संकट की घड़ी में भी नहीं सुधरा पाक, PoK में गाड़ियों में भरकर भेज रहा कोरोना के मरीज

दुनिया
Updated Mar 26, 2020 | 16:24 IST

Pakistan : इन इलाकों में पाकिस्तान द्वारा क्वरेंटाइन केंद्र बनाए जाने का स्थानीय लोगों ने विरोध किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उनके यहां पहले से ही स्वास्थ्य एवं अन्य जरूरी सुविधाओं का अभाव है।

Pakistan army forcibly moving COVID-19 patients to PoK and Gilgit
पीओके में कोरोना के मरीज भेज रहा पाकिस्तान।  |  तस्वीर साभार: ANI

मुख्य बातें

  • मीरपुर सहित पीओके में कई जगहों पर क्वरेंटाइन केंद्र बनाए गए हैं
  • स्थानीय लोगों में महामारी फैलने की दहशत, कर रहे विरोध
  • पंजाब से वाहनों में भरकर मरीजों को लाया जा रहा पीओके में

मीरपुर (पीओके) : संकट की घड़ी में भी पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। पाकिस्तान की सेना ने पंजाब प्रांत में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों को अपने कब्जे वाले कश्मीर और गिलगिट बाल्टिस्तान में भेजना शुरू कर दिया है। पाकिस्तानी सेना के इस कदम का स्थानीय लोगों ने विरोध किया है। पीओके और गिलगिट बाल्टिस्तान पिछड़ेपन का शिकार हैं और इन दोनों क्षेत्रों के साथ सौतेला व्यवहार होता आया है। यहां के लोग पाकिस्तानी सेना के खिलाफ आवाज उठाते आए हैं लेकिन वहां की फौज लोगों की आवाज दबाती रही है।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक पीओके के सूत्रों ने इस बात का खुलासा किया है कि मीरपुर सहित पीओके में कई क्वरेंटाइन केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों में पंजाब प्रांत के कोविड-19 से संक्रमित मरीजों को रखा गया है। पाकिस्तानी सेना के हुक्मरानों ने आदेश दिया है कि सेना मुख्यालय और सेना परिवार के आस-पास कोरोना का कोई भी मरीज नहीं होना चाहिए। सेना के इस आदेश के बाद  कोरोना के मरीजों को वाहनों में भरकर मीरपुर शहर, पीओके के अन्य इलाकों एवं गिलगिट बाल्टिस्तान में पहुंचाया जा रहा है। 

स्थानीय लोग नाराज
इन इलाकों में पाकिस्तान द्वारा क्वरेंटाइन केंद्र बनाए जाने का स्थानीय लोगों ने विरोध किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उनके यहां पहले से ही स्वास्थ्य एवं अन्य जरूरी सुविधाओं का अभाव है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि कोरोना के मरीजों के चलते यह पूरा क्षेत्र महामारी की चपेट में आ जाएगा। इससे स्थानीय कश्मीरी लोगों की पहचान एवं उनका जीवन खतरे में पड़ जाने का डर है। पाकिस्तान को पीओके एवं गिलगिट-बाल्टिस्तान की फिक्र नहीं है क्योंकि राजनीतिक रूप से ये क्षेत्र उसके लिए पंजाब की तरह अहमियत नहीं रखते। 

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महामारी फैलने का खतरा
मुजफ्फराबाद के लोग इस बात से भयभीत हैं कि उनका क्षेत्र महामारी की चपेट में आने जा रहा है। लोगों का कहना है कि उनके यहां इस तरह की महामारी को फैलने से रोकने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सुरक्षा के विशेष केंद्र नहीं हैं। लोगों का कहना है कि पाकिस्तान की सेना केवल पंजाब के बारे में सोच रही है। मुजफ्फराबाद के कारोबारी जफर इस्माइल का कहना है, 'हम देख रहे हैं कि पंजाब के अस्पतालों से कोरोना वायरस के मरीजों को मुजफ्फराबाद में लाया जा रहा है। पाकिस्तानी सेना के इस दगाबाजी से हम लोग काफी डरे हुए हैं।'

केवल पंजाब के बारे में सोच रहा पाक
उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान की सेना केवल पंजाब के बारे में सोच रही है और वह चाहती है कि पंजाब कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों से मुक्त हो जाए। वे कश्मीरी और गिलगिट को कूड़ेदान की तरह ले रहे हैं।' पीओके के राजनीतिक एक्टिविस्ट डॉ.अमजद अयूब मिर्जा ने कहा, 'एक तरफ हम सोशल डिस्टैंसिंग पर जोर दे रहे हैं। दूसरी तरफ पाकिस्तान सरकार यहां लोगों को जबरन भेज रही है।'

पाकिस्तान में 1000 से ज्यादा कोरोना के मरीज
बता दें कि पाकिस्तान में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 1000 से ज्यादा हो गई है। अकेले सिंध प्रांत से 400 से ज्यादा कोरोना के मरीज सामने आए हैं। यह राज्य इस वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। जबकि पंजाब प्रांत में कोरोना के करीब 300 केस मिले हैं। खैबर पख्तूनख्वा में कोरोना के 78 मामलों की पुष्टि हुई है।

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