिस्तान प्रमुख रूप से कपड़ा उद्योग और चीनी उद्योग पर निर्भर है। इसके अलावा सीमेंट, सूखे मेवे आदि भारत आयात करता रहा है। लेकिन भारत के सख्त रुख की वजह से पाकिस्तान अभी तक ग्रे लिस्ट से बाहर नहीं आ पाया है। इस कारण उसके लिए दूसरे देशों से कर्ज लेने से लेकर कारोबार में दिक्कत आ रही हैं। पाकिस्तान मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादी गतिविधियों को फाइनेंशियल सपोर्ट में कमी नहीं लाने के लिए कदम न उठा पाने के कारण 2018 से ग्रे लिस्ट में है।

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